लगातार चौथे दिन मिडिल ईस्ट में हालात तनावपूर्ण हैं. अमेरिका-इजरायल का सैन्य ऑपरेशन थम नहीं रहा, तो बिना शीर्ष नेतृत्व के ईरानी सेना हमला करने से रुक नहीं रही. खाड़ी देश में लोग खौफ में हैं, उग्र हमलों के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर करारा वार किया है.
अराघची ने अमेरिकी विदेश सचिव (मंत्री) मार्को रुबियो के बयान को आधार बनाते हुए कहा है कि अमेरिका ने सच्चाई स्वीकार कर ली है कि अमेरिका अपनी मर्जी से जंग में उतरा है, जबकि ईरान किसी के लिए भी खतरा नहीं था. जंग के लिए इजरायल फर्स्ट वाले जिम्मेदार है.
अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, कि अमेरिकी लोग बेहतर के हकदार है, उन्हें अपने देश वापस लौट जाना चाहिए.
अराघची से पहले मार्को रुबिया ने अपने बयान में कहा था कि हमें पता था कि ईरान पर इजरायल अटैक करेगा और अगर हम (अमेरिका) इसमें शामिल नहीं होता तो ईरान के वार से अमेरिका को ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता क्योंकि इजरायल के हमले के बाद ईरान, हमको निशाना बनाता.
अमेरिका ने सच्चाई स्वीकार की, अपनी मर्जी से चुना युद्ध: अराघची
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने ताजा बयान में कहा है कि उन्हें इजरायली हमले की प्लानिंग के बारे में जानकारी मिलने के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ जंग की शुरुआत की. रुबियो के इस बयान से ईरानी विदेश मंत्री भड़क गए हैं. अब्बास अराघची ने कहा है कि “रुबियो के बयान से साबित हो गया कि ईरान कभी भी कोई तथाकथित “खतरा” नहीं था. वो जबर्दस्ती इस युद्ध में कूद पड़े हैं और खामियाजा भुगत रहे हैं.”
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद अराघची ने साफ-साफ कह दिया है कि “अब अमेरिका के साथ बातचीत का कोई सवाल ही नहीं हैं.”
ईरान ऐसे बंकर बना रहा था जिसे भेद नहीं सकते थे, ये अंतहीन युद्ध नहीं: इजरायली पीएम नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि “ईरान पर तुरंत हमला जरूरी था. क्योंकि ईरान सुरक्षित न्यूक्लियर साइट बना रहा था.ऐसे बंकर बना रहा था जिसे भेद नहीं सकते थे. अगर कार्रवाई नहीं करते तो ईरान बेकाबू होता और पूरी दुनिया के लिए खतरा बन जाता.”
नेतन्याहू ने कहा, “हमें अभी कार्रवाई करनी पड़ी, इसका कारण यह है कि उनके परमाणु ठिकानों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर हमला करने के बाद आपको लगेगा कि वे सबक सीखेंगे, लेकिन उन्होंने नहीं सीखा क्योंकि वे सुधरने वाले नहीं हैं, वे अमेरिका को नष्ट करने के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह से कट्टर हैं इसलिए उन्होंने कुछ ही महीनों में नए ठिकाने, नई जगहें, भूमिगत बंकर बनाना शुरू कर दिया, जो उनके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु बम कार्यक्रम को सुरक्षित कर देते. अगर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में भी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती.”
नेतन्याहू ने कहा है कि “पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहा संघर्ष अंतहीन युद्ध नहीं होगा. हालांकि इसमें कुछ समय लग सकता है. यह अभियान “एक त्वरित और निर्णायक कार्रवाई होगी. लेकिन इसमें वर्षों नहीं लगेंगे.”
कूटनीतिक समाधान की कोशिशें शुरु की गईं
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने खाड़ी क्षेत्र के कई नेताओं से बातचीत की है. यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि “क्षेत्र में हो रही सैन्य गतिविधियों का पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे हालात का सबसे ज्यादा असर हमेशा कमजोर और गरीब देशों पर पड़ता है. खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ता है. होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही बंद होती है, तो ऊर्जा की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं.”

