ईरान के साथ युद्ध के मोर्चे पर फंसे अमेरिका ने यूरोप का सैन्य बल संभालने वाले कमांडर को बर्खास्त कर दिया है. बर्खास्त किए गए लेफ्टिनेंट जनरल चार्ल्स कोस्टांज़ा वही सैन्य अफसर हैं, जो यूक्रेन को दी जाने वाली मदद की देखरेख कर रहे थे. पेंटागन के अचानक लिए गए इस फैसले पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अपने शीर्ष जनरल को तय कार्यकाल खत्म होने से पहले ही चलता क्यों कर दिया है.
ये कोई पहली बार नहीं है, जब पेंटागन ने ऐसा कोई फैसला लिया हो. इसी साल अप्रैल के महीने में ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच ही अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज और दो अन्य वरिष्ठ जनरलों को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया था. ये वो वक्त था जब अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा था.
पेंटागन ने अपने शीर्ष जनरल को अचानक हटाया
पेंटागन ने अचानक यूक्रेन को दी जाने वाली मदद के तालमेल की देखरेख करने वाले शीर्ष जनरल चार्ल्स कोस्टांज़ा को हटा दिया है. अमेरिकी आर्मी की वी कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल चार्ल्स को उनके तय कार्यकाल के खत्म होने से केवल दो महीने पहले ही उनकी कमांड से हटा दिया गया है.
अप्रैल 2024 में कमांड संभालने वाले ये लेफ्टिनेंट जनरल, यूरोप में अमेरिकी सेना की टुकड़ियों की देखरेख और ऑपरेशन के तालमेल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. जिसमें नाटो की फ्रंटलाइन पर यूक्रेन के लिए अमेरिकी सैन्य सहायता का प्रबंधन करना भी शामिल था.
लेफ्टिनेंट जनरल चार्ल्स को ऐसे समय में हटाया गया है जब रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के नेतृत्व में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर बड़े पैमाने पर फेरबदल हो रहा है. और पिछले कुछ महीनों में कई उच्च-रैंकिंग सैन्य अधिकारियों को हटाया या किनारे किया गया है.
बताया जा रहा है कि पेंटागन इस साल यूरोप में अमेरिकी सेना की मौजूदगी को कम कर रहा है, और जिसके बाद बचे हुए सैनिकों पर भयंकर दबाव है और कई मोर्चों पर सैन्य मौजूदगी बनाए रखने में अमेरिका को संघर्ष करना पड़ रहा है. अब सैनिकों के कमांडर और चीफ को हटाए जाने से अमेरिकी सेना का मनोबल गिरना तय है.
यूक्रेन के मोर्चे पर थी अहम भूमिका, यूरोप में तैनात सैनिकों में उथलपुथल
लेफ्टिनेंट जनरल कोस्टांज़ा ने अप्रैल 2024 में वी कोर के कमांडर का पदभार ग्रहण किया था. जनरल कोस्टांज़ा एक बख्तरबंद अधिकारी थे और वी कोर की कमान संभालने से पहले, उन्होंने जॉर्जिया के फोर्ट स्टीवर्ट में तीसरी इन्फैंट्री डिवीजन का नेतृत्व किया था.
लेफ्टिनेंट जनरल कोस्टांज़ा के हटाए जाने के बाद ब्रिगेडियर जनरल जॉन बी. माउंटफोर्ड, वी कोर के उप कमांडर हैं, उन्हें कार्यवाहक कमांडर के रूप में कार्यभार संभालने की जिम्मेदारी दी गई है.
वी कोर को यूरोप में अमेरिकी सेना बलों की कमान संभालने और अमेरिकी सैन्य अभियानों के समन्वय का दायित्व सौंपा गया है. कोर का एक हिस्सा पोलैंड में तैनात है. यूक्रेन में रूस द्वारा सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से इसकी भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें कीव के लिए अमेरिकी समर्थन का समन्वय करना और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के पूर्वी हिस्से में वाशिंगटन की सैन्य उपस्थिति का प्रबंधन करना शामिल है.
कोस्टांज़ा की बर्खास्तगी यूरोप में अमेरिकी सैन्य फेरबदल के बीच हुई है.इस साल, पेंटागन ने इस क्षेत्र में कुछ तैनाती कम कर दी है, जिनमें सबसे प्रमुख पोलैंड में प्रथम इन्फैंट्री डिवीजन की दूसरी बख्तरबंद ब्रिगेड भेजने की योजना को रद्द करना है. इस फैसले से वारसॉ में आक्रोश है, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका पोलैंड में 5,000 सैनिक तैनात करेगा.

