By Nalini Tewari
अमेरिका के साथ तनाव के बीच वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात करके दुनिया को हैरान कर दिया है. अमेरिका की दादागीरी के खिलाफ चुपचाप जहां भारत, यूरोपीय देशों से रिश्ते मजबूत कर रहा है, वहीं जिस वेनेजुएला की सत्ता अमेरिका ने हिला दी, उस देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति से बात करके वॉशिंगटन को कूटनीतिक चुनौती दे दी है.
ग्लोबल साउथ के घनिष्ठ सहयोग पर बल देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत-वेनेजुएला के द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे.
आपको बता दें कि जनवरी के पहले सप्ताह में अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था. साथ ही वेनेजुएला के तेल पर भी अब वॉशिंगटन का कब्जा है. वेनेजुएला में अब उपराष्ट्रपति डेल्सी ही कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं और आए दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें धमका रहे हैं.
वेनेजुएला में हुए अमेरिकी सैन्य एक्शन के बाद पहली बार भारत-वेनेजुएला के बीच बातचीत की गई है.
ग्लोबल साउथ को एकजुट करेंगे पीएम मोदी, की वेनेजुएला की राष्ट्रपति से बात
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति से बात की है. पीएम मोदी ने लिखा, ‘मैंने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बात की. हम सभी क्षेत्रों में अपनी द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा और विस्तारित करने पर सहमत हुए, और हमारा साझा लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाईयों पर ले जाना है.
डेल्सी रोड्रिगेज ने पांच जनवरी को वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पद संभाला था. दरअसल 3 जनवरी को देर रात अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर भारी एयरस्ट्राइक की थी. अमेरिका की स्पेशल डेल्टा फोर्स ने तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलन मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से पकड़ लिया था. निकोलस मादुरो इन दिनों अमेरिकी जेल में बंद हैं.
इस बातचीत पर भारत सरकार की ओर से क्या बयान दिया गया
भारत सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने फोन मिलाया.
प्रेस रिलीज में कहा गया, प्रधानमंत्री मोदी को वेनेजुएला गणराज्य की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिग्ज गोमेज़ का फोन आया. दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, कृषि और जन-संबंधों सहित सभी क्षेत्रों में भारत-वेनेजुएला साझेदारी को और अधिक विस्तारित और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की. दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और ग्लोबल साउथ के लिए अपने घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर बल दिया. दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने पर सहमति जताई.
अमेरिका से त्रस्त देश एकजुट हो रहे, लिखा जा रहा नया वर्ल्ड ऑर्डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में एक वर्ष पूरे हो चुके हैं. इन एक वर्ष में ट्रंप चाहे कितनी अपनी कामयाबी गिनाएं, दुनिया के सभी बड़े देश ट्रंप से त्रस्त नजर आ रहे हैं. आए दिन टैरिफ की धमकी, तो हमला करने की धमकी, तेल और खनिज कब्जा करने की धमकी आम हो चली है. ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात कह रहे हैं. कोलंबिया-क्यूबा को धमका चुके हैं. कनाडा को अमेरिका में मिलाना चाहते हैं तो फ्रांस को 200 प्रतिशत टैरिफ की वॉर्निंग दे चुके हैं. ऐसे में यूरोपीय देशों ने एशिया की ओर रुख करना शुरु कर दिया है. भारत और ईयू में बड़ी डील हुई है. कनाडाई पीएम मार्क कार्नी भारत आने वाले हैं. ब्राजील के राष्ट्रपति लूला द सिल्वा फरवरी में भारत का दौरा करने वाले हैं. ब्रिटिश पीएम मार्क कार्नी चीन के पास पहुंचे हैं. इससे कुछ दिनों पहले फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी चीन का दौरा किया था.
15 मिनट में शर्त मानों, नहीं तो मारे जाओगे, वेनेजुएला में सैन्य एक्शन के लीक ऑडियो से सनसनी
3 जनवरी को जिस दिन अमेरिकी सेना ने एक्शन लिया, उस दिन का एक ऑडियो लीक हुए है. लीक ऑडियो में आवाज वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की बताई जा रही है. छह मिनट की बातचीत में वह दावा करती हैं कि अमेरिकी बलों ने मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें और कैबिनेट के शीर्ष नेताओं को 15 मिनट का वक्त दिया. शर्त साफ थी वॉशिंगटन की मांगें मानो या जान से जाओ.
दरअसल सत्ता संभालने के बाद डेल्सी ने पहले दिन ही कह दिया था कि अमेरिका की नजर वेनेजुएला के तेल पर थी, इसलिए ही तख्तापलट की साजिश रची गई थी.

