Breaking News Middle East TFA Exclusive War

खामनेई के ‘हत्यारों’ से डील नामंजूर, तेहरान में अराघची के खिलाफ जनता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी हुकमरान भले डील को लेकर बल्ले-बल्ले कर रहे हैं, लेकिन ईरान में अमेरिका के साथ समझौते को लेकर जबरदस्त विरोध शुरु हो गया है. तेहरान सहित कई शहरों में लोग ईरान के विदेश मंत्री अराघची और संसद के स्पीकर गालिबाफ के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. 

ईरान के सांसद तक सुप्रीम लीडर (स्वर्गीय) अयातुल्लाह अली खामनेई के हत्यारों के साथ समझौते को लेकर सार्वजनिक तौर से डील के खिलाफ मुखर हो गए हैं. 

तेहरान की सड़कों पर अराघची-गालिबाफ के इस्तीफे की मांग

ईरान की राजधानी तेहरान में महिलाओं के विरोध प्रदर्शन का वीडियो सामने आया है, जिसमें अराघची और गालिबाफ के इस्तीफे के साथ-साथ मौत की सजा सुनाए जाने के नारे लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा मसहद शहर में विदेश मंत्रालय के एक ऑफिस के सामने भी विरोध प्रदर्शन का वीडियो सामने आया है. 

ईरान में पेजेश्कियान सरकार पर भारी आईआरजीसी

ईरान की जनता को लगता है कि अमेरिका के साथ समझौता करने में अराघची और गालिबाफ की अहम भूमिका है. ईरान की कट्टरपंथी मिलिशिया आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) अमेरिका के साथ डील करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है.

आईआरजीसी को लगता है कि ईरान ने 40 दिन (28 फरवरी-अप्रैल) की जंग में अमेरिका और इजरायल को घुटनों पर ला दिया था. ऐसे में समझौते के जरिए ईरान को अमेरिका के हाथों बेइज्जती का सामना करना पड़ सकता है.

ईरान में राष्ट्रपति पेजेश्कियान सरकार से ज्यादा आईआरजीसी के समर्थक ज्यादा माने जाते हैं. ऐसे में ईरान की जनता भी आईआरजीसी की नीतियों को अनुसरण करती दिखाई पड़ रही है. सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई के दुनिया के सामने ना आने से पेजेश्कियान (सिविल) सरकार और आईआरजीसी में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. 

आईआरजीसी के कमांडर्स को डील में होरमुज खोलना और परमाणु कार्यक्रम को बंद करने पर खासी आपत्ति है. लेकिन दूसरी तरफ, नरमपंथी पेजेश्कियन को देश की जनता को रोटी के लाले, महंगाई, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को जबरदस्त नुकसान और पुर्ननिर्माण की चिंता है. सिविल गर्वमेंट को लगता है कि ट्रंप के साथ डील कर ईरान की अर्थव्यवस्था को एक बार फिर पटरी पर लाया जा सकता है, जो पहले प्रतिबंध और फिर युद्ध (और नेवल ब्लॉकेड) के चलते पूरी तरह चरमरा गई है.

इलेक्ट्रोनिक-साइनिंग रविवार को लेकिन जिनेवा पर सस्पेंस

उधर, ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को डील पर ‘इलेक्ट्रॉनिक-साइन’ का ऐलान कर दुनिया का राहत की सांस जरूर दी थी. शहबाज के मुताबिक, अगले हफ्ते डील के ‘टेक्निकल’ मुद्दों को लेकर वार्ता संभव है. ये वार्ता, स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होनी है. लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने जिनेवा जाने पर संशय खड़ा कर दिया है. 

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता, बाघई के मुताबिक, अगले दो दिनों में जिनेवा जाने की कोई योजना नहीं है. साथ ही ये भी कह दिया कि “अमेरिका के वादे तोड़ने के इतिहास को देखते हुए तेहरान अमेरिका के साथ कूटनीति को लेकर फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है.”

डील करने वाले शर्म करो’

ईरान के सांसद भी अब अमेरिका के साथ डील के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. ईरान के कोम शहर के सांसद मोहम्मद मन्नान रईसी ने एक सत्ता-समर्थक सभा में कहा कि रविवार को होने वाले समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से सर्वोच्च नेता की “लाल रेखाओं” का उल्लंघन होगा. ट्रंप को अली खामेनेई का “हत्यारा” बताते हुए उन्होंने ईरानी अधिकारियों से “थोड़ी सी शर्म” दिखाने का आग्रह किया.

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave feedback about this

  • Rating

Choose Your Premium Plan

Unlock exclusive defence reports, geopolitical analysis and premium articles.