क्या ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किसी अनहोनी का डर है. क्या ईरान के स्कूल पर बम गिराने और 160 से ज्यादा मासूमों की मौत और लोगों की चीख से ट्रंप का आत्मा कांप रही है. क्या ईरान में हो रही मौतों के बाद अंधविश्वास के साए में जी रहे हैं ट्रंप. ये सवाल इसलिए क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच व्हाइट हाउस में एक स्पेशल प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया.
इस प्रार्थना सभा का वीडियो वायरल होते है अलग अलग चर्चाएं की जाने लगीं. वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ओवल ऑफिस की कुर्सी पर आंख बंद करके बैठे हुए हैं, तो वहीं दर्जनभर आध्यात्मिक गुरु उनकी कुर्सी के आसपास खड़े होकर ट्रंप के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.
इससे पहले ईरान के फ्रंट पर जंग लड़ने वाले कुछ सैनिकों की ओर से शिकायत आई है कि अमेरिकी सेना के कुछ अधिकारियों ने सैनिकों से कहा कि ईरान के साथ युद्ध “ईश्वर की योजना” का हिस्सा है. जिसके लिए यीशू ने ट्रंप को चुना है.
ट्रंप के लिए विशेष प्रार्थना का आयोजन, वायरल हुआ वीडियो
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के भयानक दौर है. नुकसान ईरान को तो हो ही रहा है, लेकिन अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है. पूरी दुनिया मिडिल ईस्ट में शांति की लाने पर जोर दे रही है. इस सबके बीच ट्रंप का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में ट्रंप अपने देश की रक्षा के लिए ईश्वर की शरण में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दफ्तर में पूजा की. ये पूजा उन्होंने ईसाई पद्धति से की गई है.
ट्रंप के ओवल दफ्तर में उनके साथ कई पादरी और अन्य सहायक दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान ट्रंप अपनी कुर्सी पर बैठे हैं. सभी गुरुओं ने मिलकर ट्रंप से साथ पूजा-अर्चना की. इस दौरान पादरी प्रार्थना कर रहे हैं और ट्रंप ने अपनी आंखें बंद की हुई हैं. पादरी ने ट्रंप के कंधे और हाथ को पकड़ा हुआ है. पादरियों ने दिव्य मार्गदर्शन, ताकत और सुरक्षा” की प्रार्थना की. पादरियों का कहना था कि देश इस समय एक “निर्णायक दौर” से गुजर रहा है और ऐसे समय में ईश्वर का आशीर्वाद बहुत जरूरी है. ट्रंप के सभी सहयोगियों ने भी इस प्रार्थना में हिस्सा लिया है.
कठिन समय में अमेरिका को विश्वास की जरूरत: ट्रंप
पादरियों ने कहा, “हम प्रार्थना करते हैं कि स्वर्ग से ज्ञान उनके दिल और दिमाग में भर जाए, और हे प्रभु, आप आज हम जिस मुश्किल समय का सामना कर रहे हैं, उसमें उनका मार्गदर्शन करें.”
ट्रंप ने इस प्रार्थना के बाद कहा, “कठिन समय में अमेरिका को विश्वास और ताकत की जरूरत है. अमेरिका को इस चुनौती भरे समय में फिर से ईश्वर की ओर लौटना होगा.”
ट्रंप की प्रार्थना का ये वीडियो व्हाइट हाउस में ट्रंप के सहायक और व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ और स्टाफ डेन स्केविनो ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो शेयर करते हुए डेन स्केविनो लिखते हैं कि “गॉड ब्लेस अमेरिका यानि ईश्वर अमेरिका की रक्षा करे.”
क्या अंधविश्वास के चक्कर में पड़े हैं ट्रंप
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग ट्रंप को अंधविश्वासी बता रहे हैं. तो कुछ लोगों का मानना है कि इजरायल-अमेरिकी बमबारी में जिस तरह से शिया से सबसे बड़े नेता खामेनेई की मौत हुई है साथ ही 160 बच्चों की मौत पर ट्रंप घबराए हुए हैं. कुछ लोगों ने ऐसे कमेंट भी किए कि ट्रंप को बच्चों की आत्माओं से डर लग रहा है, क्योंकि उन मासूमों का कोई कसूर नहीं था, इसलिए ट्रंप पादरियों की मदद से वो हाय मिटा रहे हैं, जो बच्चों के परिवारवालों ने उन्हें दी है.
वहीं ट्रंप के समर्थकों ने उनकी सार्वजनिक आस्था की तारीफ की.
एक और विवाद भी सामने आया है. दरअसल अमेरिकी सेना के कुछ अधिकारियों ने सैनिकों से कहा कि ईरान के साथ युद्ध “ईश्वर की योजना बताई है. साथ ही ट्रंप को यीशू से जोड़ा है. धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करने वाले संगठन मिलिट्री रिलीजियस फाउंडेशन का कहना है कि “उन्हें इस मामले में अमेरिकी सैनिकों की कई शिकायतें मिली हैं.”

