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दुनिया में जंगलराज नहीं चलेगा, फ्रांस-चीन की ट्रंप को चेतावनी

दुनिया में नहीं चल सकता जंगल कानून वाले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बयान के बाद चीन और फ्रांस ने भी अमेरिका के सामने खींच ली है तलवार. ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक तेवर को चीन और फ्रांस ने वैश्विक मंच से चुनौती दी है. 

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के डावोस सम्मेलन में चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ तौर पर कहा है कि दुनिया दादागीरी और जंगलराज से नहीं चल सकती.

जंगल कानून की ओर वापस नहीं लौट सकती दुनिया: चीन

स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच से चीनी डिप्टी पीएम ने अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बिना तगड़ा वार किया है. ग्रीनलैंड, वेनेजुएला, कोलंबिया, क्यूबा को लेकर ट्रंप की चाहत दुनिया के सामने है. 

चीन डिप्टी पीएम ने वॉर्निंग देते हुए कहा है कि “कुछ चुनिंदा देशों को अपने स्वार्थ के आधार पर विशेषाधिकार नहीं मिलना चाहिए और सभी देशों को अपने वैध हितों की रक्षा करने का बराबर अधिकार है.  दुनिया जंगल के कानून की ओर वापस नहीं लौट सकती, जहां ताकतवर देश कमजोर देशों का शिकार करें.”

हमें गुंडों से ज्यादा सम्मान पसंद है: इमैनुएल मैक्रों

दावोस में सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि फ्रेंच प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने भी ट्रंप का नाम लिए बिना खूब सुनाया है. मैक्रों ने तो ट्रंप को गुंडा तक कह डाला. मैक्रों ने कहा, “हम एक ऐसी दुनिया की ओर बढ़ रहे हैं, जहां नियम कमजोर पड़ते जा रहे हैं या पूरी तरह खत्म होते जा रहे हैं.” 

मैक्रों ने ट्रंप की टैरिफ नीति और धमकी पर करारा वार किया और यूरोप पर लगाए जाने वाले टैरिफ और ‘ग्रीनलैंड विवाद’ को ‘बेवकूफाना’ और ‘अनावश्यक आक्रामकता’ बताया.  

मैक्रों ने कहा, “अगर अमेरिका ने टैरिफ के जरिए यूरोप को डराने की कोशिश की, तो वे अपने ‘एंटी-कोएर्शन इंस्ट्रूमेंट’ यानी ‘ट्रेड बजूका’ का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाएंगे. हमें गुंडों से ज्यादा सम्मान पसंद है.”

महाशक्तियां पावर और स्वार्थ के लिए नियम तोड़ रही: मार्क कार्नी 

कनाडाई पीएम ने भी ट्रंप का नाम लिए बिना प्रहार किया, कहा कि “अगर महाशक्तियां अपने पावर और स्वार्थ के लिए नियमों और मूल्यों का दिखावा भी करना छोड़ देंगी, तो लेनदेन से होने वाले मुनाफे को फिर से हासिल करना नामुमकिन हो जाएगा. महाशक्तियां नियम-कायदों’ को तोड़ रहे हैं. उससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था का अंत हो सकता है.”

दरअसल ट्रंप ने सिर्फ ग्रीनलैंड ही नहीं कनाडा को भी धमकाया है. ट्रंप चाहते हैं कि कनाडा, अमेरिका का 51वां राज्य बन जाए. हद तो तब हो गई जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें वेनेजुएला, ग्रीनलैंड के साथ-साथ कनाडा को भी अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया है.

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