By Nalini Tewari
दीपावली से पहले मोदी सरकार ने अग्निवीरों को बहुत बड़ी गुडन्यूज दी है. हमेशा से कंट्रोवर्सी में रहने वाले अग्निपथ योजना के तहत रिटायर हो रहे अग्निवीरों के पहले बैच को सरकार ने 02 वर्षों का विस्तार दे दिया है.
यानि पहले बैच के 25 प्रतिशत अग्निवीर तो योग्यता के अनुसार सेना में स्थाई सैनिक बन जाएंगे वहीं बाकी के 75 प्रतिशत अग्निवीरों को कार्यकाल अब 04 साल से बढ़ाकर 06 वर्ष कर दिया गया है.
इसकी घोषणा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने की. सीडीएस ने बताया कि कैबिनेट ने अग्निपथ योजना में 04 फैसले किए हैं, जिससे अग्निपथ योजना और मजबूत होगी.
यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब सेना के तीनों अंग नवंबर 2026 के मध्य से अग्निपथ योजना के पहले बैच के लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चरणबद्ध तरीके से सेवा से मुक्त करने की तैयारी कर रहे थे।
इन 04 वर्षों में अग्निवीरों पर सकारात्मक फीडबैक मिला: सीडीएस
सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने जानकारी साझा करते हुए कहा, “आज इंडियन डिफेंस फोर्सेज के लिए और हमारे अग्निवीरों के लिए आज बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है. आज कैबिनेट ने सारे अग्निवीरों के लिए एक पाथवे क्रिएट किया है जिससे कि वो इंडियन डिफेंस फोर्सेज में अब्जॉर्ब हो जाएंगे.
सीडीएस ने कहा, “14 जून 2022 में अग्निपथ स्कीम लाई गई थी, उस समय भी यह बात हुई थी कि हम अग्निवीरों की परफॉर्मेंस लगातार देखते रहेंगे, और टाइम टू टाइम स्कीम की समीक्षा करेंगे, इन चार अभी फर्स्ट बैच ऑफ अग्निवीर का 4 साल खत्म होने वाला है. इन 4 सालों के दौरान जो हमने उनका परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन किया, बहुत ही सकारात्मक फीडबैक उनके परफॉरमेंस के बारे में हमको मिला है.”
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया, “जैसा आप जानते हैं, मेरिट के हिसाब से 25% ऑफ अग्निवीर्स को जो है, रेगुलर फोर्सेज में चले जाएंगे. अभी पहले यह था कि 75% अग्निवीर को दो साल का एक और इंगेजमेंट पीरियड का ऑफर दिया जाएगा.”
रिटायर हो रहे अग्निवीरों को 2 वर्षों का विस्तार, प्वाइंट में समझें फैसला
- कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए नया रास्ता बनाया है.
- 25% को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में ले लिया जाएगा.
- बाकी 75% को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का ऑफर मिलेगा.
- उस 2 साल के बाद जो अग्निवीर आगे काम करना चाहेंगे उन्हें चयन मानदंड के तहत सशस्त्र बलों में नियमित रूप से शामिल किया जाएगा.
अग्निवीरों का पहला बैच पूरा कर रहा कार्यकाल, फैसले पर सियासत शुरू
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया. करीब 18,000 अग्निवीरों को कुछ सप्ताह बाद सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होना था.
सीडीएस ने कहा कि “कैबिनेट ने दो साल की इस अवधि को मंजूरी दी है. सभी जिलों से अग्निवीर आ रहे हैं. पारदर्शिता के लिए अब पहले लिखित परीक्षा ली जा रही है, फिर फिजिकल टेस्ट ले रहे हैं. चार वर्षों की अवधि में अग्निवीरों की फिजिकल फिटनेस, हौसला और अनुशासन उच्च स्तर का रहा है. उनकी दक्षता को बढ़ाने के लिए प्रयास किए गए हैं. 10वीं पास अग्निवीरों को आगे की पढ़ाई कराई गई है. फीडबैक और समीक्षा के बाद निर्णय लिया गया कि 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अवधि और दी जाएगी. इसके तहत उन्हें ज्यादा सेवा निधि मिलेगी.”
एमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सीडीएस की घोषणा पर सवाल किया, कि “क्या उन्हें (अग्निवीरों को) स्वास्थ्य बीमा मिलेगा? क्या उन्हें वैसी ही सुविधाएं मिलेंगी जैसी सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों को दी जाती हैं? हमने शुरू से ही इसका विरोध किया था और आज भी हम इसका विरोध करते हैं.”

