राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स समिट (12-13 सितंबर) से ठीक पहले, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने उस सीनियर मिलिट्री कमांडर को अहम पद से हटा दिया है, जिसने गलवान घाटी की झड़प के दौरान चीन की पीएलए-आर्मी की कमान संभाल रखी थी.
वर्ष 2020 में जनरल झांग यॉक्सिया, चीन के वेस्टर्न थिएटर कमांड का चीफ था, जिसकी जिम्मेदारी भारत से सटी एलएसी ( वास्तविक नियंत्रण रेखा) की है.
जनरल झांग फिलहाल, चीन की उच्चतम सैन्य संस्था, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में वाइस चेयरमैन के पद पर तैनात था. सीएमसी के चेयरमैन का पद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पास है
हालांकि, ये कार्रवाई, जनरल झांग योक्सिया पर भ्रष्टाचार के मामले में हुई है, लेकिन शी जिनपिंग ने ये फैसला तब लिया है, जब इसी हफ्ते एनएसए अजीत डोवाल ने बीजिंग का दौरा कर भारत-चीन सीमा पर एक अहम बैठक की थी.
डोकलाम विवाद भी जनरल झांग के कार्यकाल में हुआ था
खास बात है कि वर्ष 2017 में सिक्किम-भूटान बॉर्डर पर हुए डोकलाम विवाद के दौरान भी जनरल झांग, चीन की वेस्टर्न कमांड का नेतृत्व कर रहा था. गलवान घाटी की झड़प के बाद, शी ने जनरल झांग को चीन के सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (सीएमसी) में नंबर दो की पोजीशन दी थी. जनरल झांग के अलावा शी ने सीएमसी के एक दूसरे जनरल लियू झेनली को भी करप्शन के मामले में बर्खास्त किया है.
भारत को सबक सिखाने के लिए गलवान झड़प की रची साजिश
माना जाता है कि डोकलाम विवाद में मुंह की खाने के बाद, जनरल झांग ने “भारत को सबक सिखाने” के इरादे से पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर गलवान घाटी का विवाद खड़ा किया था (जून 2020). करीब 45 वर्ष बाद, एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच खूनी झड़प हुई थी. इस झड़प में भारतीय सेना के कमांडिंग ऑफिसर, कर्नल संतोष बाबू सहित कुल 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे और करीब 100 सैनिक घायल हुए थे. चीन को भी इस झड़प में बड़ा नुकसान उठाना था. चीन ने हालांकि, अपने हताहत हुए सैनिकों का आंकड़ा आज तक जारी नहीं किया है.
वर्ष 2024 से सामान्य हुए भारत-चीन संबंध
गलवान घाटी की खूनी झड़प के बाद भारत और चीन के संबंधों में जबरदस्त दरार आ गई थी. लेकिन अक्टूबर 2024 में दोनों देशों ने डिसएंगेजमेंट करार करते हुए पूर्वी लद्दाख के सभी विवादित इलाकों से अपने-अपने सैनिकों को पीछे हटा लिया था. उसके बाद से 3488 किलोमीटर लंबी एलएसी पर शांति थी. यही वजह है कि पिछले महीने भारत और चीन ने एलएसी की तीनों (03) ट्रेड पोस्ट से व्यापार शुरू कर दिया था. वर्ष 2020 से ये व्यापार चौकियों पूरी तरह से बंद थी.
अगले महीने ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने शी जिनपिंग का दिल्ली दौरा
अगले महीने ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दिल्ली आना लगभग तय है. इसके अलावा रविवार से किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शुरू होने जा रही एससीओ समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शी जिनपिंग से मुलाकात संभव है. माना जा रहा है कि शी जिनपिंग, भारत से संबंधों को सुधारने की जुगत में है. इसी कड़ी में एनएसए डोवल का बीजिंग दौरा हुआ था.
डोवल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भारत-चीन सीमा को लेकर अहम बैठक की थी.
बीजिंग में हुई बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर दोनों देशों के सीमा विवाद में ‘अर्ली एंड सब्सटेंशियल हार्वेस्टिंग’ की बात कही थी. इसके मायने ये हैं कि भारत और चीन, एलएसी के उस हिस्से को लेकर कोई बड़ा शांति करार करने के लिए प्रयासरत हैं, जहां विवाद बेहद कम है.

