अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान पर सैन्य एक्शन लेने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने ईरान से कहा है कि एक विशाल नौसैनिक बेड़ा तेजी से बढ़ रहा है. यह बेड़ा पूरी ताकत, उत्साह और स्पष्ट उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहा है. विशालकाय जहाज अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में यह बेड़ा उसे बेड़े से भी बड़ा है, जिसे वेनेजुएला की ओर भेजा गया था.
ट्रंप ने ईरान से कहा है कि बातचीत की टेबल पर आओ, नहीं तो पिछले साल जून में किए गए हमले से कहीं ज्यादा भयंकर अटैक करेंगे.
अमेरिकी नेवी का विशालकाय बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा: ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “अगर ईरान ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की या हिरासत में लिए गए लोगों को बड़े पैमाने पर फांसी दी, तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है.”
ट्रंप ने कहा, “वेनेजुएला की तरह ही विशालकाय जहाज अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में अमेरिकी नेवी आगे बढ़ रही है. ये बेड़ा भी पूरी तरह सक्षम है और जरूरत पड़ने पर अत्यंत तेजी और के साथ अपने मिशन को अंजाम देने में कोई संकोच नहीं करेगा. उम्मीद है कि ईरान जल्दी बातचीत की टेबल पर आएगा और एक न्यायपूर्ण एवं संतुलित समझौते पर बातचीत करेगा.”
ऑपरेशन मिडनाइट हैमर को याद करो, इस बार और भयंकर हमला होगा: ट्रंप
ट्रंप ने कहा, “मैंने पहले भी ईरान से कहा था, समझौता करो. उन्होंने समझौता नहीं किया और जून 2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर हुआ, जिसने ईरान को बुरी तरह तबाह कर दिया. अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयानक होगा. ईरान परमाणु समझौते पर तैयार होगा. बिना किसी परमाणु हथियार के ऐसा समझौता जो सभी पक्षों के लिए बेहतर हो क्योंकि समय तेजी से निकल रहा है और हालात निर्णायक मोड़ पर हैं.”
आपको बता दें कि पिछले साल जून में ईरान के खिलाफ अमेरिका ने खतरनाक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में सिर्फ 25 मिनट में अंदर ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फाहान पर अमेरिकी वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की थी.
ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार, कहा- अफगानिस्तान, इराक वाली गलती दोहरा रहा अमेरिका
संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत ईरान मिशन ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का कड़ा जवाब दिया है. ईरान मिशन ने एक्स पर लिखा, “पिछली बार जब अमेरिका ने अफगानिस्तान और इराक में युद्ध छेड़कर गलती की थी, तब उसने 7 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की रकम बर्बाद कर दी थी और 7,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों की जान गंवाई थी. ईरान आपसी सम्मान और हितों पर आधारित बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अगर उसे मजबूर किया गया, तो वह अपनी रक्षा करेगा और पहले से कहीं अधिक जोरदार जवाब देगा!”
तेहरान ने किसी बातचीत की मांग नहीं की: ईरानी विदेश मंत्री
ट्रंप चाहते हैं, कि “ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु को लेकर बातचीत की जाए और समझौता है. लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का दावा है कि अमेरिका ने कोई भी बातचीत की बात की ही नहीं है. अराघची ने कहा है कि हाल के दिनों में उनकी अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही ईरान ने किसी बातचीत की मांग की है.”
इस बीच मिडिल ईस्ट में जबर्दस्त तनाव है. अमेरिकी सेना ने साउथ चाइना सी से अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मध्य पूर्व की ओर मोड़ दिया है, जो क्षेत्र में सैन्य दबाव बढ़ा रहा है. लेकिन ईरान ने भी कह दिया है कि वो अमेरिका से रक्षा करने में सक्षम है.

