भारत और रूस की तेल डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने खारिज कर दिया है.
लावरोव ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के अलावा किसी ने भी ये नहीं कहा है कि भारत, रूस से तेल नहीं खरीदना बंद कर देगा.
लावरोव का दावा है कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.
पीएम मोदी, या किसी भारतीय नेता ने नहीं कहा, कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा: लावरोव
एक सांसद के सवाल के जवाब में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने नई दिल्ली-मॉस्को के तेल डील पर बेबाकी से राय रखी है. लावरोव ने कहा, “आपने उल्लेख किया कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की ओर से रूसी तेल ना खरीदने की सहमति की घोषणा की है. मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अन्य भारतीय नेताओं सहित किसी और से ऐसा कोई बयान नहीं सुना है.”
सर्गेई लावरोव बोले, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में नई दिल्ली में ऊर्जा सुरक्षा को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में से एक बताया था. भारत-रूस के रिश्ते बेहद मजबूत हैं.
भारत-रूस की मित्रता की सीमा नहीं, मोदी-पुतिन ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दी: लावरोव
सर्गेई लावरोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, “दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और समृद्ध किया. इस दौरान कई महत्वपूर्ण संयुक्त दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए, जिन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई दी. दोनों देशों के नेताओं के बीच अगली बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान होने की उम्मीद है.”
लावरोव ने कहा, “रूस भारत के साथ संबंधों को नई दिल्ली की इच्छा के अनुसार और मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। इन संबंधों की कोई सीमा नहीं है.”
पूरी दुनिया पर दबदबा कायम करना चाहता है अमेरिका: लावरोव
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर लावरोव ने आलोचना की. कहा, “अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और दबाव वाले कदमों के जरिए दुनियाभर में दबदबा बनाए रखना चाहता है. ट्रंप प्रशासन के आने के बाद यह नीति और खुलकर दिख रही है.”
लावरोव ने कहा, “अमेरिका दबाव के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि भारत व दूसरे देशों को रूस से सस्ता तेल खरीदने से रोका जा सके. अमेरिका अपनी ऊर्जा नीति के तहत भारत जैसे देशों महंगा अमेरिकी ईंधन खरीदने के लिए मजबूर करना चाहता है.”
तेल खरीद पर क्या है भारत का रुख
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि, “भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों में विविधता लाता रहेगा.”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि “1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. रूस के साथ भारत के सभी समझौते पहले की तरह जारी हैं.”

