भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सिंदूर पर जारी किए एक ताजा वीडियो ने फिर से पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लफ का भंडाफोड़ कर दिया है. वीडियो में 10 मई (2025) को पाकिस्तान के किराना हिल्स पर हुई बमबारी का फुटेज शामिल किया गया है. किराना हिल्स को पाकिस्तान के न्यूक्लियर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तौर पर जाना जाता है.
गणतंत्र दिवस परेड में वायुसेना की सिंदूर फोर्मेशन
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर वायुसेना ने कर्तव्य पथ के आसमान में सिंदूर फोर्मेशन के जरिए एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी कि छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं. इस फॉर्मेशन के एक वीडियो के साथ वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में हुए हवाई हमले की फुटेज भी शामिल की गई.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी ने न्यूक्लियर ब्लफ पर किया था ऐलान
ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद वायुसेना के डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशन्स) एयर मार्शल एके भारती ने किराना हिल्स पर हमले के बारे में पूछे गए सवाल पर सीधा-सीधा जवाब नहीं दिया था. लेकिन इसी दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये कहकर सनसनी फैला दी थी कि ऑपरेशन से पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेल को ध्वस्त कर दिया गया है. किराना हिल्स के साथ में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया था. नूरखान बेस को भी पाकिस्तान का एक सामरिक अड्डा माना जाता है.
ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 03 परमाणु अड्डे पर किए थे हमले
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम तीन परमाणु ठिकानों पर ब्रह्मोस मिसाइल से हमला कर तबाह कर दिया था. भारत ने पाकिस्तान के किराना हिल्स (सरगोधा), नूर खान एयरबेस और रहीम यार खान बेस पर हमला कर 9-10 मई की रात को जबरदस्त बमबारी की थी. भारत के इन हमलों में पाकिस्तान के न्यूक्लियर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह बर्बाद हो गए थे. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना ने कहा था कि इन हमलों के बाद पाकिस्तान की न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग का भंडाफोड़ हो गया है.
पाकिस्तान ऐसे करते था न्यूक्लियर ब्लैकमेल
दरअसल, भारत में आतंकी हमलों के बाद जब भी भारत बदला लेने की बात करता था, पाकिस्तान की तरफ से परमाणु हथियारों की धमकी दी जाती थी. ऐसे में संसद पर हुए हमले (2001) या फिर मुंबई के 26-11 आतंकी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की थी. लेकिन पहलगाम नरसंहार (अप्रैल 2025) के बाद भारत ने ना केवल पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने तबाह किए बल्कि पाकिस्तान को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल में भी पंगु बना दिया. ऐसे में पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स) से युद्धविराम की अपील की थी.
ट्रंप ने किया था पाकिस्तान के परमाणु टेस्ट का खुलासा
हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया था कि चीन और पाकिस्तान जैसे देश चोरी-छिपे न्यूक्लियर टेस्ट कर रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक, ये देश जमीन के बेहद नीच ये टेस्ट करते हैं, जिसके कारण इन परीक्षणों का दुनिया को पता नहीं लग पाता. ट्रंप ने ये जरूर कहा था कि इन परमाणु परीक्षणों के चलते हल्के भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं.
खास बात है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर कई दिनों तक हल्के-हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. उस दौरान, इस बात की आशंका जरूर जताई गई थी कि ये कंपन, पाकिस्तान के परमाणु टेस्ट के चलते हो सकते हैं, लेकिन कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया था.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका और पाकिस्तान काफी करीब आए थे. ट्रंप के निमंत्रण पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने व्हाइट हाउस का दौरा किया था. ऐसे में इस बात की प्रबल संभावना थी कि मुनीर या फिर शहबाज ने ही परमाणु परीक्षण की जानकारी ट्रंप को दी थी.
पाकिस्तान में हैं अमेरिकी परमाणु हथियार: पूर्व सीआईए अधिकारी
हाल में अमेरिका खुफिया एजेंसी सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के एक पूर्व अधिकारी ने इस बात का खुलासा किया था कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को संभालने की जिम्मेदारी अमेरिका की है. ये सीआईए अधिकारी कई वर्षों तक पाकिस्तान में तैनात रह चुका है.
दुनियाभर के परमाणु हथियारों का लेखा-जोखा रखने वाले ग्लोबल थिंक टैंक, सिपरी (स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट) की ताजा रिपोर्ट (2025) के मुताबिक, पाकिस्तान के आयुध में 170 परमाणु हथियार है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास पाकिस्तान से थोड़ा ज्यादा यानी 172 एटमी हथियार हैं. वर्ष 2018 में खुद पीएम मोदी ने परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत की पहली पेट्रोलिंग पर देश के न्यूक्लियर ट्रायड यानी जल, थल और आकाश में परमाणु शक्ति बनने की जानकारी दी थी.

