कोड नेम 26-26 के जरिए पाकिस्तान परस्त आतंकियों ने रची है बहुत बड़ी आतंकी साजिश. 26 जनवरी से पहले देश के बड़े मंदिरों, पर्यटन स्थल या प्रमुख संस्थानों को दहलाने की साजिश में हैं आतंकी. खुफिया एजेंसियो ने जारी किया है आतंकी हमले का बहुत बड़ा अलर्ट.
अलर्ट में कहा गया है कि अयोध्या के राम मंदिर से लेकर जम्मू के रघुनाथ मंदिर को आतंकी बना सकते हैं निशाना. लेकिन आतंकियों की साजिश को नाकाम करने के लिए एजेंसियों ने कस ली है कमर.
खुफिया अलर्ट के बाद हाईअलर्ट जारी किया गया है और सभी शहरों में चौकसी बढ़ा दी गई है. साथ ही संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है.
आतंकियों ने कोड नेम 26-26 के नाम से रची साजिश
देश की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आतंकी देश के कई हिस्सों में 26 जनवरी से पहले बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है, जिसे कोड नेम- 26-26 दिया गया है.
आतंकी अपने मंसूबे को अंजाम देने के लिए एक खास तरह के कोड वर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये कोड वर्ड है 26-26.
शक है कि 26-26 का मतलब 26 जनवरी और साल 2026 है. खुफिया जानकारी में बताया गया है कि आतंकियों के निशाने पर देश के बड़े मंदिर अयोध्या का राम मंदिर और जम्मू का रघुनाथ मंदिर शामिल है.
गणतंत्र दिवस के खास मौके पर देश के अलग-अलग शहरों में बड़े आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
जैश ए मोहम्मद और पंजाब के गैंगस्टर्स कर सकते हैं हमला
इंटेलिजेंस एजेंसियों ने आशंका जताई है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी या फिर पंजाब के गैंगस्टर्स के जरिए आतंकी हमले को अंजाम देने की नापाक साजिश रची गई है.
खुफिया इनपुट के बाद सुरक्षा बलों को पहले से ज्यादा अलर्ट पर रहने को कहा गया है. दिल्ली में इस अलर्ट को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया गया है. भीड़भाड़ वाले इलाकों और पर्यटन स्थल पर नजर रखी जा रही है.
सोशल मीडिया के जरिए भड़काने की साजिश, रखी जा रही पैनी नजर
इंटेलिजेंस एजेंसियों की सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर है. बताया जा रहा है कि कश्मीरी रेजिस्टेंस ग्रुप का फाल्कन स्क्वॉड लगातार धमकी दे रहा है. मुस्लिम युवकों को भड़काया जा रहा है.
दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आतंकियों के पोस्टर भी चस्पा किए गए हैं. इस पोस्टर में पहली बार दिल्ली के आतंकी मोहम्मद रेहान की तस्वीर लगाई गई हैं. ये आतंकी साल 2016 से फरार है. ये आतंकी अलकायदा मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश की कमर टूटी, शुरु की है महिला ब्रिगेड
पिछले साल 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने पहलगाम में नरसंहार को अंजाम दिया था. जिसमें निहत्थे और निर्दोष पर्यटकों की हत्या की गई थी. जिसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करके पाकिस्तान में जैश और लश्कर के आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था. भारत की कार्रवाई में जैश ए मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के परिवार समेत कई आतंकी मारे गए थे.
इसके बाद खुफिया रिपोर्ट आई थी कि बदले की आग में झुलस रहे मसूद अजहर ने जमात अल-मुमिनात नाम का महिला आतंकियों की ब्रिगेड बनाई है. जिसमें भारत की भी पढ़ी लिखी महिलाओं को शामिल करने की कोशिश की गई है. हाल ही में फरीदाबाद में जो व्हाइटकॉलर्स आतंकी डॉक्टर्स का भंडाफोड़ हुआ था, उसमें भी महिला आतंकी डॉक्टर शाहीन पकड़ी गई थी. कहा जा रहा था जैश की इस ब्रिगेड का कामकाज शाहीन शाहिद को ही सौंपा गया था.
ताजा 26-26 कोडनेम के बाद देश हाईअलर्ट है. हर तरह की चौकसी बरती जा रही है. लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है.

