बंगाल की खाड़ी में भारत एक बार फिर लंबी दूरी की मिसाइल का टेस्ट करने जा रहा है. करीब 3500 (3485) किलोमीटर की रेंज वाली इस मिसाइल को भारतीय नौसेना की पनडुब्बी से विशाखापट्टनम से दागा जाएगा. खास बात ये है कि इस परीक्षण से चीन की कान खड़े हो गए हैं और चार-चार जासूसी जहाज हिंद महासागर में तैनात कर दिए हैं.
लंबी दूरी की मिसाइल के परीक्षण को लेकर भारत ने नोटम यानी नोटूस टू एयरमैन जारी कर दिया है. ये नोटम 1-4 दिसंबर के बीच के लिए जारी किया गया है. इस अवधि में सभी देशों की वायु सेनाओं और कॉमर्शियल एयरलाइंस को नोटम क्षेत्र में उड़ान भरने की चेतावनी जारी की गई है.
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर के महीने में भी भारत ने एक लंबी दूरी की मिसाइल के लिए नोटम जारी करने के बाद रद्द कर दिया था. उस वक्त चीन के जासूसी जहाज हिंद महासागर में पहुंच गए थे.उस दौरान, अमेरिका का एक रिसर्च वेसल भी मालदीव में मौजूद था. अमेरिकी जहाज को लेकर हालांकि, भारतीय नौसेना ने स्पष्टीकरण दिया था कि वो भारत की जासूसी के लिए हिंद महासागर में मौजूद नहीं था.
चीन के जासूसी जहाज को लेकर भारतीय नौसेना जरूर चौकन्ना रहती है. पिछले हफ्ते, भारतीय नौसेना के वाइस चीफ, वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने इस बाबत सार्वजनिक बयान तक दिया था कि हिंद महासागर में आने वाले सभी नौसेनाओं के जहाज और पनडुब्बियों पर भारत की पैनी नजर रहती है.
उल्लेखनीय है कि इस वक्त भी चीन के 04 स्पाई शिप हिंद महासागर पहुंच गए हैं.चौथे जहाज ने शुक्रवार को ही हिंद महासागर में एंट्री ली है.
जानकारी के मुताबिक, चीन के लान हाई-101 रिसर्च वेसल ने शुक्रवार को मलक्का स्ट्रेट के जरिए बंगाल की खाड़ी में एंट्री ली है. ये जहाज श्रीलंका के गैले बंदरगाह जाने की तैयारी कर रहा है. खास बात है कि जब भी भारत का कोई बड़ा मिसाइल टेस्ट होता है, चीन के स्पाई-शिप श्रीलंका या फिर मालदीव पहुंच जाते हैं. इस मुद्दे को समय-समय पर भारत ने पड़ोसी देशों से उठाया है.
लान हाई-101 के अलावा लान हाई-201 भी इस वक्त हिंद महासागर में एक्वाकल्चर रिसर्च और सर्वे के नाम पर हिंद महासागर में मौजूद है. चीन के एक तीसरा सर्वे वेसल, शी यान-6 भी मॉरीशस के पोर्ट लुइस जाने की तैयारी कर रहा है. शीन हाई यो हाओ नाम का एक चौथा चीनी जहाज भी डिएगो गार्सिया से मलक्का स्टेट की तरफ जा रहा है.

