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पाकिस्तान समेत 41 देशों पर बैन, अमेरिका में नहीं होगी एंट्री

अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान समेत 41 देशों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है. ट्रंप प्रशासन ऐसा ड्राफ्ट तैयार कर रहा है, जिसमें कई मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी.

अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों ने अपनी सिफारिशों से जुड़ा एक ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें पाकिस्तान को उन 26 देशों में शामिल किया गया है, जिन्हें अमेरिकी वीजा जारी करने पर आंशिक निलंबन का सामना करना पड़ सकता है. 

पाकिस्तान राजदूत को अमेरिका में नहीं घुसने दिया गया था

इसी सप्ताह तुर्कमेनिस्तान में तैनात एक पाकिस्तानी राजदूत को लॉस एंजिल्स से वापस लौटा दिया गया था, जबकि उसके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे. पाकिस्तानी राजदूत को लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट से इमीग्रेशन क्लीयरेंस न मिलने के कारण निर्वासित कर दिया गया था.

रेड कैटेगरी में 10 देश

बताया जा रहा है कि अमेरिका ने एंट्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए अलग-अलग कटैगरी बनाई है, जिसमें अफगानिस्तान, क्यूबा, ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन और भूटान जैसे 10 देशों को रेड यानी पूरी तरह से एंट्री रोकी गई है. यानी इन देशों के नागरिक अमेरिका में नहीं आ सकते हैं. 

ऑरेंज कैटेगरी में पाकिस्तान और रूस

वहीं, ऑरेंज कटैगरी में रूस, पाकिस्तान, बेलारूस, हैती, तुर्कमेनिस्तान, लाओस, म्यांमार और दक्षिण सूडान जैसे देश हैं, जहां वीजा पर आंशिक निलंबन है. अगर कमियां दूर हुईं तो प्रवेश मिल सकता है. व्यापार के लिए प्रवेश मिल सकता है, लेकिन सख्त इंटरव्यू होगा. पर्यटन के लिए वीजा नहीं दिया जाएगा.

येलो कैटेगरी में 22 देश

इसके अलावा येलो कटैगरी है, जिसमें कंबोडिया, अंकोला, बुर्किना फासो, कांगो समेत 22 ऐसे देश हैं, जिन्हें वीजा की कमियों को दूर करने के लिए 60 दिनों का मौका दिया जाएगा. कमियां दूर होने के बाद ही ये देश येलो लिस्ट से बाहर आएंगे और उन्हें अमेरिका में एंट्री दी जाएगी.

हमास का समर्थन करने वाली भारतीय छात्रा एयरपोर्ट से भागी

अमेरिका में रहकर हमास को समर्थन करने वाली भारतीय छात्रा के एक वीडियो ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. वीडियो में रंजनी श्रीनिवासन नाम की छात्रा एयरपोर्ट पर खुद को बचते बचाती दिखी और तेजी से चलते हुए अमेरिकी एयरपोर्ट से सेल्फ डिपोर्ट हो गई.

बताया जा रहा है कि हमास समर्थक होने के कारण अमेरिका ने रंजनी का वीजा रद्द कर दिया था, जिसके बाद उसने एप का प्रयोग करके सेल्फ डिपोर्ट किया है. रंजनी का वीडियो सामने आने पर अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव ने कहा कि आतंकवाद की वकालत करने वाले को खुद निर्वासित होते देखने से खुशी हुई.

हमास समर्थकों पर सख्ती से घबराई रंजनी

दरअसल पिछले साल अमेरिका में इजरायल के खिलाफ और हमास के समर्थन में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जमकर प्रदर्शन किया गया था. अमेरिका में खूब तोड़फोड़ और बवाल मचा था. यहूदी छात्रों पर अटैक भी हुआ था.

ट्रंप प्रशासन ने ऐसे छात्रों पर सख्ती दिखाई है. वीजा रद्द करने के साथ-साथ गिरफ्तारी भी की जा रही है. हाल ही में वेस्ट बैंक की एक अन्य फिलिस्तीनी छात्रा लेका कोर्डिया को गिरफ्तार किया गया था. अटेंडेंस की कमी के कारण उसका वीजा 26 जनवरी, 2022 को खत्म हो गया था, बावजूद इसके छात्रा अमेरिका में न सिर्फ रह रही थी, जबकि इजरायल विरोधी प्रदर्शनों में भी शामिल हुई थी.

माना जा रहा है, ऐसे ही एक्शन से रंजनी श्रीनिवासन घबराई हुई थी और सेल्फ डिपोर्ट का विकल्प चुनकर अमेरिका से नौ दो ग्यारह हो गई. 

रंजनी श्रीनिवासन पर क्या है अमेरिका का बयान

अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने निर्वासन के बारे में एक बयान जारी किया, “संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने और स्टडी करने के लिए वीजा प्राप्त करना एक विशेषाधिकार है. जब आप हिंसा और आतंकवाद की वकालत करते हैं, तो उस विशेषाधिकार को रद्द कर दिया जाना चाहिए और आपको इस देश में नहीं रहना चाहिए.

क्रिस्टी ने कहा कि “मुझे कोलंबिया यूनिवर्सिटी के आतंकवाद समर्थकों में से एक को स्व-निर्वासन के लिए सीबीपी होम ऐप का उपयोग करते हुए देखकर खुशी हुई.” 

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