अफगानिस्तान में चीनी नागरिकों को टारगेट करते हुए किया गया है बड़ा धमाका. राजधानी काबुल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में एक चाइनीज रेस्टोरेंट में जोरदार धमाका हुआ है. तालिबान प्रशासन के मुताबिक इस विस्फोट में कई लोग मारे गए हैं. धमाके का वीडियो भी सामने आया है, जहां लोगों को भागते और चीखपुकार करते देखा गया है.
काबुल के सबसे सुरक्षित इलाके में आत्मघाती हमला
काबुल में भीषण बम धमाका हुआ है. यह हमला काबुल के शहर-ए-नॉ इलाके में किया गया है, जहां सबसे ज्यादा चीनी नागरिकों के अलावा अन्य विदेशी नागरिक रहते हैं. जोरदार धमाके के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया.
मौके पर मौजूद लोगों ने जोरदार धमाके और घटनास्थल से धुएं को उठते हुए देखा. विस्फोट के बाद घटनास्थल और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
तालिबान के आंतरिक मामलों के मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने काबुल में आत्मघाती हमला होने की बात कही है. तो गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने बताया, “शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं.
टारगेट पर था चाइनीज़ रेस्टोरेंट, विदेशियों में प्रसिद्ध है रेस्टोरेंट
आशंका जताई जा रही है कि जो हमला किया गया है, वो चीनी रेस्टोरेंट को निशाना बनाकर किया गया है. लांझोऊ बीफ नूडल्स नाम के चाइनीज रेस्टोरेंट में विदेशियों का बहुत आना जाना है, खासकर चीनी नागरिकों का.
तालिबान पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान के मुताबिक धमाके की जांच शुरू कर दी गई है. जल्दी ही सच्चाई सामने आ जाएगी.
क्या हमले के पीछे थे आईएसआईएस खुरासान के आतंकी?
तालिबान को शक है कि इस हमले के पीछे इस्लामिस स्टेट- खुरसान के आतंकी हो सकते हैं. साल 2021 से अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन है. जिसके बाद पाकिस्तान का संरक्षण प्राप्त आईएसआईएस खुरासान के आतंकियों ने कई हमलों को अंजाम दिया है. आईएसआईएस खुरासान की तालिबान से पुरानी दुश्मनी है. इससे पहले भी कई धमाकों की जिम्मेदारी आईएस खुरासान ने ही ली है.
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार हमेशा से ही आरोप लगाती रही है कि इस्लामाबाद आईएस के आतंकियों को पनाह देता है. वहीं इस्लामाबाद का आरोप है कि तालिबान, टीटीपी (तहरीक ए तालिबान) के आतंकियों को संरक्षण देता है.
अफगानिस्तान-चीन में अच्छे संबंध, 2022 में भी दहला था ये इलाका
दिसंबर 2022 में भी शहर-ए-नॉ इलाके में जोरदार धमाका हुआ था. दरअसल ये इलाका चाइनीज व्यापारियों और नागरिकों में बेहद पॉपुलर है. उस वक्त चाइनीज़ व्यापारियों के आने-जाने के लिए मशहूर एक गेस्ट-हाउस के पास जोरदार धमाका और फायरिंग हुई थी.
शहर-ए-नॉ काबुल के प्रमुख व्यवसायिक इलाकों में से एक है. तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में बहुत से चीनी व्यापारियों का आना-जाना शुरू हो गया है. तालिबान के सत्ता संभालने के बाद जहां देशों ने अपना दूतावास बंद कर दिया था, बीजिंग ने अफगानिस्तान में अपना दूतावास भी चालू रखा था. पिछले साल चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी अफगानिस्तान का दौरा किया था.

