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लेबनान पर फंस गया पाकिस्तान, White House ने बताई शहबाज के ड्राफ्ट की हकीकत

लेबनान पर लगातार हो रहे अटैक के बाद ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज  पर एक बार फिर से रोक लगा दी है. लेबनान पर इजरायली हमलों ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम समझौते को नाजुक मोड़ पर है.

ईरान ने लेबनान पर हमले की स्थिति में अमेरिका से समझौता नहीं करने की घोषणा की है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो यह संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन होगा. हमें कोई नहीं रोक पाएगा.

दरअसल अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता से पहले पाकिस्तान की फजीहत हो गई है. पाकिस्तान पर अमेरिका से कुछ और, ईरान से कुछ और वादा करके एक मंच पर लाने का आरोप लगा है. ईरान कह रहा है कि पाकिस्तानी प्रस्ताव में लेबनान का नाम साफ-साफ लिखा है, कि युद्धविराम के दौरान लेबनान पर हमला नहीं होगा, वहीं व्हाइट हाउस ने सफाई दी है कि युद्धविराम में लेबनान का कोई जिक्र ही नहीं है.

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची लगातार पाकिस्तानी ड्राफ्ट को हाईलाइट कर करके दुनिया को दिखा रहे हैं कि लेबनान का नाम है. तो व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा है कि लेबनान तो ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते का हिस्सा ही नहीं है.

लेबनान को संघर्षविराम के दायरे से बाहर रखना असंभव: ईरान

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने गुरुवार को दो टूक कहा कि, लेबनान अहम सहयोगी है. इस मुद्दे पर न तो इनकार की गुंजाइश है और न ही पीछे हटने की.

गालिबफ के मुताबिक, “लेबनान और पूरा ‘रेजिस्टेंस एक्सिस’ ईरान के रणनीतिक सहयोगी हैं और उन्हें संघर्षविराम के दायरे से बाहर रखना असंभव है. अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने  वार्ता के दौरान लेबनान के मुद्दे को सार्वजनिक और स्पष्ट रूप से उठाया था. शहबाज शरीफ ने दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के अस्थायी संघर्षविराम को लेकर किए अपने एक्स पोस्ट में भी लेबनान का जिक्र किया था.”

गा​लिबफ ने चेतावनी दी कि “अगर संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ तो उसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी और ईरान की ओर से कड़ा और प्रभावी जवाब दिया जाएगा.”

लेबनान नहीं है सीजफायर समझौते का हिस्सा: व्हाइट हाउस

व्हाइटहाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया है कि लेबनान, ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं है.

जबकि ईरान और अमेरिका के बीच डाकिया बने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि इस संघर्ष विराम में लेबनान भी शामिल है.हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत इस बयान को खारिज कर दिया था. नेतन्याहू ने कहा है, कि हमें जब और जहां हमला करना होगा, हम करेंगे. आतंकियों के खिलाफ एक्शन लेते रहेंगे.

शहबाज की निकली होशियारी, सोशल मीडिया पर खुली पोल

ईरान युद्ध विराम को लेकर अब एक अहम खुलासा हुआ है, जिससे साबित हो रहा है कि अमेरिका के कहने पर एक-एक बयान दे रहे थे शहबाज शरीफ. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जो सोशल मीडिया पोस्ट कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से डेडलाइन बढ़ाने की अपील की थी, वह पोस्ट पहले ही व्हाइट हाउस की मंजूरी से तैयार किया गया था.

शरीफ के पोस्ट में शुरुआत में  ‘ड्राफ्ट- पाकिस्तान पीएम मैसेज ऑन एक्स’ लिखा होने के कारण सोशल मीडिया पर यह अटकलें भी तेज हो गईं कि यह बयान सीधे ट्रंप या उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया है. हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस दावे से इनकार किया और कहा कि ट्रंप ने यह बयान खुद नहीं लिखा.

हालांकि अमेरिकी मीडिया दावा कर रही है कि अमेरिका से ईरान के लिए जो संदेश मिला, उसके अमल की पूरी प्रक्रिया को व्हाइट हाउस ने मॉनिटर किया. यहां तक कि जो पोस्ट पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने किया था, उसे भी व्हाइट हाउस ने ही अप्रूव किया था. यही वजह थी कि पोस्ट के साथ शहबाज शरीफ ने ड्राफ्ट मैसेज ऑफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भी शेयर कर दिया था.

अमेरिका के कहने पर ही इस्लामाबाद में बैठक प्रस्तावित किया गया. शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच फाइनल सीजफायर को लेकर मीटिंग होगी.

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