रमजान के पवित्र महीने में पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच सैन्य तनातनी बढ़ती ही जा रही है. इस्लामिक अमीरात अफगानिस्तान के गृह मामलों के मंत्री खलीफा सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर को सीधे-सीधे चुनौती दे डाली है और इतिहास याद रखने को कहा है. खोस्त प्रांत में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हक्कानी ने हुंकार भरते हुए कहा, कि चाहें तो एक दिन में ही पाकिस्तान का नक्शा बदल देंगे. इसलिए असीम मुनीर को अपने पूर्वजों से पूछना चाहिए, कि इतिहास में क्या हुआ था.
तालिबान सेना ने डूरंड लाइन के आसपास मौजूद पाकिस्तान सेना के दो बेस समेत 19 पोस्ट कब्जा लिए हैं. बॉर्डर पर भयंकर संघर्ष है. तो पाकिस्ताम ने तालिबान के 200 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है. दोनों देश अपने-अपने दावे कर रहे हैं तो तुर्किए, कतर और सऊदी अरब ने कूटनीतिक पहल शुरु कर दी है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे.
सबक लें असीम मुनीर, इतिहास जानें: हक्कानी
सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान को उसका नक्शा बदलने की धमकी दी है. हक्कानी ने पाकिस्तान को दो टूक कहा कि “अगर नाटो के खिलाफ जंग की तरह एक दिन के लिए भी तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ दें, तो वे पाकिस्तान का नक्शा बदल देंगे. पाकिस्तानी फेल्ड (फील्ड) मार्शल आसिम मुनीर का नाम लेते हुए हक्कानी ने कहा, अगर मुनीर ने अपनी पिछली गलतियों से सबक नहीं लिया, तो उनको भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. असीम मुनीर को अपने पूर्वजों से पूछना चाहिए, और उसे याद करना चाहिए कि अफगानों ने संघर्ष और बलिदान के बल पर अंग्रेजों से अपनी आजादी पाई थी.”
अफगानिस्तान का सम्मान जरूरी, पाकिस्तान से उठी आवाज
पाकिस्तान के राजनीतिक संगठन- जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने भी दोनों देशों के टकराव पर चिंता जताई है. रहमान ने दोनों पक्षों से संयम, संवाद और कूटनीतिक बातचीत करने को कहा है. फजलुर ने कहा, पाकिस्तान की सुरक्षा संबंधी चिंताएं जायज हैं और उन्हें स्वीकार किया जाना चाहिए लेकिन अफगानिस्तान की संप्रभुता और उसकी आंतरिक चुनौतियों का भी सम्मान किया जाना चाहिए. दोनों पक्षों की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं दोनों देशों के लिए जटिलताएं बढ़ा रही हैं. दोनों सरकारों को संतुलित नजरिया अपनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानदंडों के मुताबिक सक्रिय कूटनीतिक प्रयास करने चाहिए. एकतरफा सैन्य एक्शन से अस्थिरता बढ़ेगी.
कतर सक्रिय, मुत्ताकी से की बात, सीजफायर पर दिया जोर
गोलाबारी के बीच अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने कतर के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलैफी से फोन पर बात की है. कतर के साथ बातचीत के दौरान अफगानिस्तान ने कहा, “हमने संप्रभुता पर हमले का जवाब दिया है. तालिबानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के हवाले से कहा, बातचीत के दौरान मुत्ताकी ने क्षेत्रीय मुद्दों, खासकर इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सैन्य शासन के बीच हाल की झड़पों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और रक्षा सेनाओं ने हालिया कार्रवाई अफगानिस्तान की संप्रभुता, हवाई क्षेत्र और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को ध्यान में रखते हुए की है. तय किए गए लक्ष्यों पर सफल सैन्य कार्रवाई की गई.”
बातचीत के दौरान कतर के मंत्री अल-खुलैफी ने दोनों देशों के बीच बुनियादी मुद्दों के स्थायी समाधान की जरूरत बताई. कहा, ” कतर स्थिति को सामान्य करने के लिए संबंधित देशों के साथ तालमेल बिठाकर लगातार प्रयास कर रहा है.”

