इंग्लिश चैनल पार करने की कोशिश कर रहे रूस से जुड़े एक शैडो ऑयल टैंकर को ब्रिटिश रॉयल नेवी ने एक ऑपरेशन के बाद जब्त कर लिया है. यूके नेवी के मरीन कमांडो ने चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और जहाज में दाखिल हो गए.
इंग्लैंड के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ऑपरेशन का 35 मिनट का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है. अफ्रीकी देश कैमरून के फ्लैग वाला ये जहाज, एमवी स्माइरटोस, रुस से क्रूड ऑयल लेकर इंग्लिश चैनल से गुजर रहा था, जब रॉयल मरीन्स ने आठ घंटे तक निगरानी रखने के बाद इस पर बोर्ड कर अपने कब्जे में लिया. जानकारी के मुताबिक, इस दौरान रॉयल नेवी का एचएमएस सुथरलैंड और एचएमएस लेडबरी भी ऑपरेशन एरिया में तैनात किए गए थे.
दो हफ्ते में रूस का दूसरा शैडो फ्लीट ऑयल टैंकर जब्त
पिछले दो हफ्ते में ये रूस का दूसरा शैडो टैंकर है जिसे किसी यूरोपीय देश ने ऑपरेशन के बाद जब्त किया है. इसी महीने के शुरुआत में फ्रेंच नेवी ने भी इंग्लैंड की मदद से अटलांटिक महासागर से गुजर रहे एक ऐसी टैंकर को सीज किया था. फ्रेंच नेवी ने दावा किया था कि वो जहाज टेगोर भी कैमरून का फ्लैग वाला था.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो शेयर किया था, जिसमें एक कमांडो हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जहाज पर उतरता हुआ दिखाई दे रहा है. इसके अगले हिस्से में आधुनिक हथियार लिए हुए कमांडो जहाज पर कब्जा करते हुए दिख रहे हैं.
यूक्रेन युद्ध से रूस पर भड़के हैं यूरोपीय देश
मैक्रों ने वीडियो के साथ लिखा, “यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार करें, समुद्री कानून का उल्लंघन करें और उस युद्ध को वित्तीय मदद पहुंचाएं जो रुस पिछले चार वर्षों से यूक्रेन के खिलाफ लड़ रहा है.”
मैक्रों ने लिखा, “यह ऑपरेशन अटलांटिक महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कई साझेदार देशों, जिनमें यूनाइटेड किंगडम भी शामिल है, सभी के सहयोग से समुद्री कानून का पूरी तरह पालन करते हुए चलाया गया.”
फ्रांस के नेवी के अधिकारियों के अनुसार यह टैंकर उत्तर-पश्चिमी रूस के मरमांस्क से रवाना हुआ था. इस जहाज पर फर्जी तरीके से कैमरून का एक झंडा लगा था, और ये जहाज पश्चिमी कैमरून के एक तटीय शहर लिम्बे की ओर बढ़ रहा था.
हाल के महीनों में फ्रांस ने ऐसे कई संदिग्ध ‘शैडो फ्लीट’ टैंकर रोके हैं. पश्चिमी देशों का आरोप है कि ये जहाज प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी तेल ले जा रहे हैं. फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम दोनों ने मिलकर यह फैसला किया है कि वो अपने जलक्षेत्र से गुजरने वाले रूस के प्रतिबंधित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े जहाजों को गुजरने नहीं देंगे.
क्रेमलिन ने दी थी कड़ी प्रतिक्रिया
रूस ने फ्रांस के एक्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस) ने फ्रांसीसी कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया था.

