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गोली का जवाब गोली से, POK की मुनीर को ललकार

भारत के खिलाफ नापाक साजिशें रचने वाला पाकिस्तान खुद अपने घर में मार खाने पर मजबूर हो गया है. बलूचिस्तान ने खुद को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया तो अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओजेके में फौज के खिलाफ हथियार उठा लिया गया है.

ये पूरी दुनिया के सामने है कि किस तरह पीओके में पाकिस्तान के फेल्ड (फील्ड) मार्शल असीम मुनीर की सेना ने मासूम लोगों के साथ ज्यादती की है, कैसे खुलेआम सेना की गोली से लोग मारे गए हैं, कैसे खुद पाकिस्तानी सैनिक गाड़ियों में आग लगाकर, लोगों को फंसा देते हैं. लोगों का सब्र अब टूट चुका है.

पीओके के लोगों ने ऐलान कर दिया है कि अगर असीम मुनीर गोली की भाषा समझते हैं तो उन्हें गोली की भाषा में ही जवाब दिया जाएगा.

आपको बता दें कि पीओके में तकरीबन ढाई महीने से प्रदर्शन चल रहा है, इस प्रदर्शन को कुचलने के लिए पाकिस्तानी आर्मी की फायरिंग में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

ऐसे में पीओके में प्रदर्शन कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने हथियार उठाने की घोषणा कर दी है.

और लोगों की मौत हुईं तो मुनीर के सैनिक मारे जाएंगे: प्रदर्शनकारी

पाकिस्तान ऑक्युपाइड कश्मीर में प्रोटेस्ट कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी ने ऐलान किया है कि अब पीओके के लोग ना तो पाकिस्तान सरकार को कोई टैक्स देंगे, ना बिजली का बिल भरेंगे, सरकारी स्कूलों व दफ्तरों का भी बहिष्कार किया जाएगा.

कमिटी का कहना है कि “अगर असीम मुनीर के सैनिक बेगुनाह लोगों पर गोली चलाएंगे तो फिर जवाब में पाकिस्तानी फौजियों की लाशें भी गिरेंगी.”

पीओके के लोगों ने कहा कि “शहबाज शरीफ की सरकार सेना की मदद से लोगों पर जुल्म कर रही है. छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं की हत्या हो रही है लेकिन पीओके के लोगों का दर्द न पाकिस्तान की अदालतों को दिखता है और ना ही यूनाइटेड नेशन्स जैसी बड़ी संस्थाओं को. लेकिन अब लोग खुद अपनी लड़ाई लड़ेंगे.”

सेना के सामने सीना तान कर खड़े रहेंगे:  अमान कश्मीरी

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेता सरदार अमान कश्मीरी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन का ऐलान किया. अमान कश्मीरी ने कहा कि “प्रदर्शन करने वाले आम मेहनतकश परिवारों से आते हैं. उनके माता-पिता ने मजदूरी और कड़ी मेहनत करके उन्हें पाला है. ऐसे लोग गोलियों से नहीं डरते.”

अमान कश्मीरी ने यह भी कहा कि “इस पूरे विवाद का समाधान बातचीत और राजनीतिक तरीके से होना चाहिए. पाकिस्तान  की सरकार ताकत के बजाय राजनीतिक समाधान निकाले, क्योंकि पीओके में गोलियों का राज नहीं चलेगा.”

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी नेतृत्व में पिछले दो महीने से अधिक समय से उग्र विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई और बिजली दरों के खिलाफ था, जो अब पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सीधी बगावत और ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ तक पहुंच चुका है.

पीओके की सच्चाई दबाने के लिए अल जजीरा पर लगाया प्रतिबंध

हाल ही में कतर की मीडिया अल जजीरा पर पाकिस्तान में प्रतिबंध लगा दिया गया था. दरअसल अल जजीरा लगातार लोगों को पीओके के सच्चाई दिखा रहा था और सेना को बेनकाब कर रहा था. सरकारी मीडिया में कवरेज न होने के कारण पाकिस्तान के लोगों को भी अल जजीरा के माध्यम से पीओके की खबरें पता चल रहीं थीं.

ऐसे में सरकार ने अल जजीरा पर गलत रिपोर्टिंग का आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगा दिया था.

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