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मॉस्को-कीव में 72 घंटे का युद्धविराम, ट्रंप के दूत पुतिन से मिले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूतों का मॉस्को पहुंचने का नतीजा ये हुआ है कि रुस और यूक्रेन, दोनों ने अगले तीन दिनों के लिए एक दूसरे की राजधानी पर हमला करने पर रोक लगा दी है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने खुद अगले तीन दिनों (72 घंटे) के लिए सीमित युद्ध-विराम की तस्दीक की है.

शनिवार को ट्रंप के विशेष दूत, स्टीव विटकॉफ और जेरड कुशनर मॉस्को पहुंच चुके हैं और क्रेमलिन (मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस)  में पुतिन से करीब साढ़े तीन घंटे लंबी मुलाकात की. इस दौरान, पुतिन के हाथ में एक लाल फाइल दिखाई दी तो विटकॉफ के हाथ में एक मोटी काली फाइल थी. मुलाकात के दौरान, पुतिन ने अमेरिकी दूतों को यूक्रेन के खिलाफ रूसी सेना के ताजा ऑपरेशन्स की जानकारी दी. साथ ही बताया कि रशियन आर्मी किस तरह यूक्रेन के खिलाफ मजबूत स्थिति में है. 

पुतिन ने विटकॉफ और कुशनर को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूक्रेनी सेना  की नाजी विचारधारा को उजागर किया. पुतिन से मुलाकात के बाद कुशनर और विटकॉफ, मॉस्को से फ्लाइट के जरिए कीव के लिए रवाना हो गए. माना जा रहा है कि कीव में दोनों की मुलाकात जेलेंस्की से होगी. कीव में अमेरिकी दूत, युद्ध रोकने के लिए पुतिन की शर्तों को जेलेंस्की से साझा कर सकते हैं.

 फरवरी 2022 के बाद पहली बार यूक्रेन का एयरस्पेस खुला

मॉस्को से कीव की हवाई यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि पिछले साढ़े चार साल से यूक्रेन की एयर-स्पेस पूरी तरह बंद है. फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया. तभी से दोनों देशों के बीच भीषण जंग जारी है और लाखों की तादाद में रूस और यूक्रेन के सैनिकों के हताहत होने के साथ आम लोगों की भी जान गई है. यूक्रेन के लाखों लोग बेघर हो गए हैं और बड़ी संख्या में यूक्रेनी नागरिकों ने देश छोड़कर यूरोप के दूसरे देशों में शरण लेने के लिए मजबूर हो गए हैं. रूस के हमलों के चलते यूक्रेन की पूरी एयरस्पेस नो-फ्लाई ज़ोन में तब्दील हो चुकी है.

यूक्रेनी इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर हमले के बाद सीमित युद्धविराम  

विटकॉफ और कुशनर के मॉस्को पहुंचने से पहले, पुतिन ने रशियन आर्मी को कीव के खिलाफ अगले तीन दिनों के लिए कोई हमला ना करने का आदेश दिया. शुक्रवार को रूस ने कीव में यूक्रेनी सिक्योरिटी एजेंसी, एसबीयू के हेडक्वार्टर पर ड्रोन अटैक किया था. हमले के बाद जेलेंस्की का गुस्सा सातवें आसमान पर था और यूक्रेनी फोर्सेज, क्रेमलिन पर हमला करने की तैयारी कर रही थी. लेकिन इससे पहले पुतिन ने युद्धविराम का ऐलान कर दिया.

सीआईए चीफ के मॉस्को दौरे ने तैयार की शांति वार्ता की जमीन

विटकॉफ और कुशनर का दौरा, अमेरिकी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी, सीआईए के चीफ जॉन रैटक्लिफ की गुपचुप मॉस्को यात्रा के बाद हुआ है. माना जा रहा है कि रैटक्लिफ ने रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रस्ताव की जमीन तैयार की थी. हालांकि, उस दौरान ये कहा गया था कि रैटक्लिफ का दौरा, सीआईए और रूसी इंटेलिजेंस एजेंसी एफएसबी के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर हुआ है. 

माना जा रहा है कि इस बार पुतिन भी यूक्रेन के साथ किसी समझौते के लिए तैयार है. क्योंकि पिछली बार जब विटकॉफ ने मॉस्को का दौरा किया था, तब पुतिन ने पूरे एक हफ्ते तक मिलने का समय नहीं दिया था. लेकिन इस बार मॉस्को एयरपोर्ट पर पहुंचने के तुरंत बाद क्रेमलिन में मिलने के लिए बुला लिया. इसी साल मार्च के महीने में जब ट्रंप ने विटकॉफ को मॉस्को भेजा था, तब पुतिन ने आठ (08) घंटे तक इंतजार कराया था. लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि पुतिन ने ट्रंप के युद्धविराम के प्रस्ताव को लगभग मान लिया है. हालांकि, जब विटकॉफ और कुशनर मॉस्को में थे, उस वक्त भी रूस ने यूक्रेन के डिनिप्रो प्रांत में एयर-स्ट्राइक की, जिसमें आम नागरिकों के हताहत होने की खबर सामने आई.

रविवार को विटकॉफ और कुशनर की जेलेंस्की से मुलाकात  

पुतिन ने साफ कर दिया है कि तीन दिनों के लिए युद्धविराम महज कीव के लिए है. ऐसे में विटकॉफ और कुशनर के जरिए भेजे गए ट्रंप का शांति प्रस्ताव, पुतिन को स्वीकार होगा या नहीं, एक बड़ा सवाल है. अब पूरी दुनिया की नजर, विटकॉफ और कुशनर की जेलेंस्की से मुलाकात पर लगी है. क्योंकि इससे पहले ट्रंप के शांति प्रस्ताव को जेलेंस्की ने ठुकरा दिया था. खासतौर से क्रीमिया और डोनबास जैसे इलाकों पर रूस के कब्जे को स्वीकार करना, जेलेंस्की को कतई पसंद नहीं है.

एंडलेस वॉर का होना चाहिए अंत: पीएम मोदी

पिछले हफ्ते, किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन से मुलाकात में एंडलेस वॉर को खत्म करने का आह्वान किया था. मोदी-पुतिन की मुलाकात के तुरंत बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कीव पहुंचकर जेलेंस्की से मुलाकात की थी और युद्ध रोकने के लिए हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया था. 

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