अमेरिका के चक्कर में यूएई और ईरान के बीच तलवारें खिंची हुई हैं. इजरायल के साथ करीबी बढ़ने के कारण ईरान ने यूएई को इस्लामी दुनिया का गद्दार बता डाला है. लगातार दो दिनों से यूएई पर हमले किए गए हैं, जिससे ईरान ने पल्ला झाड़ लिया है. ईरानी सेना के प्रवक्ता ने दावा किया है कि यूएई पर उनकी ओर से कोई भी मिसाइल और ड्रोन हमला नहीं किया गया है.
ईरानी सेना ने यूएई को धमकाते हुए कहा है कि, अगर यूएई की जमीन से ईरान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की गई, तो ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि पछताना पड़ेगा.
वहीं यूएई ने ईरान पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें रक्षात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है, और जिस तरह से ऑयल पोर्ट्स को टारगेट किया गया है, उसका बदला यूएई लेकर रहेगा.
यूएई पर ईरान ने नहीं किया हमला, आरोप बेबुनियाद: इब्राहिम जुल्फिकारी
ईरानी सेना के प्रवक्ता, इब्राहिम जुल्फिकारी के हवाले से कहा गया है कि “ईरान के सशस्त्र बलों ने यूएई पर कोई मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं किया है; यूएई रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी है, खारिज करते हैं.”
दरअसल यूएई के फुजैराह ऑयल पोर्ट पर मिसाइल दागी गई हैं, जिनमें 03 भारतीय घायल हुए. यूएई का आरोप है कि ईरान ने 15 मिसाइलों और 04 ड्रोन से अटैक किया है.
लेकिन ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत आईआरजीसी ने कहा है कि ईरान की ओर से कोई हमला नहीं हुआ. उल्टा आरोप लगाए जाने के कारण ईरान भड़क गया है, और यूएई को चेतावनी दे डाली है.
अमेरिकी-इजरायलियों का अड्डा बन गया है यूएई: इब्राहिम जुल्फिकारी
ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने यूएई अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है, कि “आपका देश अमेरिकियों और इजरायलियों का अड्डा बनकर इस्लामी दुनिया से गद्दारी न करे. यूएई अफसोसजनक रूप से अमेरिका और ज़ायोनी बलों का मुख्य अड्डा बन गया है, जो इस्लामी दुनिया के दुश्मन हैं और क्षेत्रीय असुरक्षा का कारण हैं.
इब्राहिमजुल्फिकारी यहीं नहीं रुके, कहा, “प्रोपेगेंडा, झूठे आरोप और खुद को पीड़ित दिखाने से न तो समस्याएं हल हो सकती हैं और न ही अंतरराष्ट्रीय माहौल को बदला जा सकता है. अब तक का कोई भी संयम सिर्फ यूएई में मुसलमानों की सुरक्षा और भलाई की चिंता के कारण था.”
यूएई के फुजैराह पोर्ट पर हमला, यूएई ने बदले की कसम खाई
यूएई ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उनके फुजैराह ऑयल पर पोर्ट पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया. हालांकि उनकी रक्षा प्रणाली ने हमलों को रोक दिया. लेकिन इस हमले को यूएई ने गंभीर बताया है.
यूएई ने इन हमलों को विश्वासघाती करार दिया और कहा कि “ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा पैदा करते हैं.”
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा, “ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उल्लंघन हैं. यूएई किसी भी हालत में अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा. देश इन बिना उकसावे वाले हमलों का जवाब इस तरह से देने का अपना पूरा और कानूनी अधिकार रखता है जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार उसकी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और उसके नागरिकों, निवासियों और विजिटर्स की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.”

