By Nalini Tewari
अमेरिका के साथ जारी जंग के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं. सैन्य संघर्ष के दौरान ये पहला मौका है जब ईरान के किसी बड़े चेहरे ने दुश्मन देश की धरती पर कदम रखा हो. कड़ी सिक्योरिटी के घेरे में अराघची को रखा गया है, जहां संयुक्त राष्ट्र महासभा यानि यूएनजीए में सम्मिलित होंगे. (https://www.instagram.com/reel/DdlCfLTRuQq/?stkn=MWlxa2lxMzUxeHR3Mw==)
पूरी दुनिया की निगाह यूएनजीए पर इसलिए टिकी है, क्योंकि यूएनजीए में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का आमना सामना होगा. हालांकि एक्सपर्ट कह रहे हैं कि संयुक्त राष्ट्र पर्दे के पीछे अमेरिका-ईरान के तनाव को कम करने की कोशिश में है, और अमेरिकी प्रशासन की सीधे-सीधे पेजेश्कियान और अराघची के साथ मीटिंग हो सकती है.
लेकिन यूएनजीए से पहले ही ईरान ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं, ईरान ने कह दिया है कि होर्मुज पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
यूएन के मंच से दुनिया के सामने रखेंगे ईरान पर हुआ अत्याचार: अराघची
अमेरिका रवाना होने से पहले अराघची ने तेहरान में इशारा कर दिया है कि संयुक्त राष्ट्र के मंच से राष्ट्रपति पेजेश्कियान का संबोधन क्या रहेगा. अराघची ने तेहरान में कहा, कि “इस साल महासभा में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का मुख्य मकसद दुनिया के सामने अपनी बात रखना और जायोनी शासन के कायरतापूर्ण हमले के बाद ईरानी राष्ट्र के सही पक्ष, अधिकारों और हितों का बचाव करना है.”
अराघची ने कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल दुनिया के सामने ईरानी लोगों पर हुए अत्याचारों को रखने और देश के शहीदों को सम्मान देने के लिए भी किया जाएगा, जिनमें मिनाब स्कूल के शहीद और सबसे बढ़कर हमारे शहीद नेता शामिल हैं.”
यानि 28 फरवरी को जिस तरह से अमेरिका ने ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और सैन्य शीर्ष का खात्मा किया, इसे लेकर ईरान अमेरिका और इजरायल पर प्रहार करेगा.
ईरानी डेलीगेशन नहीं कर पाएंगे अमेरिका में महंगी शॉपिंग
अमेरिकी विदेश विभाग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने आए ईरानी डेलीगेशन पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है. ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं. जिसमें लग्जरी और दूसरे सामान खरीदने पर रोक शामिल है.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल मिलेनियम हिल्टन होटल में रुका हुआ है. तो अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को केवल हवाई अड्डे से अपने होटल और पास ही स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक आने-जाने की अनुमति दी है.
होर्मुज पर हमारा कब्जा, ईरान ने सेंटकॉम के दावों को झूठा बताया
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के दावों को झूठा और हास्यास्पद बताते हुए अमेरिका की आलोचना की है. ईरान की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के बयान को खारिज कर दिया. आईआरजीसी ने कहा है कि “होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण है और ईरान की इजाजत के बिना एक भी जहाज नहीं गुजर सकता.”
इसके अलावा ईरानी संसद के अध्यक्ष (स्पीकर) मोहम्मद बाकेर गालिबाफकहा है कि “जब तक अमेरिका ईरान की शर्तें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री यातायात के लिए बंद रहेगा. शर्तें पूरी होने तक होर्मुज को दोबारा खोलने या अमेरिका से पुरानी वार्ता में लौटने का सवाल ही पैदा नहीं होता.”

