दावोस के मंच से यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ईरान का नाम लिया तो ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जेलेंस्की को जोकर बता डाला. जेलेंस्की ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को हटाने की बात कही तो अब्बास अराघची ने जेलेंस्की को धो डाला. ईरानी विदेश मंत्री ने कहा, एक तरफ संयुक्त राष्ट्र की दुहाई देकर दूसरे देशों से मदद मांगते हो और दूसरी तरफ यूएन चार्टर का उल्लंघन कर ईरान पर हमले को सपोर्ट करते हो.
हमारे पास अपनी सेना, यूक्रेन की तरह विदेशी मदद के सहारे नहीं: ईरानी विदेश मंत्री
दावोस में यूक्रेनी राष्ट्रपति ने ईरान के हालात पर चिंता जताई थी और प्रदर्शनकारियों को लेकर बात की थी. जेलेंस्की के इस बयान से ईरान भड़क गया है.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर लिखा, “मिस्टर जेलेंस्की, ईरान की रक्षा के लिए अपनी सेना है तुम्हारी तरह विदेशी मदद के सहारे नहीं. एक तरफ यूएन की दुहाई देकर दूसरे देशों से मदद मांगते हो और दूसरी तरफ यूएन चार्टर का उल्लंघन कर ईरान पर हमले को सपोर्ट करते हो.”
“आपकी विदेशी समर्थित और भाड़े के सैनिकों से भरी सेना के विपरीत, हम ईरानी जानते हैं कि अपनी रक्षा कैसे करनी है और हमें विदेशियों से मदद मांगने की कोई जरूरत नहीं है.”
दुनिया में कन्फ्यूज्ड जोकर्स की कमी नहीं, दुनिया ऐसे मसखरों से तंग आ चुकी है: ईरानी विदेश मंत्री
अब्बास अराघची यहीं नहीं रुके. अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जेलेंस्की की हुई कहासुनी की तस्वीर शेयर करते हुए एक्स पर लिखा, “वह अपने भ्रष्ट जनरलों की जेबें भरने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वाले तथाकथित गैरकानूनी आक्रमण का मुकाबला करने के लिए अमेरिकी और यूरोपीय करदाताओं का पैसा लूट रहा है.”
“साथ ही, वह खुलेआम और बेशर्मी से उसी संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका के गैरकानूनी आक्रमण का आह्वान कर रहा है.”
दुनिया ने ईरानी जनता की मदद नहीं की, खामेनेई ने हजारों लोगों को मार डाला: जेलेंस्की
दावोस के सम्मेलन में जेलेंस्की ने ईरान में हुए हालिया प्रदर्शन को लेकर बयान दिया था. जेलेंस्की ने कहा, “ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर बहुत चर्चा हुई, लेकिन वहां खून बहा. दुनिया ने ईरानी जनता की उतनी मदद नहीं की, जितनी करनी चाहिए थी. शुरुआती दिनों में दुनिया एक तरह से किनारे खड़ी रही. खामेनेई हजारों लोगों को मार चुका था.”
“हर तानाशाह को एक साफ संदेश देगा — लोगों को मार दो और सत्ता में बने रहो. यूरोप में कौन चाहेगा कि ऐसा संदेश सच साबित हो? साथ ही उन्होंने यूरोप को टारगेट करते हुए कहा, इसके बावजूद, यूरोप ने अपनी तरफ से कोई ठोस प्रतिक्रिया तैयार करने की कोशिश तक नहीं की. हर कोई यह देखने का इंतजार कर रहा है कि अमेरिका क्या करेगा. लेकिन, दुनिया की तरफ से कुछ भी नहीं हो रहा. यूरोप भी कुछ नहीं कर रहा है.”
रूस-ईरान अच्छे मित्र, मिडिल ईस्ट में तनाव पर पुतिन ने की थी मध्यस्थता की पेशकश
28 दिसंबर से ईरान में शुरु हुए प्रदर्शन और अमेरिकी सैन्य एक्शन को लेकर तनाव को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इजरायल और ईरान दोनों को समझाने का काम किया था. पुतिन ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की अपील की थी. साथ ही नेतन्याहू से बात करने के थोड़ी देर बाद पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बात की थी.
आपको बता दें कि ईरान और रूस के बीच अच्छे संबंध रहे हैं. रूस-यूक्रेन के युद्ध के दौरान भी तेहरान हमेशा से मॉस्को के पक्ष में रहा है.

