ईरानी सभ्यता खत्म करने की डेडलाइन से 90 मिनट पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 02 सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा कर दी. ईरान ने भी अमेरिका के साथ सीजफायर होने की पुष्टि की है. इजरायल ने भी ईरान-लेबनान में हमले रोकने पर मंजूरी दी है.
ईरान ने अपनी जीत की घोषणा करते हुए अपने देश को कहा है कि सीजफायर तेहरान की शर्तों पर हुआ है. वहीं ट्रंप ने कहा कि युद्धविराम समझौता इस शर्त पर किया गया है कि ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ को फिर से खोलने पर सहमत हो.
तो इजरायल की ओर से कहा गया है कि युद्ध स्थाई तौर पर रुकने की गारंटी नहीं है. यानि इजरायल को इस युद्धविराम के लंबे वक्त तक चलने पर संशय है.
हमारी जीत, अमेरिका ने मानी ईरान की शर्तें: नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल
पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी युद्ध के बीच राहत की खबर आई है. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने जीत की घोषणा करते हुए कहा, “अमेरिका को ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. जिसमें, हमले न करने की एक मूलभूत प्रतिबद्धता, होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल, यूरेनियम संवर्धन की स्वीकृति, सभी प्रतिबंधों को हटाना, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म करना, ईरान को मुआवजा देना, इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और लेबनान में इस्लामी प्रतिरोध के विरुद्ध सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति शामिल है.”
स्थाई शांति के लिए आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होगी. इस फैसले को पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच शांति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर बात होगी: ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर ऐलान किया कि उन्होंने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति जताई है. ट्रंप ने कहा, “यह सीजफायर इस शर्त पर आधारित है कि ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से फिर से खोल दे.”
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “मैं दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को स्थगित करने पर सहमत हूं.”
ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका अपने सभी सैन्य लक्ष्य पहले ही हासिल कर चुका है और ईरान के साथ एक लंबे समय तक चलने वाले शांति समझौते के काफी करीब है. अमेरिका को ईरान की तरफ से 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिसे वे बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार मानते हैं, क्योंकि पहले के ज़्यादातर विवादित मुद्दे पहले ही सुलझा लिए गए हैं. इन दो हफ़्तों का समय इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए रखा गया है.”
होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित: अब्बास अराघची
युद्धविराम की सहमति के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि “अगर ईरान पर हमले बंद हो जाते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी जवाबी कार्रवाई रोक देगी.” अब्बास अराघची ने यह घोषणा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से की.
होर्मुज को लेकर ईरान ने कहा, कि “दो हफ्तों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, लेकिन यह ईरानी सेना के साथ समन्वय और तकनीकी शर्तों के आधार पर होगा. अमेरिका ने 15 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है, जबकि ईरान के 10 बिंदुओं के प्रस्ताव को भी बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार किया गया है.”
सीजफायर पर व्हाइट हाउस क्या कह रहा है
ईरान के साथ सीजफायर के ऐलान पर व्हाइट हाउस का भी बयान आ गया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि बातचीत जारी रहेगी. लेविट ने कहा, बातचीत जारी रहेगी. लेविट ने कहा कि प्रेसिडेंट ट्रंप का बयान ही आगे की दिशा तय करेगा.
लेविट ने कहा कि सच ये है कि “हमारे राष्ट्रपति और हमारी पावरफुल सेना ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को राजी किया है और अब आगे की बातचीत जारी रहेगा.”

