अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर कर रहे हैं सैन्य अटैक. वहीं ईरान भी अपनी घातक मिसाइल और ड्रोन्स से कर रहा है अमेरिका पर पलटवार. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने पिछले छह दिनों में ईरान के 20 से ज्यादा जंगी जहाज और एक पनडुब्बी को तबाह कर दिया है. ईरान को सबसे बड़ा झटका आईआरआईएस डेना के डूबने के कारण लगा है.
अमेरिकी सबमरीन मे मार्क 43 टॉरपीडो से ईरानी जंगी जहाज को हिंद महासागर में दफ्न कर दिया है. इस जहाज में 187 ईरानी नौसैनिक तैनात थे. 87 नौसैनिकों के शव को बरामद कर लिया गया है, जंगी जहाज आईआरआईएस को ईरान की सबसे बड़ी ताकत माना जाता था. मौज क्लास फ्रिगेट इसी साल मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज मिलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था.
अमेरिका ने ईरानी जंगी जहाज आईआरआईएस डेना को डुबोया
अमेरिका रक्षा सचिव पीट हेगसेथ सबमरीन स्ट्राइक की पुष्टि की है और बताया है कि अमेरिका ने ईरान के कई नेवल बेस समेत घातक जंगी जहाज और सबमरीन डुबो दी है. अमेरिकी एक्शन में सबसे ज्यादा चर्चा आईआरआईएस डेना की है. अमेरिकी सबमरीन ने हिंद महासागर में ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया है. जिसमें कम से कम 87 लोग मारे गए. ये वॉरशिप कुछ हफ़्ते पहले ही भारत में एक नेवल एक्सरसाइज़ में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था और वापस लौटते समय अमेरिका ने उसपर हमला कर दिया.
बताया जा रहा है कि श्रीलंका के करीब अमेरिकी पनडुब्बी ने मार्क-43 टॉरपीडो से ईरानी जहाज को डुबोया है. इस जहाज में 180 नौसैनिक सवार थे, जिनमें से महज 38 को बचाया जा सका है. बाकी 142 लापता है, जिनके मारे जाने की आशंका है. बचाव में जुटी श्रीलंकाई नेवी ने बताया कि 87 लोगों के शव मिल चुके हैं.
ईरान की नौसेना का एक महत्वपूर्ण युद्धपोत था. इस शिप पर क़ादिर एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें लगी हैं, जो दूर समुद्र में अमेरिकी और इजराइली जहाजों को निशाना बनाने में सक्षम था, जबकि सय्याद या एसएम-1 सतह-से-हवा में मार करने वाली मिसाइलें हवाई हमलों से बचाव के लिए तैनात थी.
किन-किन ईरानी जंगी जहाजों को अमेरिका ने किया ध्वस्त
आईआरआईएस डेना के अलावा अमेरिका ने कई बड़े और छोड़े ईरानी युद्धपोतों को ध्वस्त करने का दावा किया है. दरअसल ईरान की ताकत नेवी से है. ईरान की एयरफोर्स जितनी कमजोर है, उतनी ही ताकतवर ईरान की नेवी है. यही कारण है कि अमेरिका के टारगेट पर ईरान के नेवल बेस हैं, अगर अमेरिका के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो उन्होंने डेना के अलावा ईरान के इन युद्ध पोतों को ध्वस्त कर दिया है,
- आईआरआईएस मकरान
ईरान का सबसे बड़ा जंगी जहाज, जो एक ड्रोन कैरियर के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था. इस जहाज से ईरान की खतरनाक मिसाइल शहीद (शाहेद-136) ड्रोन को लॉन्च किया जाता था.
- आईआरआईएस शाहिद बघेरी—
आईआरआईएस शाहिद बघेरी, ईरान नेवी का सबसे नया ड्रोन कैरियर या जंगी जहाज है, इसे अमेरिका ने डुबो देने का दावा किया है.
- इसके अलावा ईरान के जनमरान, एक सुलेमानी क्लास युद्धपोत, बयंदर, नागेहड़ी, एक पनडुब्बी और फास्ट पेट्रोलिंग बोट या छोटे जहाजों को अमेरिकी नौसेना ने खत्म कर दिया है.
बंदर अब्बास स्थिति ईरान का नेवल बेस तबाह, अमेरिकी हमले का वीडिया सामने आया
ईरान के सुलेमानी क्लास जहाज आईआरआईएस शाहिद सैय्यद शिराजी पर अमेरिकी अटैक का ड्रोन वीडियो सामने आया है, अमेरिकी अटैक से ऐन पहले, शिराजी से एक मिसाइल फायर होती दिखी, शाहिद सैय्यद शिराजी से ईरान घातक मिसाइलें दाग रहा था. लेकिन अमेरिका ने आईआरआईएस शाहिद को भारी नुकसान पहुंचाया है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना का एक उन्नत, स्वदेशी रूप से निर्मित ‘शाहिद सुलेमानी-श्रेणी’ का कॉर्वेट युद्धपोत है 67 मीटर लंबा यह स्टील्थ पोत 2026 में रडार से बचने की क्षमता, लंबी दूरी की मिसाइलों और 45 समुद्री मील की गति के लिए जाना जाता है.
ईरानी नौसेना का बंदर-अब्बास और कोनराक (चाबहार के करीब) स्थित नेवल बेस तबाह हो चुका है. बंदर अब्बास में ईरानी नौसना का हेडक्वार्टर है. बताया जा रहा है कि इसी नेवल बेस से आईआरजीसी. अमेरिकी सैन्य बेस और इजरायली शहरों पर हमला कर रही थी.

