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एलसीए-मैन को HAL की कमान, क्या स्वदेशी फाइटर जेट के उत्पादन में आएगी तेजी

एलसीए तेजस फाइटर जेट बनाने वाली सरकारी एविएशन कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के नए सीएमडी के नाम की घोषणा कर दी गई है. सरकार ने एचएएल के ऑपरेशन्स डायरेक्टर रवि के. को नया चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. एलसीए-मैन रवि को ये जिम्मेदारी तब सौंपी जा रही है, जब एचएएल को एलसीए प्रोजेक्ट में हो रही देरी की मार झेलनी पड़ रही है और सरकारी उपक्रम अब सिविल एविशन में हाथ आजमाने की तैयारी में है.

मौजूदा सीएमडी डी के सुनील, 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं. उनके रिटायरमेंट के बाद रवि एचएएल का पदभार संभालेंगे. मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आईआईएम (अहमदाबाद) के साथ फ्रांस से उच्च शिक्षा लेने वाले रवि पिछले 30 वर्षों से एविएशन सेक्टर में है.

ऑपरेशन्स डायरेक्टर के तौर पर रवि पर एचएएल की स्ट्रेटेजिक और फंक्शनल प्लानिंग की जिम्मेदारी है. इसके अलावा एचएएल की क्षमताओं को विकसित करना और कंपनी द्वारा निर्मित एयरक्राफ्ट का स्वदेशीकरण शामिल है. एचएएल द्वारा निर्मित, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए)-तेजस को भारतीय वायुसेना की फाइटिंग स्क्वाड्रन में शामिल करने में रवि की अहम भूमिका थी.

हाल के वर्षों में रक्षा मंत्रालय द्वारा वायुसेना के लिए एलसीए-मार्क 1ए के 02 बड़े करार में भी रवि ने महत्वपूर्ण रोल निभाया था–2021 में 36 हजार करोड़ के 83 मार्क-1ए और पिछले वर्ष (2025) में 97 लड़ाकू विमानों का. माना जा रहा है कि आने वाले समय में एलसीए तेजस फाइटर जेट, वायुसेना के ऑपरेशन्स की रीढ़ की हड्डी साबित होंगे.

रवि ने एचएएल की उन फैसिलिटी के स्थापना में भी अहम योगदान दिया जिससे हर वर्ष 16 एलसीए फाइटर जेट का उत्पादन किया जा सके. एचएएल के अलावा, सरकार ने रवि को वायुसेना के महत्वकांक्षी मल्टी रोल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (एमआरटीए) प्रोजेक्ट में भी (नोमेनी) डायरेक्टर नियुक्त किया है.

रवि को अपने कार्यकाल में एलसीए तेजस प्रोजेक्ट में आ रही देरी से जूझना पड़ सकता है. क्योंकि स्वदेशी लड़ाकू विमान के लिए अमेरिका से मिलने वाले एविएशन इंजन (एफ-404) में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका से तल्ख संबंध, इस देरी का कारण माना जा रहा है. यही वजह है कि सरकार ने वायुसेना के लिए फ्रांस की मदद से बनने वाले 114 मेक इन इंडिया रफाल (राफेल) को मंजूरी दे दी है.

उल्लेखनीय है कि हाल में एचएएल ने सिविल एविएशन में कदम रखा है. हैदराबाद में चल रही विंग्स इंडिया प्रदर्शनी (28-31 जनवरी) में एचएएल ने रशिया के साथ मिलकर बनाए जाने वाले एसजे-100 प्लेन, हिंदुस्तान-228 एयरक्राफ्ट और ध्रुव-एनजी हेलीकॉप्टर को प्रदर्शित किया है.

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