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ईरान में अमेरिका का हमला, कुवैत पर IRGC ने दागी मिसाइलें

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से बढ़ गया है सैन्य तनाव, जिसके कारण खाड़ी देशों में हड़कंप मचा हुआ है. क्योंकि कब कौन सी ईरानी मिसाइल और ड्रोन गल्फ देशों पर गिर जाए, इसकी आशंका बढ़ी हुई है.

युद्धविराम के बीच गुरुवार को अमेरिकी सेना ने ईरानी समयानुसार सुबह 4.50 बजे बंदर अब्बास के पास एक ड्रोन लॉन्चर ठिकाने पर हमला किया. इस अटैक के महज कुछ देर बाद ईरान ने हमले को युद्धविराम का उल्लंघन मानते हुए कुवैत पर जवाबी हमला कर दिया.

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के मुताबिक कुवैत के अल सलेम एयरबेस (अमेरिकी एयरबेस) पर ईरान ने हमला किया है.

ईरानी हमले के बाद कुवैत की सरकार ने नागरिकों से हाईअलर्ट और सुरक्षित रहने की गाइडलाइन जारी की है.

बंदर अब्बास पर अमेरिका का हमला, ईरान ने कुवैत पर दागे ड्रोन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को संवर्धित यूरेनियम को लेकर दबाव बना रहे हैं, तो ईरान किसी भी कीमत पर अपने यूरेनियम को सौंपने को तैयार नहीं.

गुरुवार को ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को धमकाया और धमकी के कुछ देर बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के बेहद अहम बंदर अब्बास शहर के पास ड्रोन हमले के कई ठिकाने ध्वस्त कर दिए. हालांकि अमेरिका ने इसे रक्षात्मक कार्रवाई करार दिया है.

अमेरिका का कहना है कि बंदर अब्बास के पास से होकर एक अमेरिकी व्यापारिक जहाज गुजर रहा था, जिसकी सुरक्षा अमेरिकी सेना के जिम्मे था. इस जहाज पर ईरान ने ड्रोन हमले की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी सेना ने ईरानी ड्रोन मार गिराए. इसके बाद एक ईरानी लॉन्चर को भी ध्वस्त कर दिया गया.

अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने रात भर में ईरान में नए हमले किए. इन हमलों में एक ऐसी सैन्य साइट को निशाना बनाया गया, जिसके बारे में माना जाता था कि वो होर्मुज स्ट्रेट में मौजूद अमेरिकी सेनाओं और कमर्शियल समुद्री आवाजाही के लिए खतरा पैदा कर रही थी.

आईआरजीसी ने अमेरिका का धमकाया, आक्रामक अटैक की चेतावनी

ईरान ने इस हमले का जवाब देने में थोड़ी देर भी नहीं लगाई. ईरान ने कुवैत में अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ ड्रोन अटैक कर दिए.

कुवैत सेना का कहना है कि बेस के आसपास के एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है. कुवैत ने अपने नागरिकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए कहा है.

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को सीधे तौर पर बेहद सख्त चेतावनी जारी की है. आईआरजीसी ने बंदर अब्बास में हुए अटैक का जिक्र करते हुए कहा, यदि इस तरह के हमलों को दोबारा दोहराया गया तो ईरान की तरफ से इससे भी ज्यादा निर्णायक और घातक प्रतिक्रिया दी जाएगी और इसके गंभीर परिणामों के लिए केवल हमलावर जिम्मेदार होगा.

ईरान हुआ कमजोर, समझौता करने के लिए गिड़गिड़ा रहा: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कहा है कि ईरान के पास कोई सैन्य ताकत नहीं बची. ट्रंप ने कैबिनेट मीटिंग के बाद यह घोषणा की अमेरिका को संवर्धित यूरेनियम चाहिए. ईरान इसे देने को तैयार नहीं है.

ट्रंप के मुताबिक, ईरान अब ‘कमजोर स्थिति में बातचीत’ कर रहा है. लेकिन अमेरिका किसी जल्दबाजी में समझौता नहीं करेगा.

कैबिनेट बैठक की शुरुआत में ट्रंप ने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच समझौता जल्द हो सकता है. ट्रंप ने कहा, कि “पिछले हफ्ते के अंत में उनकी सरकार और तेहरान के बीच समझौते को लेकर काफी प्रगति हुई थी, हालांकि बातचीत अभी पूरी तरह अंतिम रूप में नहीं पहुंची है.”

आपको बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच अप्रैल में आधिकारिक तौर पर सीजफायर की घोषणा की गई थी. इसके बाद से दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी. इस हफ्ते फाइनल ड्राफ्ट तैयार करने के लिए ईरान के प्रतिनिधि कुवैत गए थे.

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