इजरायल की सेना ने यरूशलम में संयुक्त राष्ट्र के ऑफिस पर बुलडोजर चलाकर सनसनी फैला दी है. इजरायल की सेना बुलडोजर लेकर मंगलवार सुबह पूर्वी यरूशलम स्थित यूएन ऑफिस में घुस गई और पूरी बिल्डिंग को जमींदोज कर दिया. इजरायल का कहना है कि बिल्डिंग आतंकियो का अड्डा था.
इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने तोड़फोड़ को ऐतिहासिक दिन बताया और खुद वो बुलडोजर वाली टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे.
वहीं इजरायली सेना के इस एक्शन से संयुक्त राष्ट्र भड़क गया है. यूएन ने इसे हमला बताया है.
इजरायल ने गिराया यूएन दफ्तर, सेना का एक्शन
इजरायल ने पूर्वी यरूशलम में स्थित यूएन के एक दफ्तर पर बुलडोजर चलवा दिया है. चश्मदीदों के मुताबिक इजरायली सैनिक बुलडोजर और हथियारों के साथ बिल्डिंग में घुसे थे. जिस बिल्डिंग पर एक्शन लिया गया वो दफ्तर यूनाइटेड नेशंस रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी फॉर फिलीस्तीन रिफ्यूजी (यूएनआरडब्ल्यूए) का मुख्यालय है. यूएनआरडब्ल्यूए युद्धग्रस्त गाजा में फिलिस्तीनी शरणार्थियों को मानवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करती है.
यरूशलम में इस ऑफिस में फिलिस्तीनी रहते थे. दरअसल इजरायल संयुक्त राष्ट्र की इस बिल्डिंग को मान्यता नहीं देता है और इसे टेरर का अड्डा बताता है. इजरायल ने इस बिल्डिंग के खिलाफ अपनी संसद में कानून बनाया है.
मौके पर मौजूद रहे इजरायली मंत्री, कहा, हर आतंकी समर्थक के साथ ऐसा ही करेंगे
जिस वक्त बिल्डिंग को गिराया जा रहा था, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर भी मौके पर मौजूद थे. ग्विर ने कहा, “यह यरूशलम में संप्रभुता के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है. इन आतंकवादियों के समर्थकों को उनके बनाए गए सभी चीज़ों के साथ यहां से बाहर निकाला जा रहा है. हर आतंकवादी समर्थक के साथ ऐसा ही किया जाएगा.”
इजरायल का हमेशा से आरोप रहा है कि यह संस्था फिलिस्तीनी वंशजों को फिर से बसाने के बजाय उन्हें शरणार्थी का दर्जा देना जारी रखकर संघर्ष को बढ़ावा देता है.
इस संस्था के खिलाफ शिकंजा लगातार कसा जा रहा था. इजरायली अधिकारियों ने कंपाउंड पर छापा मारा था. इस दौरान इजरायली अधिकारियों ने मुख्य बिल्डिंग पर इजरायली झंडा फहराया और उन संपत्तियों को जब्त कर लिया था.
इजरायल का आरोप, हमास आतंकियों का अड्डा है यूएनआरडब्ल्यूए
इजरायल हमेशा से यूएनआरडब्ल्यूए को हमास आतंकियों का मददगार बताता रहा है. इजरायल का आरोप है कि इनकी हमास के साथ मिलीभगत है और इससे जुड़े लोग आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं.
अक्टूबर 2024 में बाकायदा यूएनआरडब्ल्यूए के खिलाफ दो कानून पास किए, जिनमें इस संस्था को इजरायली इलाके में काम करने से रोक दिया गया. इस बैन के बावजूद ये संस्था इजरायल में काम करती रही.
ये संस्था फिलिस्तीनी शरणार्थियों को पांच क्षेत्रों- गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक, जॉर्डन, लेबनान और सीरिया में सेवाएं देती हैं. यह लगभग 59 लाख पंजीकृत शरणार्थियों की मदद करती है.
यूएन दफ्तर में तोड़फोड़ पर इजरायली विदेश मंत्रालय का बयान
इजरायली विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि “यूएनआरडब्ल्यूए -हमास ने पहले ही इस जगह पर अपना ऑपरेशन बंद कर दिया था और अब वहां कोई संयुक्त राष्ट्र का न तो कोई कर्मचारी था और न ही कोई गतिविधि थी. इसलिए एक्शन लिया गया. यह तोड़फोड़ एक नए कानून के तहत की गई है, जिसने संगठन पर बैन लगा दिया था और उस पर आतंकवादी समूहों और हमास से संबंध होने का आरोप था.”
इजरायल ने अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया: यूएनआरएडब्ल्यूए
इजरायली कार्रवाई को यूएन ने हमला करार दिया है. यूएनआरएडब्ल्यूए ने कहा, “इजरायल अंतर्राष्ट्रीय कानून का खुलेआम और जानबूझकर उल्लंघन कर रहा है. इजरायली सेना ने पूर्वी यरुशलम में संयुक्त राष्ट्र की एक साइट को गिरा दिया. बुलडोजर कंपाउंड में घुस गए और सांसदों और सरकार के एक सदस्य की मौजूदगी में अंदर की इमारतों को गिराना शुरू कर दिया.”

