अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ईरान ने झूठा करार दे दिया है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि कतर में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होने वाली है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अभी अमेरिका के साथ कतर में किसी भी स्तर की वार्ता तय नहीं है.
ट्रंप ने कहा था कि ईरान, अमेरिका से बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहा है. लेकिन ईरान ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि कतर की राजधानी दोहा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के लिए है.
ईरान ने साफ-साफ कह दिया है कि दोहा दौरा केवल एमओयू के अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए है और अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत तभी शुरू होगी, जब तय प्रमुख प्रावधान लागू होंगे.
दोहा में अमेरिका से नहीं हो रही कोई बातचीत: ईरानी विदेश मंत्रालय
अमेरिकी और ईरान के बीच एमओयू पर मंजूरी दिए जाने के बाद बढ़े तनाव के बीच कतर में होने वाली वार्ता अधर में लटक गई है. ट्रंप ने दावा किया था कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और प्रतिनिधिमंडल दोहा में ईरान के साथ बातचीत करने वाले हैं. क्योंकि अमेरिका की हालिया कार्रवाई के बाद ईरान बार-बार बातचीत के लिए जोर दे रहा था.
लेकिन ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने प्रेस वार्ता में कहा, “आने वाले दिनों में अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर हमारी कोई बातचीत तय नहीं है.”
ईरान की ओर से कहा गया है कि “अंतिम समझौते पर बातचीत तभी शुरू होगी, जब 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन की शुरुआती शर्तों पर अमेरिका अमल करेगा.”
इस्माइल बघाई ने कहा, “हम अभी अंतिम समझौते के लिए बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं. एमओयू के अनुच्छेद 13 के अनुसार, अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होना अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 के कार्यान्वयन की शुरुआत और उनके कार्यान्वयन के जारी रहने पर निर्भर करता है. अंतिम समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू होने से विश्वास बहाली लागू करना आवश्यक है.”
ट्रंप के दूत दोहा रवाना, ईरान का इनकार
अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरान के साथ बातचीत के लिए कतर के दोहा रवाना हो गए हैं. विटकॉफ ऐसे समय दोहा का दौरा कर रहे हैं, जब हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक दूसरे पर हमले न करने की सहमति बनी है. ट्रंप ने सोमवार को बताया कि मंगलवार को दोहा में होने वाली कूटनीतिक बातचीत बेहद अहम है. अमेरिका अपने रुख पर कायम है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता.
ट्रंप ने कहा, “ कल (मंगलवार) दोहा में बैठक होगी. देखते हैं कि इसमें क्या होगा. यह बैठक अहम भी है और नहीं भी. ये साफ है कि ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने होंगे. हम नहीं चाहते कि उनके पास परमाणु हथियार हो और वे इसके लिए तैयार भी हैं.”
ट्रंप के अलावा व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा था कि “अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जारेड कुशनर मंगलवार को दोहा जा रहे हैं, जहां ईरान के साथ बातचीत की जाएगी. यह पहल हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दोनों पक्षों के बीच हुए तनाव और सैन्य गतिविधियों के बाद की जा रही है. यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है.”
ऐसे में सवाल ये है कि अमेरिका लगातार कह रहा है कि ईरान संग बातचीत की जाएगी, लेकिन ईरान ने इस बातचीत की बात को खारिज कर दिया है. ऐसे में बैठक को लेकर कन्फ्यूजन बढ़ गई है. वहीं एमओयू होने के बाद जिस तरह से अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य एक्शन हुआ है, उससे लगता है कि एमओयू ज्यादा दिनों तक टिकने नहीं वाला.

