पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में मौत की अफवाहों और पार्टी समर्थकों और परिवार वालों से मिलने ना देने पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि कभी पूरे पाकिस्तान के चहेते पूर्व क्रिकेट स्टार के साथ ऐसा क्यूं हो रहा है. दरअसल, इसके पीछे है पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की अदावत. वही मुनीर, जो फील्ड मार्शल के तमगे के साथ पाकिस्तान की सबसे ताकतवर शख्सियत बन गया है.
मुनीर और इमरान खान की दुश्मनी की शुरुआत वर्ष 2019 से शुरू होती है. उस वक्त, पाकिस्तान की कमान इमरान खान के हाथों में थी और मुनीर, पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई का चीफ था. पाकिस्तानी सेना की तरह, आईएसआई भी पाकिस्तान को अपने उंगलियों पर नचाती थी. इसी दौरान, इमरान खान ने असीम मुनीर को आईएसआई प्रमुख के पद से हटा दिया था. आईएसआई के इतिहास में ये पहला मौका था कि किसी प्रमुख को कार्यकाल खत्म करने से पहले हटा दिया गया हो.
इमरान और मुनीर के बीच अदावत का कारण बनी थी बुशरा बीबी
ये आज तक एक बड़ा राज़ है कि इमरान ने मुनीर को आईएसआई के पद से हटाकर गुजरावाला कोर का कमांडर बना दिया. बताया जाता है कि इमरान की पत्नी बुशरा बीबी का इसमें बड़ा हाथ था. दरअसल, आईएसआई, बुशरा को गुपचुप तरीके से कुछ ऐसे राज साझा करती थी, जिसे पाकिस्तान के सत्ताधारियों तक को जानकारी नहीं थी. बुशरा को पाकिस्तान में एक महिला सूफी संत के तौर पर जाना जाता था. ऐसे में बुशरा, जो जानकारियां साझा करती थी, इमरान उसे अपनी पत्नी की अलौकिक (गुप्त) शक्तियां का कमाल समझता था. लेकिन भांडा फूटने पर इमरान खान भन्ना गया और आनन-फानन में अपना गुस्सा मुनीर पर निकाल दिया.
कहते हैं कि मुनीर ने उस वक्त कड़वाहट का घूंट पी लिया लेकिन सेना प्रमुख बनने के बाद इमरान खान से ऐसा बदला लिया कि पाकिस्तान की जनता सड़कों पर आ गई है. वर्ष 2022 में शहबाज शरीफ ने चुनाव जीतने के बाद असीम मुनीर को रिटायरमेंट से ठीक तीन दिन पहले सेना प्रमुख बना दिया. फिर क्या था, मुनीर ने इमरान खान से बदला लेना शुरु कर दिया.
मुनीर ने इमरान की पत्नी को भिजवाया था सलाखों के पीछे
मुनीर ने सबसे पहले इमरान खान की पत्नी बुशरा को भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेज दिया. इसके बाद 2023 में इमरान खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया. इस गिरफ्तारी से इमरान खान के समर्थक भड़क गए और पूरे पाकिस्तान में हिंसा फैल गई. इमरान के समर्थकों ने पाकिस्तानी सेना की छावनियों और अधिकारियों पर हमला कर दिया.
इमरान ने सलाखों के पीछे से भी मुनीर पर निशाना बनाना नहीं छोड़ा. इमरान ने जेल में बैठकर अखबारों में मुनीर के खिलाफ लेख लिखे और गुलामी की बजाए मौत को चुनना बेहतर समझा. ऐसे में मुनीर ने इमरान को नजरबंद कर दिया और किसी से भी मिलना-जुलना बंद करा दिया. ऐसे में कई महीनों से इमरान खान से उसके परिवारवालें और समर्थक नहीं मिल पाएं हैं. इन सबके बीच, अफगानिस्तान की मीडिया ने पहले जेल में इमरान पर हमले की खबर छापी और फिर मौत की खबर छाप दी.
इमरान के स्वास्थ्य को लेकर पार्टी समर्थकों में जबरदस्त रोष
जेल प्रशासन ने इमरान के स्वास्थ्य को लेकर बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि इमरान खान की सेहत एकदम दुरुस्त है लेकिन समर्थक मानने को तैयार नहीं है. ऐसे में मुनीर और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ इमरान की बहन और दूसरे परिवार वालों ने मोर्चा खोल दिया है. ऐसे में आने वाले दिनों में पाकिस्तान में एक बार फिर अस्थिरता का माहौल छा सकता है.

