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मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरु, ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला

मिडिल ईस्ट में बज चुका है युद्ध का सायरन, इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर किया है बड़ा हमला. शनिवार को एक साथ ईरान की राजधानी तेहरान समेत अलग-अलग शहरों के 30 स्थानों पर इजरायली डिफेंस फोर्स ने अटैक किया. ज्यादातर हमले तेहरान में किए गए हैं. ईरान के राष्ट्रपति भवन के बेहद करीब बम गिराए गए हैं. सर्वोच्च लीडर अयातुल्ला खामेनेई के ठिकानों पर घातक हमला किया गया है. बताया जा रहा है अमेरिका-इजरायल के टारगेट पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई हैं, लेकिन वो इस हमले में बच गए हैं, क्योंकि पहले ही उन्हें एक सीक्रेट जगह पर भेज दिया गया है,

एक के बाद एक बमबारी के हमले के बाद धुएं से तेहरान का आसमान ढक गया है. हर ओर चीखपुकार मच गई है. इराक के एयरस्पेस का इस्तेमाल करते हुए ईरान पर ये हमला किया गया. इस हमले के फौरन बाद ईरानी पलटवार के मद्देनजर इराक ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है.

इस हमले को लेकर अमेरिका ने अपना बयान जारी किया है. कहा है ईरान पर किए गए हमले अमेरिका और इजरायल की जॉइंट सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है. आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से जेनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच न्यूक्लियर हथियारों के समझौते को लेकर कई राउंड की बातचीत हो चुकी है, लेकिन बातचीत डीरेल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को लेकर चेतावनी दी थी.

ईरान के 30 जगहों पर हमला, तेहरान में हड़कंप

शनिवारको सुबह अमेरिका और इजरायल की मिसाइलों ने ईरान के शहरों को दहला दिया. राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में 30 अटैक किए गए. ये अटैक ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हैं. इजरायल ने ईरान के राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया है, इसके अलावा ईरानी खुफिया एजेंसी के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया है. ईरान के राष्ट्रपति भवन और सुप्रीम नेता अली खामेनेई  के आवास पर 7 मिसाइलें गिरी हैं. इससे काफी नुकसान हुआ है. बताया जा रहा है कि इन हमलों में आईआरजीसी के सैकड़ों जवान हताहत हुए हैं. तेहरान में कई जगहों पर इजरायल के हमले के बाद आग की लपटें और ऊंचा काला धुआं उठते देखा जा रहा है.  कई जगहों पर लोग भागते और चीखपुकार करते नजर आए. यह हमले तब हुए हैं, जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु वार्ता में कोई प्रगति नहीं हुई है.

ईरान में कहां-कहां हुआ हमला

ईरान की राजधानी तेहरान के अलावा कॉम,तबरेज,करमनशाह,कराज और इस्फहान में हमला किया गया है. इस्फहान में ईरान की न्यूक्लियर साइट है. इस जगह पिछले साल जून में भी अमेरिका ने हमला किया था.हाल ही में सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ था कि ईरान ने एक बार फिर से इस्फहान में न्यूक्लियर संवर्धन के लिए काम शुरु किया था. अमेरिका और इजरायल की सेना ने ईरान के रक्षा मंत्रालय ,खुफिया मुख्यालय, सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का ऑफिस, एटॉमिक एनर्जी ऑफ ईरान और परचीन पर भारी नुकसान पहुंचाया है.

ईरान की नेवी को खत्म करके दम लेंगे : डोनाल्ड ट्रंप

ईरान पर हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, कि “ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बन सकता है. हम ईरान की नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं. ट्रंप कहा कि अमेरिका ने ईरान के अंदर ऑपरेशन शुरू किए हैं. क्योंकि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा था. ऐसे में ईरान से अमेरिका और दूसरों को खतरा है. हम ईरान की मिसाइलों को तबाह कर देंगे.”

संघर्ष उन्होंने शुरु किया, खत्म हम करेंगे: ईरान

इन हमलों के बाद ईरान की ओर से कड़ा संदेश दिया गया है. तेहरान ने साफ कहा कि “संघर्ष को हम खत्म करेंगे.”

वहीं ईरान पर लड़ाकू विमानों और मिसाइलों से जारी हमले के बीच सुप्रीम नेता खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है. बताया जा रहा है कि हालिया दिनों में जब से तनाव बढ़ा था, उसी वक्त खामेनेई को अंडरग्राउंड कर दिया गया था. क्योंकि अमेरिका-इजरायल, तेहरान की कट्टर इस्लामिक सरकार को खत्म करना चाहता है. इसी के बाद से खामेनेई को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं देखा गया था.

ईरान पर हमले के लिए इराक-सीरिया के एयरस्पेस का इस्तेमाल

पिछले कई दिनों से अमेरिका के घातक युद्धपोतों ने डेरा डाल रखा था. यूएसएस अब्राह्म लिंकन और यूएसएस गेराल्ड को अलर्ट मोड पर रखा गया था. तो पहली बार इजरायल में अमेरिका के सबसे घातक एफ 22 रैप्टर लड़ाकू विमान तैनात किए गए थे. बताया जा रहा है कि इराक और सीरिया के एयरस्पेस का इस्तेमाल करके अमेरिका-इजरायल ने हमला किया. इराक के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि पड़ोसी देश ईरान पर इजरायली हवाई हमलों के बाद देश का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है.

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