अयातुल्ला खामेनेई के बाद ईरान के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता अली लारीजानी की मौत की पुष्टि तेहरान ने कर दी है. सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के चीफ अली लारीजानी का माना जाना अमेरिका-इजरायल की ईरान के साथ जंग में निर्णायक मोड़ माना जा रहा है. अली लारीजानी ईरान के वो नेता थे, जो लगातार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती दे रहे थे और कह रहे थे कि ट्रंप ने ईरान पर अटैक करके जो गलती की है, उससे अब ट्रंप बच नहीं पाएंगे.
लारीजानी ईरान का वो चेहरा थे, जो खाड़ी देशों को ईरान के पक्ष में लाने का काम करते थे. 67 साल के लारीजानी ने पिछले सप्ताह ही जंग के बीच सड़कों पर उतरकर अमेरिकी और इजरायली सेना को चुनौती दी थी. लारीजानी का मारा जाना ईरान की सरकार और सेना के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
अमेरिका ने लारीजानी पर 10 मिलियन डॉलर इनाम की घोषणा की थी, इजरायली सेना ने तंज कसते हुए कहा है कि हमने लारीजानी को बिना इनाम ही मान गिराया है.
ईरान की ओर से लारीजानी की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर मिसाइल से हमले किए हैं. इन मिसाइलों में क्लस्टर वारहेड लगे थे. आईआरजीसी ने दुबई में भी मिसाइल से हमला किया है.
बेटी के घर पर मौजूद थे लारीजानी, इजरायल ने गिराया बम
सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और कद्दावर नेता अली लारीजानी की तेहरान के पास इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है. जिस वक्त आईडीएफ ने लारीजानी पर अटैक किया वो अपनी बेटी के घर में मौजूद थे. इजरायली एयरस्ट्राइक में लारीजानी के अलावा उनके बेटे मोर्तजा लारिजानी, उनके डिप्टी अलीरेजा बायात और उनके कई बॉडीगार्ड्स भी मारे गए हैं. जिस जगह इजरायल के बम गिरे, उस इलाके को ईरान का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है. माना जा रहा है कि अली लारीजानी इस बात को जानते थे कि वो अमेरिका-इजरायल के टारगेट पर हैं, इसलिए इस सुरक्षित इलाके में मौजूद थे, लेकिन इजरायली सेना ने इस इलाके को भेदकर सभी को चौंका दिया है.
डिफेंस फोर्स ने अपने एक बयान में लारीजानी को ईरान में नरसंहार का कर्ता-धर्ता बताया है. लारीजानी जून 2025 में ईरान सर्वोच्च परिषद के प्रमुख बनाए गए थे. मौजूदा वक्त में लारीजानी ही इस मिलिट्री ऑपरेशन्स को दिशा दे रहे थे.
लारीजानी शहीद, खून का बदला खून से लेंगे: ईरान
सिक्योरिटी काउंसिल ने एक बयान में उन्हें ‘इस्लामी गणराज्य का आजीवन सेवक’ बताते हुए कहा, “सुबह के शुरुआती घंटों में अली लारीजानी अपने बेटे मोर्तज़ा, अलीरेज़ा बायात और कई बॉडीगार्ड्स के साथ शहीद हो गए.”
लारीजानी की मौत से पूरे ईरान में शोक की लहर है. ईरानी राष्ट्रपति ने लारीजानी के निधन शोक जताया है. तो तेहरान की सड़कों पर नेता की निधन का दुख जताने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए.
इस बीच लारीजानी की मौत से बौखलाए ईरान ने बदला लेने की बात कही है. साथ ही तेलअवीव पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं.
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “उन आतंकवादी अपराधियों का इंतजार एक बड़ा बदला कर रहा है, जिन्होंने अपने गंदे हाथों को बेगुनाहों के खून से रंगा है.”
माहिर कूटनीतिज्ञ लारीजानी की परमाणु वार्ता में थी अहम भूमिका, 13 मार्च को आखिरी बार दिखे
इस वक्त जब अमेरिका-इजरायल ने हमला किया, तो लारीजानी आईआरजीसी और ईरान सेना के जवाबी हमलों की कमान संभाले हुए थे. अली लारीजानी कूटनीति, खुफिया और सैन्य शक्ति तीनों का गठजोड़ थे. 2025 में सुरक्षा प्रमुख बनने के बाद, परमाणु नीति और संकट प्रबंधन में उनकी भूमिका और मजबूत हो गई थी.
अगस्त 2025 में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के ओर से लारीजानी को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का सचिव नियुक्त किया गया था. इससे पहले अली लारीजानी पहले संसद अध्यक्ष और वरिष्ठ नीति सलाहकार भी रह चुके थे. परमाणु वार्ता में भी उनकी भूमिका रही थी.
ईरान के बड़े फैसलों में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती थी. खाड़ी देशों से अली लारीजानी के बहुत अच्छे संबंध थे, साथ ही रूस और चीन, लारीजानी पर आंख बंद करके भरोसा करते थे. पश्चिमी देशों से भी बातचीत के लिए लारीजानी ही वो शख्स थे, जो ईरान की ओर से बात करते थे.
अली लारीजानी को आखिरी बार 13 मार्च को तेहरान में कुद्स रैली के दौरान देखा गया. वो रैली में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ देखे गए थे. उस रैली में भी इजरायल की ओर से बम गिराए गए थे, लेकिन लारीजानी बेखौफ नजर आए थे.
लारीजानी ने दी थी ट्रंप को धमकी, कहा था, वेनेजुएला समझने की गलती न करें
इससे पहले ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने भी ट्रंप को लेकर धमकी दी थी. लारीजानी ने कहा था कि “ट्रंप अब फंस चुके हैं. उन्हें अयातुल्ला खामेनेई की मौत की सजा मिलकर रहेगी. उनका मुद्दा था… ईरान का पूरी तरह से टूटना. वॉशिंगटन ईरान में वेनेजुएला जैसी स्थिति बनाने की कोशिश कर रहा है. मुझे लगता है कि अमेरिकियों की सबसे बड़ी समस्या यह है कि वे पश्चिम एशिया, खासकर ईरान के संदर्भ को नहीं समझते हैं. उनकी सोच थी कि यह वेनेजुएला जैसा होगा… वे हमला करेंगे, कंट्रोल कर लेंगे और सब खत्म हो जाएगा, लेकिन अब वे फंस गए हैं.”
बासिज बल के प्रमुख की भी हुई मौत
बासिज बल के प्रमुख जनरल गुलाम रजा सुलेमानी की मौत हो गई है. इससे पहले इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया था कि सोमवार रात के हमलों में सुलेमानी के साथ-साथ ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी को भी मार गिराया गया है. जनरल सुलेमानी पर अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंध लगाए गए थे, क्योंकि उन पर वर्षों से विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाने का आरोप था.

