भारत में अपराध कर कनाडा और अमेरिका जैसे देश भाग जाने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं है. क्योंकि देश में इंटरपोल की तर्ज पर आ गया है ‘भारतपोल’. इस खास पोर्टल से देश की सभी राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां दुनियाभर के 195 देशों की एजेंसियों से जुड़ जाएंगी ताकि भगोड़े अपराधियों की जानकारी साझा की जा सके.
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में सीबीआई द्वारा विकसित भारतपोल पोर्टल का शुभारंभ किया. इस मौके पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि भारतपोल की शुरुआत के साथ, अंतर्राष्ट्रीय इन्वेस्टिगेशन में भारत एक नए युग में प्रवेश कर रहा है.
अमित शाह ने कहा कि ‘भारतपोल’ और देश के तीन नये आपराधिक कानून, क्राइम करके विदेश भागे भगौड़ों को पकड़ने का मजबूत माध्यम बनेंगे. इन कानूनों में जुड़े ‘ट्रायल इन एबसेंसिया’ के माध्यम से अपराध कर विदेश भागे भगौड़ों की अनुपस्थिति में केस चला कर उन्हें सजा दी जा सकेगी. (https://x.com/AmitShah/status/1876574030473601196)
ड्रग्स, हथियार और मानव तस्करी या सीमा पार से होने वाले आतंकवाद जैसे अपराधों के खिलाफ ‘भारतपोल’ के नेटवर्क के माध्यम से दुनियाभर के देशों के साथ जानकारी साझा कर सहयोग प्राप्त होगा.
‘भारतपोल’ पर इंटरपोल के 19 प्रकार के डेटाबेस उपलब्ध होंगे, जो अपराधों का विश्लेषण करने, उन्हें रोकने और अपराधियों को पकड़ने में मददगार साबित होंगे.
गृह मंत्री ने कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ते और वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हमें अपनी व्यवस्था को अपग्रेड करना होगा और भारतपोल इसी दिशा में एक कदम है. (https://x.com/AmitShah/status/1876582183315612153)
अमित शाह के मुताबिक, भारतपोल के माध्यम से रियल टाइम में अपराध नियंत्रण के लिए वैश्विक नेटवर्क के साथ डेटा शेयरिंग और रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य नोटिस को जारी करने के लिए दूसरे देशों के और हमारे अनुरोधों पर हम तेज़ी से काम कर सकेंगे.
शाह ने कहा कि कई सालों तक भारत में अपराध कर दुनिया के अन्य देशों में भाग जाने वाले अपराधी हमारे कानूनों की पकड़ से बाहर रहे हैं लेकिन ब समय आ गया है कि आधुनिक व्यवस्था का उपयोग कर कानून की पहुंच से बाहर रहे अपराधियों को हमारे कानून की गिरफ्त में लाया जाए.


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