ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में मौजूद है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची मस्कट, मॉस्को और इस्लामाबाद की तीन देशों की विदेश यात्रा के तहत पाकिस्तान पहुंचे हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर के भी पाकिस्तान पहुंचने की संभावना है. उम्मीद थी कि शायद एक बार फिर अमेरिका-ईरान एक मेज पर वार्ता के लिए आए.
लेकिन ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है, जबकि पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से अपना पक्ष रखने को कहा है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने पुष्टि की कि इस्लामाबाद में ईरानी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच कोई सीधी बैठक निर्धारित नहीं है.
माना जा रहा है कि अराघची के इस्लामाबाद मौजूदगी के बाद अमेरिकी जानबूझकर पाकिस्तान जाने के लिए कूद पड़ा है. अमेरिका एक बार फिर अपने बेइज्जती कराने के लिए तैयार है, क्योंकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के मिले बिना है ईरानी विदेश मंत्री इस्लामाबाद से मस्कट-मॉस्को के लिए निकल जाएंगे.
पाकिस्तान में ईरानी विदेश मंत्री, अमेरिका से नहीं करेंगे बात
अब्बास अराघची की इस्लामाबाद में स्वागत किया गया है. शुक्रवार देर शाम इस्लामाबाद पहुंचे अराघची ने पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर और अपने समकक्ष से मुलाकात की.
इस दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने फोटो शेयर करते हुए अमेरिका से बातचीत की सभी संभावनाओं पर ब्रेक लगाते हुए एक्स पर लिखा, “हम एक आधिकारिक दौरे के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे हैं. विदेश मंत्री अराघची, अमेरिका के थोपे गए आक्रामक युद्ध को खत्म करने और हमारे क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान के चल रहे मध्यस्थता प्रयासों और सद्भावना पहलों के सिलसिले में पाकिस्तान के उच्च-स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. ईरान और अमेरिका के बीच कोई बैठक होने की योजना नहीं है. ईरान की बातें पाकिस्तान के जरिए पहुंचाई जाएंगी.”
अब्बास अराघची के पाकिस्तान पहुंचने पर कूटनीतिक हलको में हलचल तेज है. कहा जा रहा है कि ईरान में अमेरिका को घुटने पर लाने वाले सैन्य बल आईआरजीसी ने इस दौरे का विरोध किया है.
अमेरिकी डेलिगेशन से बिना मिले मॉस्को-मस्कट दौरा करेगा ईरानी डेलिगेशन
अराघची का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ट्रंप ने स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर को इस्लामाबाद भेजा है. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से जुड़ी बातचीत के लिए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ सलाहकार जरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजेंगे. अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे मध्यस्थ चैनलों के जरिए ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे.
बताया जा रहा है ईरानी डेलिगेशन समझौते की अपनी शर्ते पाकिस्तान को सौंपेगा और पाकिस्तान ही इन शर्तों को आगे बढ़ाएगा. ईरान-अमेरिका के बीच पाकिस्तान के जरिए बातचीत की जाएगी.
इस्लामाबाद में अपनी बैठकों के बाद ईरानी विदेश मंत्री अपनी क्षेत्रीय यात्रा के अगले चरण में मस्कट और मॉस्को के लिए रवाना होंगे.
इस्लामाबाद जाने को तैयार बैठे अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस
अमेरिका की ओर से दावा किया गया है कि ईरान बातचीत करना चाहता है, उन्होंने बातचीत की अपील की है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, अमेरिका ने हाल के दिनों में ईरानी पक्ष की ओर से कुछ प्रगति देखी है और उम्मीद है कि इस वीकेंड में और प्रगति होगी.
लेविट ने कहा, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पाकिस्तान जाने को तैयार हैं, अगर फौरन जरूरत पड़ी तो वेंस इस्लामाबाद जाएंगे.
हालांकि जब ट्रंप से पूछा गया कि “अमेरिका किसके साथ बातचीत कर रहा है तो उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कहना चाहता, लेकिन हम उन लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं जो वर्तमान में सत्ता संभाल रहे हैं.”

