चीन के दौरे पर बीजिंग पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई है मुलाकात. इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है, क्योंकि ये मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है, जब मिडिल ईस्ट सुलग रहा है. अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के युद्ध के दूसरे राउंड की शुरुआत किसी भी वक्त हो सकती है, तो खुद चीन, ताइवान के साथ उलझा हुआ है.
ट्रंप ने जिनपिंग की शान में कसीदे पढ़े हैं और उन्हें अपना बेहतरीन मित्र बताया है. जबकि पूरी दुनिया जानती है कि ट्रंप-जिनपिंग में पावरप्ले चलता रहता है. बहरहाल जिनपिंग के साथ दोस्ती की बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “हमारे आपसी रिश्ते बहुत शानदार रहे हैं. हमारी आपस में खूब बनती है.
तो चीनी राष्ट्रपति ने भी कहा, कि हमारी बैठक पर पूरी दुनिया की नजर हैं, हम प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि मिलकर दुनिया के बेहतरी के लिए बदलाव करेंगे.
आपको बता दें कि ट्रंप के बीजिंग पहुंचते ही चीन ने ताइवान के मुद्दे पर कान ऐंठ दिए थे, कि ताइवान को अगर अमेरिका ने हथियार दिए तो चीन अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा. तो वहीं ट्रंप भी अपने साथ एक लंबे कारोबारियों के डेलिगेशन के साथ पहुंचकर ताकत दिखाने की कोशिश की है कि चीन की जितनी अर्थव्यवस्था है, उतना तो अमेरिकी उद्योगपतियों का टर्नओवर है.
ट्रंप ने जिनपिंग को बताया महान नेता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब शी जिनपिंग से मिले तो उनकी तारीफ करने लगे. ट्रंप ने शी को बताया महान नेता और कहा, “जब भी कोई मसला आया, हमने मिलकर उन्हें सुलझाया. मैं आपको (शी को) फोन करता था, और आप मुझे फोन करते थे. जब भी हमारे सामने कोई समस्या आई, हमने उसे तत्काल सुलझाया भी.”
ट्रंप ने जिनपिंग से कहा, “चीन और अमेरिका के बीच संबंध पहले से कहीं बेहतर होने वाले हैं… हमारा भविष्य उज्ज्वल होगा. चीन के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है, आपने जो काम किया है, उसकी मैं सराहना करता हूं. आप एक महान नेता है. मैं यह बात हर किसी से कहता हूं, कभी-कभी लोगों को मेरा यह कहना पसंद नहीं आता, लेकिन मैं फिर भी कहता हूं.
ट्रंप ने जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कहा, “हम एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं. वास्तव में, हमारे दोनों देशों के बीच किसी भी राष्ट्रपति और राष्ट्रपति के बीच का यह सबसे लंबा संबंध है और यह मेरे लिए सम्मान की बात है. हमारा रिश्ता शानदार रहा है. हम एक-दूसरे के साथ अच्छे से रहे हैं.”
हम प्रतिद्वंदी नहीं पार्टनर्स, वर्चस्व की लड़ाई से आगे बढ़ना होगा: जिनपिंग
अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा को लेकर मेजबान राष्ट्रपति जिनपिंग ने कहा, “9 साल बाद चीन में आपका फिर से स्वागत है. पूरी दुनिया की नजर हमारी इस बैठक पर लगी हुई है. इस समय, पूरी दुनिया में एक ऐसा बदलाव तेजी से आ रहा है जो पिछली एक सदी में नहीं देखा गया था. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति भी अस्थिर और उथल-पुथल भरी रही है.”
जिनपिंग ने ट्रंप से कहा, “दुनिया आज एक नए मोड़ पर आ खड़ी हुई है. क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ (वर्चस्व की लड़ाई) से बढ़कर बड़े देशों के आपसी संबंधों का एक नया प्रतिमान स्थापित कर सकते हैं?”
जिनपिंग ने कहा, “क्या हम मिलकर वैश्विक बदलावों का सामना कर सकते हैं? हम आपसी प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार हैं. हमें एक-दूसरे को सफल होने में मदद करनी चाहिए. मेरा हमेशा से यही मानना रहा है कि हमारे दोनों देशों के बीच मतभेदों की तुलना में साझा हित कहीं अधिक हैं. एक की कामयाबी दूसरे के लिए एक अवसर होती है, और एक स्थिर द्विपक्षीय संबंध पूरी दुनिया के लिए हितकर होता है.”
“चीन और अमेरिका, दोनों को ही आपसी सहयोग से लाभ होगा, जबकि टकराव से दोनों को ही नुकसान उठाना पड़ेगा. इसलिए हमें आपसी प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं, बल्कि साझेदार के रूप में होना चाहिए. हमें एक-दूसरे को सफल होने में मदद करनी चाहिए, मिलकर समृद्ध होना चाहिए, और नए दौर में बड़े देशों के आपस में तालमेल बिठाने का सही रास्ता खोजना चाहिए.”
बड़े उद्योगपतियों संग बीजिंग पहुंचे हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के कुछ सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों के साथ बीजिंग पहुंचे हैं, क्योंकि वह इस यात्रा के दौरान बड़े वाणिज्यिक समझौते पर मुहर लगाना चाहते हैं. राष्ट्रपति के साथ यात्रा करने वालों में एनवीडिया के प्रमुख जेन्सेन हुआंग और टेस्ला व स्पेसएक्स के अरबपति सीईओ एलन मस्क और एप्पल सीईओ टॉम कुक समेत कई बड़े कारोबारी-सीईओ शामिल हैं ट्रंप ने जिनपिंग संग द्विपक्षीय बैठक में कहा, “हमारे सभी महान प्रतिनिधिमंडलों की ओर से, जिनमें दुनिया के सबसे बड़े, सबसे प्रतिष्ठित और शायद सर्वश्रेष्ठ व्यवसायी शामिल हैं… मुझे कंपनी में दूसरे या तीसरे दर्जे के लोगों की जरूरत नहीं थी. मुझे केवल शीर्ष लोगों की जरूरत थी. वे आज यहां आपको और चीन को सम्मान देने आए हैं. वे व्यापार और व्यवसाय करने के लिए उत्सुक हैं, और हमारी ओर से भी यह पूरी तरह से पारस्परिक होगा. मैं हमारी चर्चा के लिए बहुत उत्सुक हूं. यह एक बड़ी चर्चा है. जो लोग कहते हैं कि यह शायद अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन है, उन्हें शायद ही कभी ऐसा कुछ याद हो.”

