अमेरिका का स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 पहली बार किसी युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहा है. मौका होगा इस हफ्ते शुरु हो रही भारतीय वायुसेना की मल्टीनेशन एयर एक्सरसाइज ‘तरंग-शक्ति’ जो जोधपुर में शुरु हो रही है (26 सितंबर-12 अक्टूबर).
एशिया की सबसे बड़ी एयर एक्सरसाइज माने जाने वाली तरंग-शक्ति में अमेरिका सहित करीब 40 देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं.
तरंग-शक्ति का ये दूसरा संस्करण है, जिसके जरिए भारतीय वायुसेना दुनिया की टॉप एयर फोर्स में शुमार होने जा रही है. दुनिया की चुनिंदा एयर फोर्स ही इतने बड़े स्तर की एयर एक्सरसाइज करती हैं. दो साल में एक बार होने वाली एक्सरसाइज, तरंग-शक्ति का पहला संस्करण, वर्ष 2024 में जोधपुर और सूलुर (तमिलनाडु) एयरबेस पर आयोजित किया गया था.
07 देशों के एयरक्राफ्ट सहित कुल 40 वायुसेनाएं करेंगी शिरकत
मंगलवार को राजधानी दिल्ली में तरंग-शक्ति की कर्टन रेजर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वायुसेना के वाइस चीफ (सह-प्रमुख) एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया कि अमेरिका सहित कुल सात देशों की वायुसेनाएं, अपने-अपने फाइटर जेट, मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और सर्विलांस विमानों के साथ जोधपुर पहुंच रही है. बाकी देशों की वायुसेनाएं, ऑब्जर्वर के तौर पर एक्सरसाइज में हिस्सा ले रही हैं. (https://x.com/iaf_mcc/status/2102385651916382256?s=46)
यूएस एयर फोर्स अपने छह (06) एफ-35 लड़ाकू विमानों और 02 केसी-135 एयर रिफ्यूलर (विमानों) के साथ तरंग-शक्ति में शिरकत कर रही है.
पहली बार युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने भारत आ रहा अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट
एयर मार्शल दीक्षित के मुताबिक, पहली बार अमेरिका का स्टील्थ फाइटर जेट किसी युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच रहा है. पिछले साल बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया प्रदर्शनी में जरूर एफ-35 ने हिस्सा लिया था. इसके अलावा पिछले साल ही इंग्लैंड के एक एफ-35 फाइटर जेट ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में इमरजेंसी लैंडिंग की थी. वायुसेना भी देश से बाहर की एक्सरसाइज में एफ-35 के साथ वॉर-ड्रिल में हिस्सा ले चुकी हैं.
टेक्नोलॉजी के साथ मैन बिहाइंड द मशीन भी महत्वपूर्ण: वाइस चीफ
मीडिया के इस सवाल पर कि क्या वाकई पांचवीं श्रेणी का लड़ाकू विमान, तरंग-शक्ति में हिस्सा लेने वाले दूसरे (4.5 श्रेणी) के फाइटर जेट्स पर भारी पड़ सकता है, वाइस चीफ ने कहा कि ये बात सही है कि टेक्नोलॉजी के मामले में एफ-35 जरूर एडवांस है. लेकिन एयर मार्शल दीक्षित ने साफ कहा कि बहुत बार मैन बिहाइंड द मशीन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है, यानी फाइटर पायलट का रण-कौशल.
वाइस चीफ के मुताबिक, ऐसे में 4-4.5 जेनरेशन फाइटर जेट भी फिफ्थ (05) जेनरेशन पर बढ़त बना सकता है. इसी को परखने के लिए तंरग-शक्ति एक्सरसाइज में ऐसी ड्रिल रखी गई हैं, जिससे इसका पता लगाया जा सके.
गौरतलब है कि हालिया मिडिल-ईस्ट जंग में, ईरान ने अमेरिका के एफ-35 फाइटर जेट को डिटेक्ट कर उस पर हमला कर दिया था. इस हमले में एफ-35 को नुकसान भी पहुंचा था. जबकि, स्टील्थ फाइटर जेट के बारे में कहा जाता है कि वे अदृश्य होते हैं और दुनिया के किसी रडार या प्रणाली उन्हें ढूंढ नहीं पाती है. यहां तक की रशिया ने अपने पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट सु-57 को यूक्रेन के खिलाफ जंग में बेहद कम इस्तेमाल किया है.
फ्रांस के रफाल और यूएई के एफ-16 भी लेंगे हिस्सा
फ्रांसीसी वायुसेना के साथ 06 राफेल (रफाल) लड़ाकू विमान और 02 एमआरटीटी रिफ्यूलर्स सहित 03 ए-400 मालवाहक विमानों के साथ हिस्सा लेगी. मिडिल-ईस्ट में छिड़ी जंग के बावजूद, यूएई अपने 06 एफ-16 फाइटर जेट और एक (01) ग्लोबल 6000 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट के साथ शिरकत कर रही है. जर्मनी की वायुसेना भी 02 ए400 विमान के साथ तरंग-शक्ति एक्सरसाइज में मौजूद रहेगी. ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश अपने-अपने सी-130 हरक्युलिस विमानों के साथ जोधपुर पहुंच रहे हैं तो श्रीलंका का एक किंग एयर-350 भी शामिल होगा.

