बॉलीवुड के दबंग यानि सलमान खान के बैटल ऑफ गलवान के टीजर से चीन को मिर्ची लग गई है. गलवान घाटी का सच सिल्वर स्क्रीन पर आने से पहले टीजर ने ही चीन में हलचल बढ़ा दी है. चीन ने अपनी संप्रभुता की बात कहते हुए दोष इंडियन आर्मी पर मढ़ दिया है. चीन का कहना है कि बॉर्डर भारतीय सेना ने क्रॉस किया था.
टीजर देखते ही चीन का दर्द आया सामने, गई थी 38 चीनी सैनिकों की जान
बलिदान हुए कर्नल संतोष बाबू के किरदार को निभाते सलमान खान स्टारर ये फिल्म 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. लेकिन टीजर आते ही चीन बुरी तरह से चिढ़ गया है, क्योंकि डोकलाम के बाद वो गलवान घाटी ही थी जहां चीन को भारत के हाथों मुंह की खानी पड़ी थी, जिसका जख्म अभी भी भरा नही हैं.
सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर से चीन परेशान हो उठा है. टीजर आते ही मुखपत्र के जरिए चीन ने अपना दर्द बयां किया है. बैटल ऑफ गलवान फिल्म गलवान क्षेत्र में 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़पों पर आधारित है. इस फिल्म में सलमान खान ने कर्नल संतोष बाबू का रोल निभाया है. संतोष बाबू ही वो अधिकारी थे, जिनकी बहादुरी से चीनी सेना को बड़ा झटका लगा था.
टीजर देखकर चीन ने कहा है कि “फिल्म में कोई फैक्ट नहीं है. बॉलीवुड फिल्में ज्यादातर भावनाओं और मनोरंजन पर आधारित होती हैं, लेकिन कितनी भी बढ़ा-चढ़ाकर बनाई गई फिल्म इतिहास नहीं बदल सकती और न ही चीन की सेना (पीएलए) के अपने इलाके की रक्षा करने के इरादे को कमजोर कर सकती है.”
चीनी का फर्जी दावा, गलवान को बताता है अपना हिस्सा
चीन का कहना है कि गलवान घाटी चीन-भारत सीमा के पश्चिमी हिस्से में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के चीनी तरफ स्थित है. कई सालों से चीनी सीमा सैनिक इस इलाके में गश्त कर रहे हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय का दावा है कि “भारत ने सड़कें और ढांचे बनाकर पहले स्थिति बदली और एलएसी पार की, जिसके बाद तनाव बढ़ा.”
चीन कहता है कि, “15 जून 2020 को भारतीय सैनिकों ने समझौते का उल्लंघन करते हुए फिर से एलएसी पार की और बातचीत के लिए आए चीनी सैनिकों पर हमला किया, जिससे हिंसक झड़प हुई और दोनों तरफ हताहत हुए.”
चीन सिर्फ 04 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि करता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने भी खुलासा किया था कि गलवान की झड़प में चीन के 38 सैनिक मारे गए थे.
चीन ने सलमान खान को बताया बजरंगी भाईजान
चीन ने कहा, “सलमान खान को चीन में ज्यादातर लोग फिल्म बजरंगी भाईजान के लिए जानते हैं. राष्ट्रवादी भावना भड़काने के लिए भारत का फिल्मों, खासकर बॉलीवुड फिल्मों का इस्तेमाल करना कोई हैरानी की बात नहीं है. फिल्मों से सच्चाई नहीं बदली जा सकती.”
चीन के विशेषज्ञों, इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे समय में जब भारत-चीन संबंधों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं, यह एकतरफा कहानी दिखाने वाली फिल्म माहौल को और खराब कर सकती है.
चीन ने अपने पिटने वाले कमांडर को किया था सम्मानित
गलवान घाटी की झड़प मे भारतीय सेना से पिटने वाले पीएलए कमांडर शी फबाओ को चीन ने इस साल मार्च में सम्मानित करते हुए पॉलिटिकल कंसल्टेंट नियुक्त किया था.
इससे पहले चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग (सीएमसी) ने फबाओ को हीरो रेजिमेंटल कमांडर की उपाधि भी दी थी. ये वही चीनी कमांडर है, जिसे भारतीय सेना के शूरवीरों ने जमकर पीटा था, पूरे शरीर में कई जगह फ्रैक्चर हुआ था और कई हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था.
जानिए गलवान घाटी का सच, जब भारतीय जांबाजों ने दिखाई थी शूरवीरता
15-16 जून 2020 को भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में खूनी झड़प हुई थी. इस झड़प में भारतीय सेना के कर्नल संतोष बाबू सहित कुल 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे. लेकिन चीन ने आज तक अपने मारे गए सैनिकों का आंकड़ा आज तक सार्वजनिक नहीं किया है. माना जाता है कि चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक हताहत हुए थे. बताया जाता है कि चीन के 30-40 सैनिक मारे गए थे.
चीन ने इस झड़प में बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले पांच सैनिकों के नाम उजागर किए थे (चार मरणोपरांत) जिन्हें वीरता मेडल से नवाजा गया था. तभी से भारत और चीन के संबंध बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गए थे.
लेकिन इस तनातनी के तकरीबन 04 वर्ष बाद पिछले साल रूस में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मुलाकात हुई थी. इस मुलाकात के बाद बहुत कुछ सुधरा, एलएसी पर पेट्रोलिंग पर सहमति बनी. इसके अलावा भारत-चीन के बीच ये संबंधों में और सुधार तब आया जब इस साल अगस्त में पीएम मोदी ने चीन का दौरा किया था. साथ ही चीन भी अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ भारत के पक्ष में खड़ा दिखा. इसके बाद भारत-चीन के संबंधों को सुधारने की लगातार कोशिश की जा रही है.

