फारस की खाड़ी में भले अमेरिका और ईरान में इनदिनों तलवार खींची हुई है, लेकिन जल्द भारत में दोनों देशों (अमेरिका और ईरान) के जंगी जहाज एक कतार में खड़े पाए जाएंगे. मौका होगा, भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर)-2026 का, जिसे 18 फरवरी को विशाखापट्टनम में आयोजित किया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, आईएफआर-2026 में मित्र-देशों के करीब 20 जंगी जहाज हिस्सा ले रहे हैं. इनमें अमेरिका का यूएसएस पिंसकेनी, ईरान का आईआरआईएनएस डिना, रूस का आरएफएस मार्शल शापोशिनिकोव और बांग्लादेश का बीएनएस समुद्र अविजन शामिल है.
खामेनेई शासन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के बाद अमेरिका ने खोला मोर्चा
हाल में ईरान में हुई अराजकता और हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद से अमेरिका ने खामनेई शासन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. अमेरिका ने अपने एयरक्राफ्ट कैरियर सहित एक बड़े जंगी बेड़े को फारस की खाड़ी में तैनात कर रखा है. पलटवार करते हुए ईरान ने भी अपने नेवी को अलर्ट पर रखा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच जंग के हालात पैदा हो गए हैं.
भारत की ईरान और अमेरिका, दोनों से मजबूत समुद्री-संबंध हैं. ऐसे में दोनों देशों ने मिलिट्री डिप्लोमेसी के तहत अपने-अपने जंगी जहाज को भारत भेजा है. माना जा रहा कि आईएफआर में कुल 100 देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे. (https://x.com/IndiannavyMedia/status/2021209262572306479?s=20)
राष्ट्रपति करेंगी भारतीय नौसेना और मित्र-देशों की नौसेनाओं के जंगी बेड़े की समीक्षा
दस वर्ष में एक बार होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में राष्ट्रपति (और सुप्रीम कमांडर) द्रौपदी मुर्मू, भारतीय नौसेना सहित मित्र-देशों के जंगी बेड़े की समीक्षा करेंगी. इसके लिए नौसेना ने सुप्रीम कमांडर के लिए एक जंगी जहाज को विशेष प्रेसिडेंशियल योट में तब्दील किया है.
इस बार आईएफआर में भारतीय नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत सहित करीब 60 जंगी जहाज हिस्सा ले रहे हैं. इसके अलावा तीन (03) पनडुब्बियां, मिग-29 फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और टोही विमान पी8आई हिस्सा लेंगे. (https://x.com/indiannavy/status/2021407675469430895?s=20)
आखिरी बार, वर्ष 2016 में भारतीय नौसेना ने आईएफआर का आयोजन किया था, जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जंगी बेड़े की समीक्षा की थी. उस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रेसिडेंशियल योट में मौजूद थे.

