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इजरायल कर रहा युद्धविराम का अपमान, यूरोप ने लेबनान अटैक की निंदा की

लेबनान पर हुए इजरायली हमले की यूरोप ने एक सुर में निंदा की है. चाहे फ्रांस हो या इटली, ब्रिटेन हो या जर्मनी, सभी ने इजरायल को कटघरे में खड़ा करते हुए मिडिल ईस्ट में युद्धविराम को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि इजरायल सीजफायर का अपमान कर रहा है तो फ्रांस ने कहा, कि लेबनान में मासूसों की हत्या रुकनी चाहिए. ब्रिटिश विदेश मंत्री ने भी लेबनान पर किए गए अटैक को गलत बयाता तो यूरोपीय यूनियन ने सीजफायर को लेकर सवाल खड़े कर दिए.

इजरायल ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया: जॉर्जिया मेलोनी

यूरोपीय देशों ने सीजफायर के भविष्य पर सवाल उठाए हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि “इजरायल ने 2 हफ्तों के संघर्ष विराम नियमों का ‘अपमान’ किया है… हालात बेहद खराब हैं और ये “नो पॉइंट ऑफ रिटर्न” के करीब पहुंच चुके हैं. फिर भी अब जो शांति की संभावना है, उसे दृढ़ता से आगे बढ़ाने की जरूरत है.”

जॉर्जिया मेलोनी ने अपनी संसद से कहा, कि “इटली ऐसे किसी भी संघर्ष विराम नियमों के उल्लंघन की आलोचना करता है.”

इजरायल की हरकत से शांति वार्ता पटरी से उतर सकती है: रूस

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची को फोन मिलाकर हालात पर चर्चा की. लावरोव ने अराघची की इस मांग से सहमति जताई कि किसी भी युद्धविराम समझौते में लेबनान को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए. लावरोव ने कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है और इस पर निश्चित रूप से फैसला लिया जाना चाहिए. 

रूसी विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी कर लेबनान में इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की. मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि “इस तरह की आक्रामक कार्रवाई पूरी शांति वार्ता को पटरी से उतार सकती है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर रूस अपनी गहरी चिंता जाहिर करता है. उन्होंने अपील की कि सभी पक्ष संयम बरतें, जिससे कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इस मसले का हल निकल सके.”

मैक्रों ने लेबनान पर जताई चिंता, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री से बात की

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका-ईरान के युद्धविराम की सराहना की. लेकिन लेबनान में स्थिति को खराब बताया है. इजरायल के हमलों की मैक्रों ने कड़ी आलोचना की है. मैक्रों ने कहा कि “उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से बात की. इन जानलेवा हमलों को लेकर फ्रांस की पूरी एकजुटता दिखाई. लेबनानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से वार्ता के फ्रांस के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ये हमले हाल ही में हुए सीजफायर के बने रहने के लिए सीधा खतरा हैं. लेबनान को इस सीजफायर के तहत पूरी तरह शामिल किया जाना चाहिए.”

मैक्रों ने कहा, “सीजफायर होने से दुनिया ने राहत की सांस ली है. लेकिन लेबनान में स्थिति गंभीर बनी हुई है. लेबनान को भी इस प्रस्ताव के दायरे में लाना चाहिए.”

फ्रांस के विदेश मंत्री ने भी लेबनान पर हो रहे हमले को स्वीकार करने योग्य नहीं माना. कहा है कि “इससे अमेरिका-ईरान के बीच हुआ अस्थायी सीजफायर कमजोर पड़ रहा है.”

इजरायली कार्रवाई गैरजरूरी, हिजबुल्लाह छोड़े हथियार: काजा कलास

यूरोपीयन यूनियन (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने हिज्बुल्लाह को हथियार रखने की नसीहत देते हुए इजरायल को भी सुनाया है. ईयू की शीर्ष राजनयिक काजा कलास ने कहा, कि “अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर समझौता लेबनान तक भी लागू होना चाहिए. ईरान समर्थित लेबनानी आतंकी संगठन हिज्बुल्लाह को अपने हथियार डाल देने चाहिए.”

काजा कलास ने एक्स पोस्ट में लिखा, “हिज्बुल्लाह ने लेबनान को युद्ध में घसीटा, लेकिन खुद की रक्षा करने के इजरायल के अधिकार से इस तरह की भारी तबाही मचाने को सही नहीं ठहराया जा सकता. अमेरिका-ईरान सीजफायर पर भारी दबाव पड़ रहा है. ईरान के साथ हुआ यह समझौता लेबनान तक भी लागू होना चाहिए.

काजा ने इजरायली एयरस्ट्राइक को गलत बताते हुए लिखा, ” इजरायल के हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए, जिससे यह तर्क देना मुश्किल हो जाता है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयां ‘आत्मरक्षा’ के दायरे में आती हैं.”

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