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फ्रांसीसी परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ युद्धाभ्यास, IAF भी हुई शामिल

भारतीय नौसेना और वायुसेना ने फ्रांसीसी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (सीबीजी) के साथ साझा मेरीटाइम एक्सरसाइज की है. भारतीय नौसेना की तरफ से इस एक्सरसाइज में एंटी-सबमरीन युद्धपोत आईएनएस मोरमुगाओ ने हिस्सा लिया. फ्रांसीसी सीबीजी में परमाणु विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल शामिल है, जो पिछले एक हफ्ते से गोवा में मौजूद है. 

भारतीय नौसेना के मुताबिक,  एक्सरसाइज के दौरान पश्चिमी तट पर दोनों देशों के जंगी जहाज ने कॉम्प्लेक्स मेरीटाइम एक्सरसाइज में हिस्सा लिया. इस दौरान ज्वाइंट एयर ऑपरेशन्स को भी अंजाम दिया गया. नौसेना के प्रवक्ता, कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक,  ये प्रोफेशनल बातचीत रणनीतिक द्विपक्षीय संबंधों की पहचान है और नौसेनाओं के बीच उच्च स्तर की व्यावसायिकता और अंतर-क्षमता का प्रतीक है.

गोवा आया है न्यूक्लियर युद्धपोत चार्ल्स डी गॉल, राफेल मरीन हैं तैनात

फ्रांस का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल गोवा के मोरमुगाओ पोर्ट पर रुका हुआ है. इसके साथ राफेल मरीन लड़ाकू विमान भी हैं. फ्रांसीसी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप हिंद-प्रशांत क्षेत्र में देश के हितों की रक्षा के लिए फ्रांसीसी नौसेना के मिशन क्लेमेंसो 25 के तहत आया है. साथ ही, यह इस क्षेत्र में यूरोपीय अभियानों में भी योगदान दे सकता है. (https://x.com/indiannavy/status/1877679561061675479)

फ्रांस का परमाणु ऊर्जा से संचालित विमान वाहक पोत चार्ल्स डी गॉल और इसका पूरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप एक विशाल नौसैनिक बेड़ा है. इस विमानवाहक पोत में बड़ी संख्या में विध्वंसक, फ्रिगेट और अन्य सहायक जहाज होते हैं. (https://x.com/IN_WNC/status/1875584933663854654)

खतरों से निपटने के लिए ज्वाइंट एक्सरसाइज

फ्रांसीसी नौसेना ने कहा कि “कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्रीय साझेदारों, खासकर भारत के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कर रहा है. इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के युद्धपोतों पर एक-दूसरे के सैनिकों की संचालन प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा. साथ ही हवा, सतह और पानी से होने वाले खतरे से निपटने का अभ्यास भी किया जाएगा.” (फ्रांसीसी एयरक्राफ्ट कैरियर चला जापान वाया इंडिया, चीन चौकान्ना)

फ्रांस का अहम सैन्य साझेदार है भारत

भारत और फ्रांस के बीच अटूट मित्रता है, क्योंकि भारत फ्रांस का एक बड़ा सैन्य साझेदार है. राफेल विमान भी भारत ने फ्रांस से खरीदे हैं. भारत ने फ्रांसीसी नौसेना के जहाजों द्वारा किए गए कई परिचालन स्टॉप ओवर की मेजबानी भी की है. हिंद महासागर से जुड़े राष्ट्रों के रूप में फ्रांस और भारत नियमित रूप से समुद्री सुरक्षा में योगदान देने के लिए सहयोग करते हैं.

वर्ष 2008 से फ्रांस, हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आईओएनएस) का सदस्य रहा है. इसकी शुरुआत भारत ने की थी और यह हिंद महासागर के देशों की 25 नौसेनाओं को एक साथ लाता है. इस मंच का उद्देश्य समुद्री मुद्दों की एक श्रृंखला से निपटने में सामूहिक प्रभावशीलता को बढ़ाना है. (https://x.com/French_CSG/status/1877648577951900144)

भारत को भी चाहिए राफेल के मरीन वर्जन

भारतीय नौसेना को भी स्वदेशी विमान-वाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात करने के लिए फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान के मरीन वर्जन की दरकार है. माना जा रहा है कि जल्द ही भारत, नौसेना के लिए 26 राफेल (एम) खरीदने के लिए फ्रांस से करार कर सकता है.  

अगले महीने पीएम मोदी जा सकते हैं फ्रांस

फरवरी के महीने में फ्रांस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक बड़े सम्मेलन का आयोजन किया है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमॅन्यूएल मैक्रों इस एआई सम्मेलन में पीएम मोदी को निमंत्रण देने की तैयारी कर रहे हैं. 


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