ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की कमान संभालने वाले एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह शनिवार को अपने पद से रिटायर हो रहे हैं. पिछले 42 वर्षों से एयर चीफ मार्शल सिंह देश को अपनी सेवाएं दे रहे थे. शनिवार को एयर चीफ मार्शल एपी सिंह वायुसेना की कमान, एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित को सौपेंगे. रिटायरमेंट से पहले, शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एपी सिंह के सम्मान में दी गई फेयरवेल पार्टी की तस्वीरें साझा की.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को धुआं-धुआं करने वाले वायुसेना प्रमुख को उनकी हाजिरजबावी और एलसीए तेजस प्रोजेक्ट की धीमी गति को लेकर सार्वजनिक तौर से किए गए सवालों के लिए हमेशा याद रखा जाएगा.
पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायुसेना के कंधों पर अहम जिम्मेदारी सौंपी थी. ऐसे में पाकिस्तान से ओपरेट करने वाले आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के मुख्यालयों को सबसे पहले वायुसेना के रफाल फाइटर जेट ने तबाह किया. पाकिस्तान ने ड्रोन अटैक के जरिए टकराव को बढ़ाने की कोशिश की तो भारतीय वायुसेना के सुखोई फाइटर जेट्स ने ब्रह्मोस मिसाइलों के जरिए पाकिस्तान के 11 एयरबेस को नेस्तनाबूत कर डाला.
क्या पाकिस्तान ने दिया हमारे फाइटर जेट गिराने का कोई सबूत
एयर स्ट्राइक के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स गिराने का दावा किया लेकिन वायुसेना प्रमुख ने ये कहकर पलटवार किया कि अगर ऐसा है तो पाकिस्तान को सबूत पेश करने होंगे. लेकिन पाकिस्तान के पास ऐसा कोई सबूत नहीं था जिससे भारत के रफाल या फिर किसी दूसरे लड़ाकू विमान गिराए जाने के दावों की पुष्टि की जा सके. ऐसे में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी.
एलसीए तेजस प्रोजेक्ट को लेकर एचएएल को लताड़ा
डोमेस्टिक फ्रंट पर भी वायुसेना प्रमुख ने सरकारी एविएशन कंपनी, एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) को नहीं बख्शा और फाइटर जेट्स की गिरती स्क्वाड्रन के लिए सीधे तौर से जिम्मेदार ठहरा डाला. क्योंकि, स्वदेशी लड़ाकू विमान एलसीए (लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट) तेजस का एडवांस वर्जन, मार्क-1ए का निर्माण करने में एचएएल ने काफी देर कर दी है. हालांकि, एलसीए मार्क-1ए के निर्माण में हो रही देरी का एक बड़ा कारण अमेरिका से एविएशन इंजन (एफ-404) की सप्लाई है.
एफ-35 एयरक्राफ्ट पर दिए बयान ने मचाई सनसनी
इसी महीने जोधपुर में आयोजित मल्टीनेशन एयर एक्सरसाइज तरंग-शक्ति के दौरान वायुसेना प्रमुख ने टॉप यूएस मिलिट्री कमांडर के मुंह पर बोल दिया कि आप हमें स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 बेचने की बात करते हैं, लेकिन उसके करीब तक आने नहीं देते हैं. तरंगशक्ति एक्सरसाइज में यूएस एयर फोर्स के छह एफ-35 लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया था. लेकिन एक्सरसाइज के दौरान, यूएस एयरफोर्स ने किसी भी देश के सैनिक को अपने इन पांचवी श्रेणी के फाइटर जेट के करीब नहीं फटकने दिया. ऐसे में एक्सरसाइज के समापन पर वायुसेना प्रमुख ने मीडिया के कैमरों की मौजूदगी में अपने मजाकिया लहजे में अमेरिकी कमांडर से शिकायत कर दी.
थिएटर कमांड और फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट पर सरकार से थी इतर राय
थिएटर कमांड और पांचवीं श्रेणी के फाइटर जेट को लेकर भी एयर चीफ मार्शल ने सरकार से इतर अपनी राय रखकर खूब सुर्खियां बटोरी. सरकार चाहती है कि सेना में थिएटर कमांड मॉडल को जल्द से जल्द लागू किया जाए. लेकिन वायुसेना प्रमुख ने साफ तौर से कह दिया कि विदेशी मॉडल की तर्ज पर भारत में थिएटर कमांड नहीं बनाए जा सकते हैं. पांचवीं श्रेणी के लड़ाकू विमानों को लेकर भी एयर चीफ ने जाते-जाते इशारा कर दिया कि भारतीय वायुसेना को स्वदेशी एमका (एडवांस मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट) मिलने में एक लंबा समय लग सकता है. ऐसे में सरकार को रूस या अमेरिका जैसे किसी मित्र-देश से जल्द कुछ फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट खरीद लेने चाहिए, जैसा 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने के दौरान किया गया था.
42 साल तक दी देश को सेवाएं, नहीं छूटा फाइटर जेट उड़ाने का मोह
वर्ष 1984 में एयर चीफ मार्शल सिंह, भारतीय वायुसेना में एक फाइटर पायलट के तौर पर शामिल हुए थे. पिछले 42 सालों में सिंह ने कई कमांड और स्टाफ पोस्ट पर अपनी सेवाएं दी हैं. वे वायुसेना की साउथ-वेस्ट कमांड (गांधीनगर हेडक्वार्टर) में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर और प्रयागराज स्थित सेंट्रल कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं.
नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) से पढ़ाई करने वाले एयर चीफ मार्शल सिंह को करीब पांच हजार (5000) घंटे फ्लाइंग का अनुभव हैं. वायुसेना में उन्हें एक टेस्ट पायलट और फ्लाइट-इंस्ट्रक्टर के तौर पर जाना जाता है, जो लड़ाकू विमानों के साथ-साथ हेलीकॉप्टर को भी उड़ाने की क्षमता रखते हैं. रिटायरमेंट तक वे फाइटर जेट उड़ाते देखे गए.
टेस्ट पायलट के तौर पर एयर मार्शल सिंह ने रूस में मिग-29 फाइटर जेट के अपग्रेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम की कमान का नेतृत्व किया था. इसके अलावा एलसीए तेजस के परीक्षण के दौरान भी उन्होंने प्रोजेक्ट डायरेक्टर (फ्लाइट टेस्ट) के तौर पर अहम भूमिका निभाई थी.


Leave feedback about this