ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने अपने अज्ञातवास से एक बार फिर अमेरिका और इजरायल से बदला लेने की धमकी दी है. अपने वालिद और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से गायब रहे मोजतबा ने अपनी एक नई तस्वीर भी जारी की है. पिछले पांच महीने में ये पहली बार है कि मोजतबा की कोई तस्वीर सामने आई है.
28 फरवरी को तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई पर हुए अमेरिका और इजरायल के हमले में मोजतबा भी गंभीर रूप से घायल हुआ था. उसके बाद से एक अज्ञात जगह पर आईआरजीसी (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) की देखरेख में मोजतबा का इलाज चल रहा था. 10 जुलाई को अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद ये खबर सामने आई थी कि मोजतबा पहली बार कोम में एक प्रार्थना सभा में सामने आएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बीच मोजतबा ने अली खामेनेई के हत्यारों (अमेरिका और इजरायल) से बदला लेने का संदेश जारी कर अपनी तस्वीर जारी कर दी.
मैं रहूं ना रहूं, बदला जरूर लिया जाएगा
तस्वीर जारी करने से पहले, मोजतबा ने अपना एक लंबा चौड़ा संदेश जारी कर अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी. मोजतबा ने कहा कि “शहीद नेता (अली खामेनेई) और ईरानी जनता के हत्यारों से बदला लेना मेरे या अन्य अधिकारियों के उपस्थित होने पर निर्भर नहीं है. चाहे हम यहां हों या न हों, यह बदला अवश्य लिया जाएगा.”
दरअसल, मोजतबा की हालत को लेकर लगातार संदेह पैदा हो रहा था. संदेह इस बात का कि मोजतबा की हालत कैसी है. ईरान का सुप्रीम लीडर, क्या वाकई अमेरिका और इजरायल के हमलों से डरकर अपने वालिद के जनाजे या फिर सुपर्द-ए-खाक की रस्म में शामिल नहीं हुआ है, या अभी भी उसकी हालत गंभीर है. कयास इस बात के भी लगाए जा रहे थे कि कहीं वो कोमा में तो नहीं है. या इलाज कराने के लिए ईरान ने मोजतबा को चुपचाप रूस की राजधानी मॉस्को भेज दिया है.
अपने संदेश के जरिए भी मोजतबा ने ये बताने की कोशिश की है कि भले वो रहे या ना रहे, अली खामेनेई और ईरानी जनता के हत्यारों से बदला जरूर लिया जाएगा.
मोजतबा ने अपने संदेश में कहा कि “हमारे पास उन अपराधियों की सूची है जिन्होंने पिछले दो युद्धों में हमारे नेता और लोगों की हत्या की थी. इन अपराधियों और हत्यारों की मौत बिस्तर पर प्राकृतिक मौत नहीं होगी.” यानी ईरान भी अमेरिका और इजरायल की तरह आर-पार के मूड में है.
ट्रंप ने तोड़ दिया है एमओयू, वार-पलटवार जारी
गुरूवार और शुक्रवार को भी अमेरिका ने ईरान के 200 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे. अमेरिका के ये हमले ऐसे समय में हुए थे, जब अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थी. ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे.
शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि ईरान के साथ एमओयू (शांति करार) खत्म हो गया है. क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कार्गो जहाज पर हमला किया है. जबकि एमओयू के तहत अगले 60 दिनों तक होर्मुज को बिना किसी रोक-टोक के खोला जाएगा.

