Breaking News Middle East War

ईरान को दिलाई छठी की याद, अमेरिका ने पुल-एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन किए तबाह

अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर तगड़ी एयरस्ट्राइक की है. अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने इस बार सिर्फ सैन्य ठिकाने नहीं, बल्कि ईरान की लाइफलाइन कहे जाने वाले पुलों, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट को मलबे में बदल दिया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद अमेरिकी सेना ईरान पर टूट पड़ी है. अमेरिका के हमले में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई है. वहीं पुलों के टूट जाने के कारण ईरान के कई शहरों का संपर्क टूट गया है.

अमेरिकी अटैक के जवाब में बौखलाए ईरान ने भी एक बार फिर से खाड़ी देशों को निशाना बनाया है. बहरीन और कुवैत में बने अमेरिकी बेस पर मिसाइलों और ड्रोन हमले करके पलटवार किया है.

अमेरिका और ईरान के ताजा हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बेहद बिगड़ चुके हैं. और ये युद्ध रुकने की संभावना बिलकुल हार या जीत पर खत्म होने वाली लगती है.

अमेरिका ने उड़ाए ईरान के 05 पुल, शहरों से संपर्क टूटा

ईरान के होरमोज़गान प्रांत में गुरुवार रात और शुक्रवार की सुबह अमेरिकी हमलों में पांच पुलों को निशाना बनाया गया, यह जानकारी प्रांतीय गवर्नर कार्यालय ने दी है. गवर्नर कार्यालय के अनुसार, “हमले में अमेरिकी हमले में ईरान का कहोरेस्तान पुल, बंदर अब्बास-खमीर-लार सड़क पर गेरिवेह पुल,लतीदान गांव (कलमताली) के बाद वाला पुल, जो बंदर अब्बास से खमीर और लार के वापसी मार्ग पर है; कहोरेस्तान-लार सड़क पर दो पुल, और  बंदर खमीर-केशर-बंदर अब्बास सड़क पर एक अधूरा पुल; और खमीर काउंटी में मारो गांव का पुल ध्वस्त हो चुका है.”

 गवर्नरेट ने लोगों से “इन मार्गों और आसपास के इलाकों में यात्रा करने से बचने की अपील की है, ताकि राहत और बचाव दल बिना किसी बाधा के प्रभावित स्थानों तक पहुंच सकें.”

अमेरिकी एयरस्ट्राइक में ईरान में 07 लोगों की मौत हुई है, जबकि 09 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

एयरपोर्ट, कम्युनिकेशन टॉवर और रेलवे स्टेशन को नुकसान

अमेरिका ने पुलों के अलावा ईरानी एयरपोर्ट, कम्युनिकेशन टावर और सैन्य ठिकानों को भी टारगेट किया है. तेहरान के आसपास, सेमनान प्रांत, एयरपोर्ट और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर भी हमलों का दावा किया जा रहा है. सेमनान ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र है.

अमेरिका ने होरमोज़गान प्रांत में सड़क और रेलवे नेटवर्क को भी निशाना बनाया. दक्षिण-पूर्वी शहर ईरानशहर के एयरपोर्ट पर हमला होने से एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा है. कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है.

ईरान के अहवाज, केश्म द्वीप, बुशेहर, दश्ती, बोस्तान, सीरिक और बंदर-ए-लेंगेह में कई धमाके सुने गए हैं.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, “लड़ाकू विमान, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से कई सटीक हमले किए गए. इन हमलों में कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया.”

सेंटकॉम ने अपने बयान में कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार कमजोर किया जा रहा है और हाल में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए उसे जवाबदेह ठहराया जा रहा है. पश्चिम एशिया में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं.”

अमेरिका ने होर्मुज में रोके तीन जहाज: सेंटकॉम

यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा,कि “ईरान के खिलाफ लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी के तहत नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे तीन कमर्शियल जहाजों को रोका गया. इनमें एक जहाज को निष्क्रिय कर दिया गया, दूसरे पर अमेरिकी सैनिकों ने सत्यापन के लिए बोर्डिंग की, जबकि तीसरे का रास्ता बदल दिया गया.16 जुलाई को अमेरिकी मरीन की 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट ने एम/टी वेन याओ टैंकर पर बोर्डिंग अभियान चलाया और ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले समुद्री यातायात पर कार्रवाई फिर से शुरू कर दी.”

अमेरिकी सेना का कहना है कि “होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला और सुरक्षित है, लेकिन केवल वे जहाज रोके जा रहे हैं जो अमेरिका की ‘स्टील वॉल ब्लॉकेड’ का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे हैं.”

सेंटकॉम ने दावा किया कि “चेतावनियों की अनदेखी करने वाले कुराकाओ के झंडे वाले एम/टी बेल्मा टैंकर को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे वह ईरान के खर्ग द्वीप की ओर नहीं बढ़ सका.”

ईरान का पलटवार, कुवैत-बहरीनजॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमले

ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी देशों को टारगेट किया है. आईआरजीसी ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं.

ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य तैनाती वाले ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर्स को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया है. ईरानी सेना ने अपने बयान में कहा कि “हम इतिहास, जनसमर्थन, अनुभव और युद्धक तैयारी के दम पर किसी भी दबाव या खतरे का पूरी सतर्कता और मजबूती से सामना करने के लिए तैयार हैं.”

जॉर्डन के मुताबिक, उसने ईरान की तीन मिसाइलों को मार गिराया है. वहीं बहरीन के भी एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइलों को मारने का दावा किया है.

अमेरिका को होर्मुज में हस्तक्षेप नहीं करने देंगे: आईआरजीसी

ईरानी सेना के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वॉर्टर के प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ने चेतावनी दी है. जुल्फाघारी ने कहा, कि “अगर अमेरिका ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले जारी रखता है, तो ईरान पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले करेगा. किसी भी परिस्थिति में और किसी भी तरीके से हम अमेरिका जैसे बाहरी और क्षेत्र से बाहर के देश को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हस्तक्षेप नहीं करने देंगे. यह ईरान का है और अधिकार भी ईरान का ही रहेगा.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *