अमेरिका में अवैध हथियार कारोबार और मशीन गन रखने के मामले में पंजाबी डेविल्स मोटरसाइकिल गैंग के सरगना को सुनाई गई है सजा. स्टॉकटन स्थित “पंजाबी डेविल्स” मोटरसाइकिल गिरोह के संस्थापक जशनप्रीत सिंह को पिछले साल उस वक्त एफबीआई ने धर दबोचा था, जब वो अमेरिका से भारत भागने की फिराक में था.
जशनप्रीत, एफबीआई के शक के दायरे में तब आया जब उसने एक अमेरिकी सीक्रेट एजेंट को हथियार खरीदने का ऑफर दिया. कुछ महीनों की सुमनाई के बाद अमेरिकी कोर्ट ने कैलिफोर्निया निवासी जशनप्रीत को पांच वर्ष से अधिक की जेल सजा सुनाई है.
सीक्रेट एजेंट को बेचने चला हथियार, धरा गया
एफबीआई के मुताबिक, जशनप्रीत सिंह ने “पंजाबी डेविल्स” नाम का एक मोटरसाइकिल गिरोह बनाया था. यह गिरोह स्टॉकटन क्षेत्र में सक्रिय था और इसका संबंध “हेल्स एंजेल्स” नामक कुख्यात मोटरसाइकिल समूह से हैं.
जांच में सामने आया कि छह जून 2025 को सिंह ने एक गुप्त अधिकारी को कई हथियार बेचने की कोशिश की थी. जशनप्रीत ने सीक्रेट एजेंट को छोटी नली वाली राइफल, तीन हमला करने वाले हथियार, मशीन गन में बदलने वाले उपकरण और एक रिवॉल्वर ऑफर किया था.
इसके बाद जांच एजेंसियों ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो एफबीआई के होश उड़ गए. तलाशी के दौरान जशनप्रीत के ठिकानों से हथियारों का जखीरा मिला, जिनमें मशीन गन, और साइलेंसर शामिल थे.
हथियारों, विस्फोटकों से बड़ी साजिश रच रहा था पंजाबी डेविल्स
एफबीआई के मुताबिक इस गैंग के पास बड़ी मात्रा में हथियार थे. जांच के दौरान अधिकारियों को एक अनानास आकार का फ्यूज लगा हैंड ग्रेनेड और सैन्य उपयोग जैसी विस्फोटक सामग्री भी मिली. इतने हथियार और विस्फोटक थे कि सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ विभाग की बम निरोधक टीम को बुलाना पड़ा और सभी विस्फोटकों और हैंडग्रेनेड को नष्ट किया गया.
जुलाई 2025 से ही जशनप्रीत के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया गया. इस बीच एफबीआई को गुप्त सूचना मिली कि उसने भारत जाने के लिए टिकट बुक कराया है. जानकारी के अनुसार 26 जुलाई 2025 को सैन फ्रांसिस्को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होने वाला था, लेकिन आरोपी को हवाई अड्डे पर ही गिरफ्तार कर लिया, गिरफ्तारी के बाद से वह जांच एजेंसियों के पास है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई “ऑपरेशन टेक बैक अमेरिका” अभियान के तहत की गई. इस अभियान का उद्देश्य अवैध आव्रजन, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों और हिंसक अपराधों पर सख्त कार्रवाई करना है.

