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दुश्मन जान गए ताकत, ईरान ने अयातुल्ला खामेनेई को जीत समर्पित की

बुधवार का दिन मिडिल ईस्ट के लिए राहत लेकर आया. 40वें दिन अमेरिका-ईरान के बीच थम गया है युद्ध. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने देश को ये खुशखबरी देते हुए अयातुल्ला खामेनेई के नाम ये जीत की है.

28 फरवरी को सबसे पहले अमेरिका-इजरायल ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई समेत ईरान के सभी शीर्ष सैन्य नेताओं को एयरस्ट्राइक कर मार दिया था. उस वक्त अमेरिका ने ईरान को कमतर मान लिया था. लेकिन ईरान ने एक योद्धा की तरह अमेरिका के सामने सरेंडर करने से इनकार करते हुए लड़ने का फैसला किया.

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने ईरानियों को महान, गौरवशाली और वीर जनमानस बताते हुए कहा है कि हमने बड़ी जीत हासिल की है. और अयातुल्ला खामेनेई को याद करके आगे का प्लान साझा किया है.

दुश्मन को करारी हार का सामना करना पड़ा: सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने ईरान के लोगों से कहा, “अल्लाह के नाम पर, जो अत्यंत दयालु और रहम करने वाला है. ईरान के महान, गौरवशाली और वीर लोगों को यह सूचित किया जाता है कि ईरानी राष्ट्र ने अपने अन्यायपूर्ण, अवैध और आपराधिक युद्ध में दुश्मन को ऐतिहासिक और करारी हार का सामना करना पड़ा है.

“हम ईरान के महान राष्ट्र को यह खुशखबरी देते हैं कि लगभग सभी युद्ध लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं, और आपके वीर पुत्रों ने शत्रु को ऐतिहासिक रूप से असहाय और स्थायी रूप से पराजित कर दिया है. ईरान के नेक लोगों को यह जानना चाहिए कि युद्धक्षेत्र में हमारे पुत्रों के प्रयासों और ऐतिहासिक उपस्थिति के कारण, शत्रु एक महीने से अधिक समय से ईरान के भीषण आक्रमण और प्रतिरोध को रोकने की गुहार लगा रहा है.”

“ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने दुश्मन की सेनाओं, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक क्षमताओं को कुचल दिया है, जिससे दुश्मन पतन और हताशा की स्थिति में आ गया है और उसके पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा. युद्ध की शुरुआत में, दुश्मन को लगता था कि वो ईरान पर जल्दी वर्चस्व हासिल कर लेगा, और अस्थिरता फैलाकर आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर देगा, लेकिन उन्होंने ईरान की ताकत का गलत आकलन किया. दुश्मन सोचता था, वो हमारी मिसाइल और ड्रोन क्षमताएं कम कर देंगे, और हम अपनी सीमाओं से बाहर जवाबी कार्रवाई नहीं कर पाएंगे.”

दुश्मन हमें तोड़ना चाहते थे, अब हमला करने से पहले कई बार सोचेगा: सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा, “सिर्फ 10 दिनों के अंदर, दुश्मन को एहसास हो गया कि वह यह युद्ध नहीं जीत सकता, और उसने युद्धविराम का अनुरोध करने के लिए विभिन्न माध्यमों से ईरान से संपर्क करना शुरू कर दिया.”

“दुश्मन ईरान को तोड़ना चाहते थे, संसाधनों पर कब्जा करना चाहते थे, तेहरान में अराजकता फैलाना चाहते थे. लेकिन ईरान ने अपने भारी नुकसान और शीर्ष नेताओं को खोने के बाद ऐतिहासिक और निर्णायक जवाब देने का विकल्प चुना, जिससे दुश्मन भविष्य में किसी भी प्रकार की आक्रामकता करने से पहले सोचेगा.”

“ईरानी एकता के साथ, ईरान और प्रतिरोध ने संयुक्त राज्य अमेरिका और जायोनी शासन के खिलाफ इतिहास के सबसे भीषण संयुक्त युद्धों में से एक को अंजाम दिया. हमने अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को लगभग नष्ट कर दिया, भारी नुकसान पहुंचाया.”

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद  ने कहा, “शुरुआत से हमने यह निर्णय लिया था कि युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक शत्रु पूरी तरह से पराजित न हो जाए और देश के लिए दीर्घकालिक खतरे समाप्त न हो जाएं. ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की डेडलाइन को बार-बार अस्वीकार किया क्योंकि शत्रु द्वारा दी गई ऐसी किसी भी समय-सीमा हमारे लिए अहम नहीं थी.”


“राष्ट्र की एकजुट इच्छाशक्ति द्वारा समर्थित ईरान का ऐतिहासिक निर्णय यह है कि इस लड़ाई को तब तक जारी रखा जाए जब तक हमने जीत हासिल नहीं कर ली. हमने ईरान की शक्ति और संप्रभुता पर आधारित क्षेत्र में नए सुरक्षा और राजनीतिक समीकरण स्थापित किया है.”

मोजतबा खामेनई की अल्लाह रक्षा करें, दुश्मनों पर हमारी नजर है: सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद

सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद  ने अपने बयान में कहा, “यह निर्णय लिया गया है कि ईरान इस्लामाबाद में केवल इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित दो सप्ताह की वार्ता करेगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि युद्ध समाप्त हो गया है. ईरान युद्ध की समाप्ति तभी स्वीकार करेगा जब इन सिद्धांतों की पुष्टि हो जाएगी.”

“यदि युद्धक्षेत्र में शत्रु का आत्मसमर्पण वार्ता में निर्णायक राजनीतिक लाभ में परिवर्तित होता है, तो हम इस ऐतिहासिक विजय का एक साथ जश्न मनाएंगे, नहीं तो हम ईरानी राष्ट्र की सभी मांगों की पूर्ति तक कंधे से कंधा मिलाकर लड़ते रहेंगे. हमारी मुट्ठी में बंदूक है, और शत्रु की जरा सी भी गलती पर हम पूरी ताकत से जवाब देंगे.”

“अल्लाह हमारे सुप्रीम नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई की रक्षा करें.”

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