अमेरिका के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होने का बाद ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला खामेनेई का आखिरकार अंतिम संस्कार होने वाला है. करीब 04 महीने बाद अयातुल्ला खामेनेई के विदाई कार्यक्रम में ईरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया है. अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत हुई थी.
खामनेई का अंतिम संस्कार 5 से 9 जुलाई तक चलेगा. कार्यक्रम 9 जुलाई 2026 को खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में दफन के साथ समाप्त होगा. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री मोदी को इसमें शामिल होने के लिए न्योता भेजा है. हालांकि भारत की ओर से इस निमंत्रण की पुष्टि नहीं की गई है.
28 फरवरी को खामेनेई के निधन के बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया था. और शोक पुस्तिका में भारत की ओर से संदेश लिखा था.
4 महीने बाद आखिरकार दफनाए जाएंगे अयातुल्ला खामेनेई
अमेरिका के साथ समझौते पर मुहर लगाए जाने के बाद ईरान ने अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरु कर दी है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने खामेनेई के ठिकाने पर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें अयातुल्ला खामेनेई समेत ईरानी सेना के लगभग सभी शीर्ष मारे गए थे. हालांकि इस हमले में खामेनेई के बेटे और मौजूदा सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई बाल-बाल बच गए थे.
28 फरवरी को शुरु हुई युद्ध के कारण अयातुल्ला खामेनेई के शव को सुरक्षित रख लिया गया था, कई बार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने की कोशिश की गई. अंतिम संस्कार की घोषणा की गई, लेकिन इजरायल और अमेरिका की एयरस्ट्राइक के डर से बार-बार कार्यक्रम को टालना पड़ा.
लेकिन अब जब अमेरिका-ईरान के बीच एमओयू पर सहमति बन गई है तो अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों की शुरुआत 5 जुलाई से होगी. तेहरान के दक्षिण में स्थित पवित्र शहर कोम में 7 जुलाई को विशेष शोक सभाएं और रस्में आयोजित की जाएंगी. अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को 9 जुलाई को उनके गृहनगर और पूर्वोत्तर ईरान के पवित्र शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
ईरान की तरफ से अयातुल्ला के अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में वैश्विक नेताओं को बुलाया जा रहा है. ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने पीएम मोदी को भी तेहरान आने का न्योता दिया है. हालांकि अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों में भारत की ओर से कौन शामिल होगा, इसकी पुष्टि नहीं की गई है.
ईरानी सरकार का मानना है कि कार्यक्रम में 2 करोड़ से ज्यादा लोग शामिल होंगे, क्योंकि अयातुल्ला खामेनेई ईरान में बहुत लोकप्रिय थे और ईरानी जनता अंतिम दर्शन के लिए टूट पड़ेगी.
अयातुल्ला के अंतिम संस्कार में नजर आएंगे मोजतबा?
कयास लगाया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से अब तक कभी नजर न आने वाले नए सुप्रीम लीडर और अयातुल्ला के बेटे मोजतबा खामेनेई भी पहली बार सार्वजनिक तौर पर देखे जा सकते हैं. हालांकि रिपोर्ट्स ये बताती हैं कि मोजतबा खामेनेई अमेरिका के हवाई हमले में बहुत बुरी तरह से घायल हुए थे और कोमा में हैं. लेकिन युद्ध के दौरान मोजतबा की तरफ से दिए जा रहे संदेशों को समय-समय पर ईरानी जनता तक पहुंचाया गया है.
अमेरिका-इजरायल का मानना है कि मोजतबा की हालत बेहद बुरी है, लेकिन ईरान अपने सुप्रीम लीडर को स्वस्थ बता रहा है. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस ओर रहेगी कि क्या मोजतबा खामेनई भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और वैश्विक नेताओं से मुलाकात करेंगे, जैसे कि उनके पिता अयातुल्ला खामेनेई किया करते थे.

