By Nalini Tewari
मिडिल ईस्ट में भड़की जंग की चपेट में आया तुर्किए ईरान के साथ खड़ा हो गया है. मुस्लिम देशों के स्वघोषित खलीफा यानि तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन ने देर से ही सही ईरान पर हमले का खुलकर विरोध किया है. राष्ट्रपति एर्दोगन ने ईरान युद्ध फौरन रोकने की मांग करते हुए कहा है कि न तो यहां कोई सुन्नी हैं और न ही शिया. हम सब मुसलमान हैं. मुश्किल वक्त में अपने भाईयों से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है.
एर्दोगन का बयान ऐसे वक्त में आया है, जब इजरायल के पूर्व पीएम नेफ्ताली बेनेट ने एक बार फिर से इस बात पर जोर दिया है कि तुर्किए, दूसरा ईरान बनने को तैयार है. तुर्किए सुन्नी देशों का एक ऐसा एक्सिस तैयार कर रहे हैं, जो दुनिया के लिए चैलेंज बन जाएगा.
मुश्किल में भाईयों से मुंह नहीं मोड़ने वाला, ईरान पर रोके जाए हमले: एर्दोगन
अंकारा में सत्तारूढ़ दलों के सांसदों से बात करते हुए राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोआन ने पहली बार ईरान पर बात करते हुए कहा- “न तो मैं सुन्नी हूं और न ही वे शिया. हम सब लोग मुसलमान हैं. यह वक्त समर्थन देने का है. यह वक्त जंग रोकने का है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो पूरी दुनिया जल उठेगी. मैं ऐसा नहीं हूं, जो संकट के वक्त अपने भाईयों से मुंह मोड़ लूं. मैं बोलूंगा और युद्ध रुकवाने का कोशिश करूंगा.”
दरअसल तुर्किए के राष्ट्रपति की चुप्पी पर सांसदों में रोष बढ़ रहा था. तुर्की संसद के स्पीकर ने ईरान में मरने वाले लोगों की तुलना गाजा से करते हुए कहा, – “हम चुप नहीं रह सकते हैं. निर्दोष लोगों की हत्या की जा रही है. ऐसे में चुप रहना सही नहीं है.”
जंग इजरायल के कारण शुरु हुई, तुर्किए ने दिया मध्यस्थता का प्रस्ताव
एर्दोगन ने कहा, “युद्ध की शुरुआत करने के पीछे इजरायल है. इजरायल के कारण ही युद्ध शुरु हुआ है. इस युद्ध को फौरन रोकना होगा. अगर अमेरिका कूटनीति को प्राथमिकता देता है तो युद्ध रुक सकता है. तुर्किए मिडिल ईस्ट में भड़के युद्ध को रोकने में सक्रिय भागीदारी निभा सकता है.”
तुर्किए ने इससे पहले भी अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता की कोशिश की थी.
आपको बता दें कि इसी सप्ताह तुर्किए पर भी मिसाइल दागी गई थी. तुर्किए ने दावा किया कि तुर्किए के हवाई क्षेत्र में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल घुस गई थी, जिसे नाटो की हवाई रक्षा प्रणाली ने मार गिराया. माना जा रहा है कि यह तुर्किए स्थित इंसिरलिक हवाई अड्डे पर तैनात अमेरिकी वायु सेना को निशाना बनाकर दागी गई थी.
दूसरा ईरान बन रहा तुर्किए, सुन्नी एक्सिस बना रहा: नेफ्ताली बेनेट
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने एक बार फिर कहा कि तुर्किए भी ईरान की राह पर है. वहां पर सुन्नी मुसलमानों का एक समूह तैयार किया जा रहा है. इस समूह में हमास, कतर और सीरिया है. इन समूहों का लक्ष्य इजरायल को नुकसान पहुंचाना है.
पिछले महीने भी बेनेट ने ये कहकर सनसनी फैला दी थी कि तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोगन, सुन्नी देशों के साथ मिलकर इजरायल की घेराबंदी में जुटे हुए हैं. बेनेट ने एक कार्यक्रम में कहा, कि “तुर्किए, कतर, पाकिस्तान जैसे देशों के साथ बेहद ही खतरनाक रणनीति पर काम कर रहे हैं, जो इजरायल के लिए भविष्य में मुश्किल पैदा कर सकती है. तुर्किए और कतर मिलकर ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ जैसी विचारधाराओं को बढ़ावा दे रहे हैं.”
बेनेट ने कहा, ईरान ‘हिजबुल्लाह’ और ‘हुती’ जैसे गुटों के जरिए इजरायल पर दबाव बनाता है, क्षेत्रीय असुरक्षा बढ़ाता रहा है, वहीं तुर्की अपनी कूटनीति और आर्थिक ताकत का इस्तेमाल करके सुन्नी देशो के साथ मिलकर गंभीर चुनौती दे रहा है. बेनेट ने कहा, “तुर्किए नाटो का सदस्य है, बावजूद इसके वो एक समानांतर ग्रुप बना रहा है और मुस्लिम देशों को एकजुट करके इजरायल के लिए खतरा बन रहा है.”

