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लेबनान-इजरायल के बीच सीधी बातचीत, ट्रंप-बीबी में चर्चा

लेबनान में हुए अटैक के बाद डीरेल लग रहे सीजफायर को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन बात की है. ट्रंप ने लेबनान पर हमले रोकने की अपील की है. ट्रंप ने चिंता जताई कि अगर इजरायल ने हमले नहीं रोके तो अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम पर बात नहीं बन पाएगी.

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत ऐसे वक्त में हुई है, जब शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के बीच युद्धविराम की शर्तों पर बातचीत होनी है.

वहीं अमेरिका और यूरोपीय देशों के दबाव के बाद पीएम नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के आदेश दिए हैं.

हिजबुल्लाह को हथियार मुक्त करने के लिए लेबनान से बातचीत: नेतन्याहू

लेबनान को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है. नेतन्याहू लेबनान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने को तैयार हो गए हैं. ये फैसला इसलिए लिया है क्योंकि अमेरिका और यूरोपीय देशों का मानना है कि अगर लेबनान पर इजरायल ने हमले नहीं रोके, तो ईरान के साथ 02 सप्ताह का युद्धविराम टूट सकता है.

नेतन्याहू ने कहा है कि “लेबनान की तरफ से बार-बार बातचीत की मांग की जा रही थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया. इस बातचीत का मकसद हिज्बुल्लाह को हथियारों से मुक्त करना और दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना होगा.”

नेतन्याहू के मुताबिक, उन्होंने लेबनान के साथ जितनी जल्दी हो सके सीधी बातचीत शुरू करने की अनुमति दे दी है.

ट्रंप-बीबी में हुई बातचीत, लेबनान पर चर्चा

नेतन्याहू से लेबनान से बातचीत से कुछ घंटे पहले ही सार्वजनिक रूप से कहा था कि इजरायल  लेबनान पर ‘पूरी ताकत’ से हमले जारी रखेगा. क्योंकि सीजफायर के प्रस्ताव में लेबनान है ही नहीं. इस बयान के बाद ईरान ने भी पलटवार की चेतावनी दी थी और कहा था कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो सीजफायर समझौते से पीछे हट सकते हैं.

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच बातचीत के दौरान ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि लेबनान पर हमले कर किए जाएं, ताकि ईरान सीजफायर पर कोई असर न पड़े.

युद्धविराम ही एकमात्र रास्ता: लेबनान

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ ने कहा है, कि “इजरायल के साथ जारी तनाव का समाधान सिर्फ युद्धविराम से ही संभव है. संघर्ष विराम को लेकर प्रस्ताव रखा गया है और इजरायल के साथ सीधे बातचीत की शुरुआत भी हो चुकी है.”
राष्ट्रपति ने कहा कि “अब तक इस प्रस्ताव को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. मौजूदा हालात में शांति बहाल करने के लिए युद्धविराम जरूरी है.यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है और दोनों देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है.”

बताया जा रहा है कि लेबनान-इजरायल की बीच सीधी बातचीत वॉशिंगटन में होगी. तब तक इजरायली सेना संयम बरतेगी.

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