इंडोनेशिया में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की जासूसी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. सिर्फ राष्ट्रपति की ही नहीं, इंडोनेशिया के कई बड़े नेताओं, हस्तियों और कारोबारियों के भी फोन टैप करके जासूसी की गई. और ये काम किसी ऐरे-गैरे हैकर ग्रुप का नहीं बल्कि इंडोनेशियाई पुलिस के तीन वरिष्ठ अफसरों का काम है.
मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है, वहीं अवैध फोन टैपिंग करने के मामले में तीन वरिष्ठ पुलिस जनरलों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.पुलिस का कहना है कि तीनों पर बिना अनुमति फोन कॉल और इलेक्ट्रॉनिक बातचीत की निगरानी करने का आरोप है।
सवाल है कि आखिर उन्होंने ये सब किसके कहने पर किया. क्या इसके पीछे कोई विदेशी साजिश थी या फिर किस बात पर नजर रखी जा रही थी.
आपको बता दें कि इंडोनेशिया लगातार अपने डिफेंस क्षेत्र को मजबूत कर रहा है, और वो साउथ एशिया के देशों से लगातार अपने द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने में जुटा है.
इंडोनेशिया में राष्ट्रपति की जासूसी, बड़ा खुलासा
इंडोनेशिया में एक बड़े जासूसी नेक्सस के खुलासे से हंगामा मच गया है. राष्ट्रपति सुबियांतो समेत कई बड़ी हस्तियों के फोन की गैरकानूनी तरीके से टैपिंग करके जासूसी की गई. ये जासूसी साल 2025-2026 के बीच की गई. इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब जासूसी कांड से जुड़े अधिकारियों ने इंटरसेप्ट की गई बातचीत को सिस्टम से मिटाने के आदेश दिए, ताकि सबूत गायब किए जा सकें.
इसी एक चूक के बाद आरोपी अधिकारी आपराधिक जांच एजेंसी के रडार पर आ गए. इंडोनेशिया के राष्ट्रीय पुलिस की आपराधिक जांच एजेंसी के प्रमुख सफरुद्दीन ने बताया कि पुलिस के तीनों अधिकारियों पर बिना अनुमति संचार माध्यमों को इंटरसेप्ट करने, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बनाने और डिजिटल डेटा मिटाने की कोशिश की.
सफरुद्दीन ने जकार्ता स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों ने राष्ट्रपति, सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक नेताओं, मीडिया हस्तियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, एनजीओ कार्यकर्ताओं और कारोबारियों के फोन नंबरों की अवैध निगरानी की.
पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अधिकारियों में राष्ट्रपति के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल लिस्त्यो सिगित प्रबोवो, राष्ट्रीय पुलिस के कानूनी विभाग के प्रमुख इंस्पेक्टर जनरल अहरी सोंटा नसुशन और राष्ट्रीय पुलिस के शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ प्रशिक्षक इंस्पेक्टर जनरल एको हादी संतुसो शामिल हैं.
11 मोबाइल, एक आईपैड, पेन ड्राइव जब्त
पुलिस के मुताबिक, कई फोन नंबरों को बिना उचित सत्यापन के लॉफुल इंटरसेप्शन मैनेजमेंट सिस्टम में दर्ज किया गया था. हाल ही में आरोपियों ने इस सिस्टम से इंटरसेप्ट की गई बातचीत से जुड़ी फाइलें भी हटाने के आदेश दिए, ताकि कथित गतिविधियों के सबूत मिटाए जा सकें.
“मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 10 गवाहों और तीन विशेषज्ञों से पूछताछ की है. साथ ही 11 मोबाइल फोन, एक आईपैड और चार पेन ड्राइव भी जब्त की हैं.”
हालांकिइंडोनेशिया के कानून, मानवाधिकार, आव्रजन और सुधार मंत्री युसरिल इहजा महेंद्र ने कहा कि “जांच में फिलहाल तीनों सक्रिय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ राजद्रोह का कोई संकेत नहीं मिला है.”
लेकिन पुलिस ने यह साफ नहीं किया है कि राष्ट्रपति और अन्य लोगों के फोन टैप करने के पीछे आखिर क्या मकसद था. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है.


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