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अगले हफ्ते पुतिन का भारत दौरा पक्का, अमेरिका-यूरोप करेंगे ताक झांक

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की तारीख से सस्पेंस हटा दिया गया है. भारत और रूस दोनों की ओर से घोषणा की गई है कि पुतिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमत्रंण पर 04-05 दिसंबर को नई दिल्ली आएंगे. रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस क्रेमलिन के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी पुतिन के भारत दौरे की तारीख की पुष्टि कर दी है.

इस दौरे के दौरान पुतिन नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में भोज का आयोजन करेंगी. 

पुतिन के भारत दौरे पर न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरे यूरोप की नजर होगी. क्योंकि पुतिन का ये दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है जब अमेरिका ने रूस के साथ व्यापार करने को लेकर दबाव बनाया है, तो वहीं यूरोपीय देशों को उम्मीद है कि यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए पीएम मोदी, पुतिन को मना सकते हैं. 

04 दिसंबर को भारत पहुंचेंगे राष्ट्रपति पुतिन: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर पुतिन 4 दिसंबर को भारत पहुंच जाएंगे. पुतिन, यहां पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों पर चर्चा करेंगे. इसके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पुतिन का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में भोज का भी आयोजन किया जाएगा.”

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “आगामी राजकीय यात्रा भारत और रूस के नेतृत्व को द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने, विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को मजबूत करने के लिए भविष्य की रूपरेखा तय करने और दोनों देशों की साझा रुचि के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगी.”

इस यात्रा से भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा होगी और सहयोग के अगले चरण की दिशा तय की जाएगी. बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी.

रूस ने पुतिन की भारत यात्रा पर क्या कहा

रूसी विदेश मंत्रालय ने पुतिन-मोदी की दोस्ती को गहरा बताते हुए यात्रा को विशेष महत्वपूर्ण बताई है. 

वहीं क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा है. ‘‘यह यात्रा भारत के पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का अवसर दे रही है कि वे द्विपक्षीय मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर विस्तार से चर्चा के लिए हर साल मिलेंगे.’’

पुतिन के करीबी सलाहकार ने कहा, ‘‘रूस और भारत इस यात्रा की तैयारी जोर-शोर से कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि पुतिन की ये यात्रा हर लिहाज से सार्थक होगी। यह बेहद भव्य यात्रा होने वाली है.”

अमेरिकी दबाव और रूस-यूक्रेन पर होगी बात

भारत-रूस के द्विपक्षीय संबंधों के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मोदी-पुतिन के बीच बातचीत की जा सकती है. ट्रंप के युद्ध समाप्ति के प्रस्ताव पर बात होगी. 

साथ ही ट्रंप ने जिस तरह से रूस के साथ तेल खरीद को लेकर भारत पर टैरिफ का दबाव बनाया है, वो भी बातचीत का केंद्रीय मुद्दा रहेगा. यही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह से पिछले कुछ दिनों से ये दावा किया है कि पीएम नरेद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि रूस के साथ तेल नहीं खरीदा जाएगा. ट्रंप ने तो यहां तक दावा कर दिया है कि भारत ने रूस के साथ तेल खरीदना बंद कर दिया है. 

माना जा रहा है कि पुतिन-मोदी के बीच इन सारे बिंदुओं पर बातचीत होगी. साथ ही दुनिया को संदेश दिया जाएगा की भारत और रूस एक दूसरे को राष्ट्रीय हितों के कारण प्राथमिकता देते हैं. 

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